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गोवंश के चारे को सरकार के देगी प्रतिदन 30 रुपये
Updated Tue, 13 Feb 2018 11:09 PM IST
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गौवंश के चारे को सरकार के देगी प्रतिदन 30 रुपये
- शासन ने जारी किया आदेश, गौशालाओं से मांगे प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गौशालाओं में रहे गोवंश की सेवा के लिए शासन ने हाथ बढ़ा दिए हैं। अब सरकार गोवंश के चारे के लिए 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देगी। इसके लिए गौशालाओं से प्रस्ताव मांगे गए हैं। खास बात यह है कि यह लाभ गो सेवा आयोग से पंजीकृत गौशालाओं के गौवंश को ही मिलेगा।
शासन गोवंश खासकर गो सेवा के लिए काफी गंभीर है। इसे लेकर आदेश जारी किया गया है कि गौ सेवा आयोग से पंजीकृत गौशालाओं के गौवंश को प्रतिदिन 30 रुपये के हिसाब से दिया जाएगा। यह लाभ गोशाला मेें 70 फीसदी गौवंश को मिलेगा। मसलन यदि गौशाला में 100 गौवंश है तो उनमें से 70 गौवंश के लिए यह राशि मिलेगी। इसके पीछे का कारण यह है कि गौशालाओं में गौवंश की संख्या निर्धारित नहीं हो सकती। शासन का यह भी आदेश है कि इसके लिए तहसील और जिला मुख्यालय पर दो कमेटी बनेंगी। तहसील स्तर की कमेटी में एसडीएम, डिप्टी सीवीओ और खंड विकास अधिकारी होंगे। जबकि जिला मुख्यालय वाली कमेटी में डीएम द्वारा चयनित मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और गोसेवा आयोग के सदस्य शामिल होंगे। पंजीकृत गोशाला से प्रस्ताव मिलने के बाद ही गौवंश के चारे के लिए शासन से मिलने वाली राशि मुहैया करवाई जाएगी। प्रस्ताव 31 मार्च तक स्वीकार किए जाएंगे। शासन की ओर से गौवंश के लिए चारे को दी जाने वाली राशि का लाभ जिले की सात गौशालाओं को मिलेगा। जिले में हालांकि 20 से अधिक छोटी-बड़ी गौशालाएं हैं, लेकिन गौ सेवा आयोग से मात्र सात ही गौशाला ही पंजीकृत हैं।
कोट
जिले में गो सेवा आयोग से पंजीकृत गौशाला समिति के पदाधिकारी अपना प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी में जमा करवा सकते हैं। शासन के इस आदेश का लाभ उठाने के लिए वह अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं। शासन की इस पहल से गौवंश को चारा मिलेगा तो गौशाला संचालकों की भी परेशानी दूर होगी।
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- डा. लक्ष्मी नारायण, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
मनोज कुमार-
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- शासन ने जारी किया आदेश, गौशालाओं से मांगे प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गौशालाओं में रहे गोवंश की सेवा के लिए शासन ने हाथ बढ़ा दिए हैं। अब सरकार गोवंश के चारे के लिए 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देगी। इसके लिए गौशालाओं से प्रस्ताव मांगे गए हैं। खास बात यह है कि यह लाभ गो सेवा आयोग से पंजीकृत गौशालाओं के गौवंश को ही मिलेगा।
शासन गोवंश खासकर गो सेवा के लिए काफी गंभीर है। इसे लेकर आदेश जारी किया गया है कि गौ सेवा आयोग से पंजीकृत गौशालाओं के गौवंश को प्रतिदिन 30 रुपये के हिसाब से दिया जाएगा। यह लाभ गोशाला मेें 70 फीसदी गौवंश को मिलेगा। मसलन यदि गौशाला में 100 गौवंश है तो उनमें से 70 गौवंश के लिए यह राशि मिलेगी। इसके पीछे का कारण यह है कि गौशालाओं में गौवंश की संख्या निर्धारित नहीं हो सकती। शासन का यह भी आदेश है कि इसके लिए तहसील और जिला मुख्यालय पर दो कमेटी बनेंगी। तहसील स्तर की कमेटी में एसडीएम, डिप्टी सीवीओ और खंड विकास अधिकारी होंगे। जबकि जिला मुख्यालय वाली कमेटी में डीएम द्वारा चयनित मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और गोसेवा आयोग के सदस्य शामिल होंगे। पंजीकृत गोशाला से प्रस्ताव मिलने के बाद ही गौवंश के चारे के लिए शासन से मिलने वाली राशि मुहैया करवाई जाएगी। प्रस्ताव 31 मार्च तक स्वीकार किए जाएंगे। शासन की ओर से गौवंश के लिए चारे को दी जाने वाली राशि का लाभ जिले की सात गौशालाओं को मिलेगा। जिले में हालांकि 20 से अधिक छोटी-बड़ी गौशालाएं हैं, लेकिन गौ सेवा आयोग से मात्र सात ही गौशाला ही पंजीकृत हैं।
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कोट
जिले में गो सेवा आयोग से पंजीकृत गौशाला समिति के पदाधिकारी अपना प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी में जमा करवा सकते हैं। शासन के इस आदेश का लाभ उठाने के लिए वह अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं। शासन की इस पहल से गौवंश को चारा मिलेगा तो गौशाला संचालकों की भी परेशानी दूर होगी।
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- डा. लक्ष्मी नारायण, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
मनोज कुमार-