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कछुआ के लिए मुफीद बनेगा अहार का गंगा किनारा
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:05 PM IST
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कछुआ के लिए मुफीद बनेगा अहार का गंगा किनारा
- कछुआ की प्रजाति को बढ़ाने के लिए हैचरी को जगह हुई चिन्हित
- वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट के अफसरों ने निरीक्षण कर हैचरी बनाने का काम किया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने कछुआ प्रजाति को संरक्षित रखने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। कछुआ के लिए अहार का गंगा किनारा मुफीद बनेगा। यहां कछुआ की प्रजाति को बढ़ाने के लिए हैचरी बनाई जाएगी। इसके लिए दोनों विभागाें के अफसरों ने निरीक्षण कर जगह चिन्हित कर हैचरी बनाने का काम शुरू कर दिया है।
जिला वन अधिकारी वीके जैन ने बताया कि कछुआ प्रजाति लगातार कम होती जा रही है। इसेे बचाने और संरक्षण के लिए शासन की ओर से कई पहल शुरू हो रही है। इसके चलते वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने कछुआ प्रजाति को संरक्षित रखने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। कछुआ प्रजाति की संख्या बढ़ाने के लिए अहार क्षेत्र में गंगा किनारे को चिन्हित किया गया है। यहां पर हैचरी बनाई जाएगी। इस हैचरी में कछुआ के अंडे रखकर वहां पर कछुआ को जन्म देने के बाद उनकी संख्या बढ़ाने और संरक्षण करने का काम किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही हैचरी बनकर तैयार हो जाएगी और उसमें अंडे रख दिए जाएंगे। वीके जैन ने बताया कि बृहस्पतिवार को वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के प्रोजेक्ट अफसर संजीव कुमार और शाहनबाज के साथ टीम ने जगह चिन्हित करने के साथ हैचरी बनाने को हरी झंडी दे दी है। इस क्षेत्र में जन्म लेने वाले कछुआ के संरक्षण और उनकी देखरेख के भी व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।
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- कछुआ की प्रजाति को बढ़ाने के लिए हैचरी को जगह हुई चिन्हित
- वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट के अफसरों ने निरीक्षण कर हैचरी बनाने का काम किया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने कछुआ प्रजाति को संरक्षित रखने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। कछुआ के लिए अहार का गंगा किनारा मुफीद बनेगा। यहां कछुआ की प्रजाति को बढ़ाने के लिए हैचरी बनाई जाएगी। इसके लिए दोनों विभागाें के अफसरों ने निरीक्षण कर जगह चिन्हित कर हैचरी बनाने का काम शुरू कर दिया है।
जिला वन अधिकारी वीके जैन ने बताया कि कछुआ प्रजाति लगातार कम होती जा रही है। इसेे बचाने और संरक्षण के लिए शासन की ओर से कई पहल शुरू हो रही है। इसके चलते वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने कछुआ प्रजाति को संरक्षित रखने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। कछुआ प्रजाति की संख्या बढ़ाने के लिए अहार क्षेत्र में गंगा किनारे को चिन्हित किया गया है। यहां पर हैचरी बनाई जाएगी। इस हैचरी में कछुआ के अंडे रखकर वहां पर कछुआ को जन्म देने के बाद उनकी संख्या बढ़ाने और संरक्षण करने का काम किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही हैचरी बनकर तैयार हो जाएगी और उसमें अंडे रख दिए जाएंगे। वीके जैन ने बताया कि बृहस्पतिवार को वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड फोरेस्ट (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के प्रोजेक्ट अफसर संजीव कुमार और शाहनबाज के साथ टीम ने जगह चिन्हित करने के साथ हैचरी बनाने को हरी झंडी दे दी है। इस क्षेत्र में जन्म लेने वाले कछुआ के संरक्षण और उनकी देखरेख के भी व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।
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