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61 शौचालय निर्माण में गोलमाल, प्रधान से छीने अधिकार
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:08 PM IST
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61 शौचालयों के निर्माण में धांधली, प्रधान से छीने अधिकार
- सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव जौली का मामला
- जांच में पुष्टि होने पर डीएम ने प्रधान के खिलाफ की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव जौली में शौचालय निर्माण में गड़बड़झाला सामने आने पर डीएम ने प्रधान से अगले आदेश तक सभी अधिकार छीन लिए हैं। गौरतलब है कि शिकायत के बाद मौके पर सीडीओ ने मौका मुआयना भी किया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर डीएम ने यह कार्रवाई की है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि गांव जौली विगत वर्ष ग्रामीण की शिकायत पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/खंड विकास अधिकारी सिकंदराबाद ने जांच की थी। मौके पर सीडीओ भी जांच करने पहुंची थीं। जांच में सामने आया था कि गांव की महिला प्रधान ने शौचालय निर्माण में अनियमितताएं बरती हैं और स्वच्छ भारत अभियान के तहत अपात्रों के शौचालय बना दिए हैं। इतना ही नहीं पुराने शौचालयों कोे भी नया दर्शा दिया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन 61 अपात्रों के शौचालयों को राशि जारी की गई, उन्हें छह-छह हजार रुपये की राशि भी देना दर्शाया गया है। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा। इस पूरे मामले की जांच करवाई गई। इस बीच ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया। लेकिन, निर्धारित समय निकल जाने के बाद भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में आरोप साबित हो गए हैं और इस पर डीएम डॉ. रोशन जैकब ने प्रधान के अधिकार छीनने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच जारी है और ग्राम पंचायत का कामकाज देखने के लिए तीन पंचायत सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी आदेश तक प्रधान का पंचायत के किसी भी कार्य में हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
जिले को ओडीएफ करने के लिए राशि का इंतजार
बुलंदशहर। जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए प्रशासन और जिले की जनता को राशि का इंतजार है। राशि के अभाव में जिले को निर्धारित समय में ओडीएफ करने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। अब तक 1.55 लाख के सापेक्ष मात्र 70 हजार शौचालयों का ही निर्माण हो पाया है।
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स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण योजना के तहत जिले में 2.05 लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। योजना की शुरूआत में शासन से शौचालय निर्माण के लिए लगातार राशि मिलती रही। इस मद में अब तब जिले को करीब 65 करोड़ की राशि मिल चुकी है। जिले में अब तक 70 हजार शौचालय बनाए जा चुके हैं। अब तक मिली राशि से 55 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है, जबकि 15 हजार के करीब शौचालयों के लगभग 20 करोड़ रुपये मिलने शेष हैं। पर्याप्त राशि न मिलने से जिला प्रशासन ने शौचालय निर्माण के लक्ष्य को कम कर 1.55 लाख कर दिया है। अभी 85 हजार और शौचालय बनाए जाने हैं। गुलावठी ब्लॉक ओडीएफ होने के साथ जिले के 368 गांवों को ओडीएफ घोषित करने का दावा किया जा रहा है। जबकि अगौता, बीबीनगर, सिकंदराबाद और अरनिया ब्लॉक ओडीएफ की लाइन में हैं। मगर, राशि नहीं मिलने से अप्रैल माह तक जिले को ओडीएफ करने का लक्ष्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह का कहना है कि शौचालय बनाने का काम जारी है। शासन से लगातार राशि की डिमांड की जा रही है। यदि राशि लगातार मिलती रही तो जिले को निर्धारित समय पर ओडीएफ कर दिया जाएगा।
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- सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव जौली का मामला
- जांच में पुष्टि होने पर डीएम ने प्रधान के खिलाफ की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव जौली में शौचालय निर्माण में गड़बड़झाला सामने आने पर डीएम ने प्रधान से अगले आदेश तक सभी अधिकार छीन लिए हैं। गौरतलब है कि शिकायत के बाद मौके पर सीडीओ ने मौका मुआयना भी किया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर डीएम ने यह कार्रवाई की है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि गांव जौली विगत वर्ष ग्रामीण की शिकायत पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/खंड विकास अधिकारी सिकंदराबाद ने जांच की थी। मौके पर सीडीओ भी जांच करने पहुंची थीं। जांच में सामने आया था कि गांव की महिला प्रधान ने शौचालय निर्माण में अनियमितताएं बरती हैं और स्वच्छ भारत अभियान के तहत अपात्रों के शौचालय बना दिए हैं। इतना ही नहीं पुराने शौचालयों कोे भी नया दर्शा दिया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन 61 अपात्रों के शौचालयों को राशि जारी की गई, उन्हें छह-छह हजार रुपये की राशि भी देना दर्शाया गया है। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा। इस पूरे मामले की जांच करवाई गई। इस बीच ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया। लेकिन, निर्धारित समय निकल जाने के बाद भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में आरोप साबित हो गए हैं और इस पर डीएम डॉ. रोशन जैकब ने प्रधान के अधिकार छीनने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच जारी है और ग्राम पंचायत का कामकाज देखने के लिए तीन पंचायत सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी आदेश तक प्रधान का पंचायत के किसी भी कार्य में हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
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जिले को ओडीएफ करने के लिए राशि का इंतजार
बुलंदशहर। जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए प्रशासन और जिले की जनता को राशि का इंतजार है। राशि के अभाव में जिले को निर्धारित समय में ओडीएफ करने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। अब तक 1.55 लाख के सापेक्ष मात्र 70 हजार शौचालयों का ही निर्माण हो पाया है।
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स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण योजना के तहत जिले में 2.05 लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। योजना की शुरूआत में शासन से शौचालय निर्माण के लिए लगातार राशि मिलती रही। इस मद में अब तब जिले को करीब 65 करोड़ की राशि मिल चुकी है। जिले में अब तक 70 हजार शौचालय बनाए जा चुके हैं। अब तक मिली राशि से 55 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है, जबकि 15 हजार के करीब शौचालयों के लगभग 20 करोड़ रुपये मिलने शेष हैं। पर्याप्त राशि न मिलने से जिला प्रशासन ने शौचालय निर्माण के लक्ष्य को कम कर 1.55 लाख कर दिया है। अभी 85 हजार और शौचालय बनाए जाने हैं। गुलावठी ब्लॉक ओडीएफ होने के साथ जिले के 368 गांवों को ओडीएफ घोषित करने का दावा किया जा रहा है। जबकि अगौता, बीबीनगर, सिकंदराबाद और अरनिया ब्लॉक ओडीएफ की लाइन में हैं। मगर, राशि नहीं मिलने से अप्रैल माह तक जिले को ओडीएफ करने का लक्ष्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह का कहना है कि शौचालय बनाने का काम जारी है। शासन से लगातार राशि की डिमांड की जा रही है। यदि राशि लगातार मिलती रही तो जिले को निर्धारित समय पर ओडीएफ कर दिया जाएगा।