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नहर में पानी सूखा, किसानों की बढ़ी परेशानी
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:33 AM IST
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नहर में पानी सूखा, किसानों की बढ़ी परेशानी
जहांगीराबाद। क्षेत्र के पास से गुजर रही नहरों व बंबों में काफी दिनों से नाममात्र का पानी था। जिससे पशुओं की प्यास बुझना तक मुश्किल हो रहा था। वहीं, गेहूं की फसल कटने के बाद खेतों में पानी लगाना है। इस समय खेतों में मक्का, अरबी, मिर्च, तोरई, लौकी आदि हरी सब्जियां उगाने के लिए खेतों में पानी की जरूरत है, लेकिन नहर में बिना पानी के यह काम रुका पड़ा है। मजबूरी में किसान इंजन पंपसेट की मदद से पानी लगा रहे हैं, लेकिन इसमें काफी खर्चा आ रहा है। साथ ही सभी किसानों के पास यह सुविधा भी नहीं है। नहर के पानी पर निर्भर किसान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। गांव चरौरा के प्रधान रामपाल सिंह कहते हैं कि नहर में पानी न आने से खेत में अगली फसल करने को परेशानी आ रही है। राकेश चौधरी खदाना का कहना है कि नहर में पानी भरपूर मिले तो खेत में आसानी हो। किसान ओंकार सिंह बताते हैं कि कुछ महीनों पहले तक नहर में पानी काफी था, लेकिन गर्मी आते-आते लगभग पूरा पानी सूख गया है। किसान गिरीश शर्मा ने कहा कि यह स्थिति नहर में पूरा पानी न छोड़ने से बनी है। अगर जल्द ही पानी नहीं दिया गया तो मक्का आदि की अगली फसलें करना मुश्किल होगा।
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जहांगीराबाद। क्षेत्र के पास से गुजर रही नहरों व बंबों में काफी दिनों से नाममात्र का पानी था। जिससे पशुओं की प्यास बुझना तक मुश्किल हो रहा था। वहीं, गेहूं की फसल कटने के बाद खेतों में पानी लगाना है। इस समय खेतों में मक्का, अरबी, मिर्च, तोरई, लौकी आदि हरी सब्जियां उगाने के लिए खेतों में पानी की जरूरत है, लेकिन नहर में बिना पानी के यह काम रुका पड़ा है। मजबूरी में किसान इंजन पंपसेट की मदद से पानी लगा रहे हैं, लेकिन इसमें काफी खर्चा आ रहा है। साथ ही सभी किसानों के पास यह सुविधा भी नहीं है। नहर के पानी पर निर्भर किसान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। गांव चरौरा के प्रधान रामपाल सिंह कहते हैं कि नहर में पानी न आने से खेत में अगली फसल करने को परेशानी आ रही है। राकेश चौधरी खदाना का कहना है कि नहर में पानी भरपूर मिले तो खेत में आसानी हो। किसान ओंकार सिंह बताते हैं कि कुछ महीनों पहले तक नहर में पानी काफी था, लेकिन गर्मी आते-आते लगभग पूरा पानी सूख गया है। किसान गिरीश शर्मा ने कहा कि यह स्थिति नहर में पूरा पानी न छोड़ने से बनी है। अगर जल्द ही पानी नहीं दिया गया तो मक्का आदि की अगली फसलें करना मुश्किल होगा।