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छह माह के भीतर जिले भर में 318 लोगों ने सड़क पर तोड़ा दम
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:26 PM IST
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छह माह के भीतर 318 लोगों ने सड़कों पर तोड़ा दम
- जिलेभर में छह माह के भीतर हुए कुल 249 हादसे
- एनएच पर 117 हादसों में 168 की गई जान
- सिकंदराबाद, ठंडी प्याऊ चौकी, अरनियां बन रहे डेथ प्वाइंट
विकास वत्स
बुलंदशहर। जनपद से गुजर रहे नेशनल हाईवे -91 पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक छह माह के भीतर जिले में 249 हादसों में 318 लोगों ने जान गंवाई। इनमें से 117 हादसे एनएच पर हुए। मुख्य रुप से नेशनल हाईवे पर कुछ प्वाइंट एक्सीडेंटल जोन बनते नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
नेशनल हाईवे-91 के चौड़ीकरण के बाद से इस रूट पर हादसों की संख्या काफी बढ़ गई है। बीते पांच माह का आंकड़ा देखें तो औसतन हर रोज दो से तीन लोग जिले में हादसों का शिकार हो रहे हैं। यही नहीं मुख्य रूप से सिकंदराबाद का इंडस्ट्रियल एरिया, बाईपास, बुलंदशहर स्थित खुर्जा बाईपास, ठंडी प्याऊ चौकी, खुर्जा स्थित बुलंदशहर बाईपास, अरनियां स्थित नेशनल हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। बावजूद इसके इस ओर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की नजर नहीं जा रही है। कई स्थानों पर न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही यातायात चिन्ह, जिससे रात में होने वाले हादसों को कम किया जा सके।
फरवरी से जुलाई तक के आंकड़े
फरवरी माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 42 मौत- 59 घायल- 82
एनएच पर हादसे- 28 मौत- 38 घायल- 49
मार्च माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 37 मौत- 52 घायल- 93
एनएच पर हादसे- 19 मौत- 29 घायल- 57
अप्रैल माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 44 मौत- 61 घायल- 110
एनएच पर हादसे- 21 मौत- 27 घायल- 62
मई माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 43 मौत- 57 घायल- 93
एनएच पर हादसे- 24 मौत- 26 घायल- 39
जून का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 39 मौत- 58 घायल- 109
एनएच पर हादसे- 18 मौत- 37 घायल- 68
जुलाई का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 44 मौत- 31 घायल- 78
एनएच पर हादसे- 7 मौत- 11 घायल- 29
छह माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 249 मौत- 318 घायल- 565
एनएच पर हादसे- 117 मौत- 168 घायल- 303
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- जिलेभर में छह माह के भीतर हुए कुल 249 हादसे
- एनएच पर 117 हादसों में 168 की गई जान
- सिकंदराबाद, ठंडी प्याऊ चौकी, अरनियां बन रहे डेथ प्वाइंट
विकास वत्स
बुलंदशहर। जनपद से गुजर रहे नेशनल हाईवे -91 पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक छह माह के भीतर जिले में 249 हादसों में 318 लोगों ने जान गंवाई। इनमें से 117 हादसे एनएच पर हुए। मुख्य रुप से नेशनल हाईवे पर कुछ प्वाइंट एक्सीडेंटल जोन बनते नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
नेशनल हाईवे-91 के चौड़ीकरण के बाद से इस रूट पर हादसों की संख्या काफी बढ़ गई है। बीते पांच माह का आंकड़ा देखें तो औसतन हर रोज दो से तीन लोग जिले में हादसों का शिकार हो रहे हैं। यही नहीं मुख्य रूप से सिकंदराबाद का इंडस्ट्रियल एरिया, बाईपास, बुलंदशहर स्थित खुर्जा बाईपास, ठंडी प्याऊ चौकी, खुर्जा स्थित बुलंदशहर बाईपास, अरनियां स्थित नेशनल हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। बावजूद इसके इस ओर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की नजर नहीं जा रही है। कई स्थानों पर न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही यातायात चिन्ह, जिससे रात में होने वाले हादसों को कम किया जा सके।
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फरवरी से जुलाई तक के आंकड़े
फरवरी माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 42 मौत- 59 घायल- 82
एनएच पर हादसे- 28 मौत- 38 घायल- 49
मार्च माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 37 मौत- 52 घायल- 93
एनएच पर हादसे- 19 मौत- 29 घायल- 57
अप्रैल माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 44 मौत- 61 घायल- 110
एनएच पर हादसे- 21 मौत- 27 घायल- 62
मई माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 43 मौत- 57 घायल- 93
एनएच पर हादसे- 24 मौत- 26 घायल- 39
जून का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 39 मौत- 58 घायल- 109
एनएच पर हादसे- 18 मौत- 37 घायल- 68
जुलाई का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 44 मौत- 31 घायल- 78
एनएच पर हादसे- 7 मौत- 11 घायल- 29
छह माह का आंकड़ा
जनपद भर में हादसे- 249 मौत- 318 घायल- 565
एनएच पर हादसे- 117 मौत- 168 घायल- 303