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वार्षिक फीस जमा न करने पर स्कूल से बच्चे का नाम काटा
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:21 PM IST
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वार्षिक फीस जमा न करने पर स्कूल से बच्चे का नाम काटा
परिजनों ने डीएम से की शिकायत, स्कूल पर लगाया 56,600 रुपये वार्षिक फीस मांगने का आरोप
यमुनापुरम स्थित डीपीएस में कक्षा तीन में पढ़ता है छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
नगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में वार्षिक फीस न देने पर एक बच्चे का नाम काटने का मामला प्रकाश में आया है। परिजनों ने डीएम को शिकायत देकर स्कूल स्टाफ पर अभद्रता व गालीगलौज करने का आरोप लगाया है।
मोहल्ला मुंशीपाड़ा निवासी दीपक वर्मा का पुत्र सागर वर्मा यमुनापुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। दीपक वर्मा ने मंगलवार को डीएम को शिकायत देते हुए बताया कि आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वह इस बार स्कूल की वार्षिक फीस 56,600 रुपये अदा नहीं कर सका था। सोमवार को अभिभावक व अध्यापकों की बैठक में उसकी पत्नी गई थी। इस दौरान स्कूल स्टाफ ने उसकी पत्नी के साथ अभद्रता और गालीगलौज की। पहले भी फोन पर स्कूल स्टाफ ने अभद्रता की थी। बच्चे का परीक्षा परिणाम मांगने पर अध्यापकों ने धमकी दी कि उसके स्थानांतरण प्रमाण पत्र पर दुर्व्यवहार की टिप्पणी अंकित कर दी जाएगी। जिसके बाद उसके बच्चे का कहीं भी प्रवेश नहीं हो सकेगा। डीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
वहीं, डीपीएस के प्रधानाचार्य जेसी पंत ने बताया कि बच्चे के परिजनों ने अप्रैल से फीस जमा नहीं की है। वार्षिक फीस के साथ स्कूल की फीस भी जमा करनी होगी। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य का कहना था कि मामला जानकारी में नहीं है। प्रकरण अति गंभीर है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वार्षिक फीस के लिए नहीं बना सकते दबाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आदेश जारी किए थे कि स्कूल संचालक मनमाने तरीके से वार्षिक फीस नहीं वसूल सकते। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार कक्षा पांच, छह व नौ में ही वार्षिक फीस वसूली जा सकती है।
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परिजनों ने डीएम से की शिकायत, स्कूल पर लगाया 56,600 रुपये वार्षिक फीस मांगने का आरोप
यमुनापुरम स्थित डीपीएस में कक्षा तीन में पढ़ता है छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
नगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में वार्षिक फीस न देने पर एक बच्चे का नाम काटने का मामला प्रकाश में आया है। परिजनों ने डीएम को शिकायत देकर स्कूल स्टाफ पर अभद्रता व गालीगलौज करने का आरोप लगाया है।
मोहल्ला मुंशीपाड़ा निवासी दीपक वर्मा का पुत्र सागर वर्मा यमुनापुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। दीपक वर्मा ने मंगलवार को डीएम को शिकायत देते हुए बताया कि आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वह इस बार स्कूल की वार्षिक फीस 56,600 रुपये अदा नहीं कर सका था। सोमवार को अभिभावक व अध्यापकों की बैठक में उसकी पत्नी गई थी। इस दौरान स्कूल स्टाफ ने उसकी पत्नी के साथ अभद्रता और गालीगलौज की। पहले भी फोन पर स्कूल स्टाफ ने अभद्रता की थी। बच्चे का परीक्षा परिणाम मांगने पर अध्यापकों ने धमकी दी कि उसके स्थानांतरण प्रमाण पत्र पर दुर्व्यवहार की टिप्पणी अंकित कर दी जाएगी। जिसके बाद उसके बच्चे का कहीं भी प्रवेश नहीं हो सकेगा। डीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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वहीं, डीपीएस के प्रधानाचार्य जेसी पंत ने बताया कि बच्चे के परिजनों ने अप्रैल से फीस जमा नहीं की है। वार्षिक फीस के साथ स्कूल की फीस भी जमा करनी होगी। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य का कहना था कि मामला जानकारी में नहीं है। प्रकरण अति गंभीर है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वार्षिक फीस के लिए नहीं बना सकते दबाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आदेश जारी किए थे कि स्कूल संचालक मनमाने तरीके से वार्षिक फीस नहीं वसूल सकते। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार कक्षा पांच, छह व नौ में ही वार्षिक फीस वसूली जा सकती है।