{"_id":"5afb1a204f1c1bd2408b58c3","slug":"15264056616-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मात्र छह माह में क्षय रोग से मिलेगी मुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मात्र छह माह में क्षय रोग से मिलेगी मुक्ति
Updated Tue, 15 May 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब छह माह में मिलेगी क्षय रोग से मुक्ति
- क्षय रोग से निजात दिलाने के लिए नई दवाइयां की शामिल
- अब तक दो साल के करीब चलता था इलाज और खानी पड़ती थी दवाई
अमर उजाला एसक्लूशिव
बुलंदशहर। क्षय रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें ज्यादा दिन दवा नहीं खानी होगी और बीमारी से भी मात्र छह माह में निजात मिलेगी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा आरएनटीसीपी कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके लिए शासन ने दो और नई दवाओं को शामिल की हैं।
केंद्र सरकार के आरएनटीसीपी कार्यक्रम के तहत जनपद में जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी का भी गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी और सचिव जिला क्षय रोग अधिकारी हैं। इस पूरे कार्यक्रम की प्रत्येक माह शासन स्तर से समीक्षा की जा रही हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता ने बताया अभी तक टीबी रोगी को 15 दवाओं की किट दी जाती थी और लगभग दो साल का कोर्स होता था और दो साल की लंबी दवा के बाद रोगी को क्षय रोग से मुक्ति मिलती थी। लेकिन अब सरकार ने आरएनटीसीपी कार्यक्रम के तहत टीबी रोगियों के उपचार में बेडाक्यूलिन और डिलामिंड दवाओं को शामिल किया है। जिससे अब मात्र छह माह में मरीज को क्षय रोग से मुक्ति मिल जाएगी।
एमडीआर रोगी को मिलेगी नई दवाई
क्षय रोग से जल्द निजात दिलाने के लिए पहले चरण में एमडीआर मरीजों को नई दवाई दी जाएगी। जिले में एमडीआर के 45 रोगियों का उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार लंबे समय तक दवाई खाने से अधिकांश रोगी बीच में ही दवाई खाना बंद कर देते थे। ऐसे रोगी को एमडीआर की श्रेणी में शामिल कर दिया जाता है और दो साल तक दवा खानी पड़ती थी लेकिन अब दो नई दवा शामिल होने से मात्र छह से नौ माह के कोर्स से टीबी रोग से मुक्ति मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- क्षय रोग से निजात दिलाने के लिए नई दवाइयां की शामिल
- अब तक दो साल के करीब चलता था इलाज और खानी पड़ती थी दवाई
अमर उजाला एसक्लूशिव
बुलंदशहर। क्षय रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें ज्यादा दिन दवा नहीं खानी होगी और बीमारी से भी मात्र छह माह में निजात मिलेगी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा आरएनटीसीपी कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके लिए शासन ने दो और नई दवाओं को शामिल की हैं।
केंद्र सरकार के आरएनटीसीपी कार्यक्रम के तहत जनपद में जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी का भी गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी और सचिव जिला क्षय रोग अधिकारी हैं। इस पूरे कार्यक्रम की प्रत्येक माह शासन स्तर से समीक्षा की जा रही हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता ने बताया अभी तक टीबी रोगी को 15 दवाओं की किट दी जाती थी और लगभग दो साल का कोर्स होता था और दो साल की लंबी दवा के बाद रोगी को क्षय रोग से मुक्ति मिलती थी। लेकिन अब सरकार ने आरएनटीसीपी कार्यक्रम के तहत टीबी रोगियों के उपचार में बेडाक्यूलिन और डिलामिंड दवाओं को शामिल किया है। जिससे अब मात्र छह माह में मरीज को क्षय रोग से मुक्ति मिल जाएगी।
विज्ञापन
एमडीआर रोगी को मिलेगी नई दवाई
क्षय रोग से जल्द निजात दिलाने के लिए पहले चरण में एमडीआर मरीजों को नई दवाई दी जाएगी। जिले में एमडीआर के 45 रोगियों का उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार लंबे समय तक दवाई खाने से अधिकांश रोगी बीच में ही दवाई खाना बंद कर देते थे। ऐसे रोगी को एमडीआर की श्रेणी में शामिल कर दिया जाता है और दो साल तक दवा खानी पड़ती थी लेकिन अब दो नई दवा शामिल होने से मात्र छह से नौ माह के कोर्स से टीबी रोग से मुक्ति मिलेगी।
विज्ञापन