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सीएचसी पर आठ लाख बकाया, कट सकता है विद्युत कनेक्शन
Updated Fri, 09 Mar 2018 11:04 PM IST
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सीएचसी पर आठ लाख बकाया, कट सकता है विद्युत कनेक्शन
डिबाई। तीस बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली का बीस किलो वाट का कनेक्शन लगा है, जिसका लगभग साठ हजार रुपयेे हर माह बिल आता है। परिसर में लगे ट्रंासफार्मर से ही 16 स्टाफ आवासों में सप्लाई दी जाती है।
विद्युत विभाग का स्वास्थ्य विभाग पर आठ लाख रुपयों की धनराशी का बिल कई माह से बकाया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग हर माह साठ हजार रुपये की बिजली फूंक रहा है। वहीं अस्पताल में बिजली संबंधित कम इस्तेमाल होने वाली एक्सरे मशीन के अलावा कोई लोड वाला बिजली संयंत्र नहीं लगा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक हेमंत गिरि के अलावा चिकित्सक भूपेंद्र सिंह, दंत चिकितसक मनोज कुमार व आयुष महिला चिकित्सक निरजा शर्मा के अलावा दो फार्माशिष्ठ प्यारे लाल व प्रभात गौड़ अपनी सेवायें दे रहे है। वार्डबॉय पवन, विकास तथा स्टाफ नर्स मधुवाला व बीना शर्मा के अलावा स्वीपर मात्र एक है जो पहासू से अटैच है। आंखों के उपचार को एक आपटीशियन चंद्रभान व लैब टेकभनीशियन सचिन कुमार है। यही स्टाफ इन क्वाटरों में रह रहा है। सूत्रों की मानें तो कई क्वाटरों में गर्मियों के मौसम में एसी व ठंड में हीटर का इस्तेमाल होता है। जानकारों की मानें तो रसोई में खाना बनाने में भी हीटर का उपयोग किया जा रहा है। सीएमओं के नोटिस देने के उपरांत भी स्टाफ कर्मचारियों में कोई भय नहीं है।
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डिबाई। तीस बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली का बीस किलो वाट का कनेक्शन लगा है, जिसका लगभग साठ हजार रुपयेे हर माह बिल आता है। परिसर में लगे ट्रंासफार्मर से ही 16 स्टाफ आवासों में सप्लाई दी जाती है।
विद्युत विभाग का स्वास्थ्य विभाग पर आठ लाख रुपयों की धनराशी का बिल कई माह से बकाया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग हर माह साठ हजार रुपये की बिजली फूंक रहा है। वहीं अस्पताल में बिजली संबंधित कम इस्तेमाल होने वाली एक्सरे मशीन के अलावा कोई लोड वाला बिजली संयंत्र नहीं लगा है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक हेमंत गिरि के अलावा चिकित्सक भूपेंद्र सिंह, दंत चिकितसक मनोज कुमार व आयुष महिला चिकित्सक निरजा शर्मा के अलावा दो फार्माशिष्ठ प्यारे लाल व प्रभात गौड़ अपनी सेवायें दे रहे है। वार्डबॉय पवन, विकास तथा स्टाफ नर्स मधुवाला व बीना शर्मा के अलावा स्वीपर मात्र एक है जो पहासू से अटैच है। आंखों के उपचार को एक आपटीशियन चंद्रभान व लैब टेकभनीशियन सचिन कुमार है। यही स्टाफ इन क्वाटरों में रह रहा है। सूत्रों की मानें तो कई क्वाटरों में गर्मियों के मौसम में एसी व ठंड में हीटर का इस्तेमाल होता है। जानकारों की मानें तो रसोई में खाना बनाने में भी हीटर का उपयोग किया जा रहा है। सीएमओं के नोटिस देने के उपरांत भी स्टाफ कर्मचारियों में कोई भय नहीं है।
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