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16 करोड़ के अभाव में अटकी पेयजल की योजना
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:29 AM IST
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16 करोड़ के अभाव में अटकी पेयजल योजना
- स्वीकृत हुए 38 करोड़ में से मात्र अभी तक मिले 22 करोड़
- 15 गांवाें में सौर ऊर्जा से संचालित पानी की टंकी का निर्माण अधूरा
- ग्रामीण पेयजल योजना के तहत योजना का हुआ था शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिले में एक तरफ जहां पानी की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही हैं। वहीं, दूसरी ओर 16 करोड़ के अभाव में ग्रामीण पेयजल योजना अधर में लटक गई है। जबकि जल निगम के अफसर बार-बार राशि की मांग कर रहे हैं। मगर, अभी तक राशि नहीं मिल पाई है।
ग्रामीण पेयजल योजना के तहत जिले के 15 गांवों में सौर ऊर्जा से संचालित पानी की टंकी की योजना बनाई थी। इसके लिए 38 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। राशि स्वीकृत होने के बाद 22 करोड़ की राशि प्राप्त हो गई और काम भी शुरू हो गया। जैसे-जैसे समय बीतता गया तो निर्माण के साथ ऐसा लग रहा था कि जल्द ही काम पूरा हो जाएगा। यह कार्य दिसंबर 2016 तक पूरा होना था। मगर, बाद में शेष 16 करोड़ की राशि रुक गई और काम पिछले लगभग छह माह से अधूरा पड़ा है। जिस समय यह काम शुरू हुआ था तो ग्रामीणों को भी आस थी कि जल्द ही उन्हें शुद्ध पेयजल मिलेगा। अब काम अधर में लटक जाने से ग्रामीण भी टंकी का निर्माण पूरा होने और शुद्ध पेयजल का इंतजार कर रहे हैं।
इन गांवों में बन रहीं हैं टंकी
ग्रामीण पेयजल योजना से सौर ऊर्जा से संचालित पानी की टंकी का निर्माण ब्लॉक बुलंदशहर के गांव मौसमगढ़, डिबाई के गांव कलाकसेर और भोपतपुर, पहासू के अहमगढ़, ऊंचागांव के अमरगढ़ और दौलतपुर कलां, गुलावठी के बराल, सिकंदराबाद के इस्माइलपुर, रसूलपुर रिठौरी, चंदेरू और जोखाबाद, अगौता के सुजापुर, जहांगीराबाद के जलीलपुर और खुर्जा के भदौरा में होना है।
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महाराजपुर में शुरू हुआ टंकी का ट्रायल
लखावठी ब्लॉक के गांव महाराजपुर में ग्रामीण पेयजल योजना से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित पानी की टंकी बनकर तैयार हो गई है। इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है। ट्रायल सफल होने से अफसर गदगद हैं और जल्द ही टंकी को गांव के सुपुर्द करने का दावा कर रहे हैं।
रुपये के अभाव में ग्रामीण पेयजल योजना का काम अधर में लटक गया है। शेष राशि की मांग की जा रही है। जैसे ही राशि प्राप्त होगी तो काम पूरा कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की सप्लाई शुरू करवा दी जाएगी। - एके सिंघल, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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- स्वीकृत हुए 38 करोड़ में से मात्र अभी तक मिले 22 करोड़
- 15 गांवाें में सौर ऊर्जा से संचालित पानी की टंकी का निर्माण अधूरा
- ग्रामीण पेयजल योजना के तहत योजना का हुआ था शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिले में एक तरफ जहां पानी की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही हैं। वहीं, दूसरी ओर 16 करोड़ के अभाव में ग्रामीण पेयजल योजना अधर में लटक गई है। जबकि जल निगम के अफसर बार-बार राशि की मांग कर रहे हैं। मगर, अभी तक राशि नहीं मिल पाई है।
ग्रामीण पेयजल योजना के तहत जिले के 15 गांवों में सौर ऊर्जा से संचालित पानी की टंकी की योजना बनाई थी। इसके लिए 38 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। राशि स्वीकृत होने के बाद 22 करोड़ की राशि प्राप्त हो गई और काम भी शुरू हो गया। जैसे-जैसे समय बीतता गया तो निर्माण के साथ ऐसा लग रहा था कि जल्द ही काम पूरा हो जाएगा। यह कार्य दिसंबर 2016 तक पूरा होना था। मगर, बाद में शेष 16 करोड़ की राशि रुक गई और काम पिछले लगभग छह माह से अधूरा पड़ा है। जिस समय यह काम शुरू हुआ था तो ग्रामीणों को भी आस थी कि जल्द ही उन्हें शुद्ध पेयजल मिलेगा। अब काम अधर में लटक जाने से ग्रामीण भी टंकी का निर्माण पूरा होने और शुद्ध पेयजल का इंतजार कर रहे हैं।
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इन गांवों में बन रहीं हैं टंकी
ग्रामीण पेयजल योजना से सौर ऊर्जा से संचालित पानी की टंकी का निर्माण ब्लॉक बुलंदशहर के गांव मौसमगढ़, डिबाई के गांव कलाकसेर और भोपतपुर, पहासू के अहमगढ़, ऊंचागांव के अमरगढ़ और दौलतपुर कलां, गुलावठी के बराल, सिकंदराबाद के इस्माइलपुर, रसूलपुर रिठौरी, चंदेरू और जोखाबाद, अगौता के सुजापुर, जहांगीराबाद के जलीलपुर और खुर्जा के भदौरा में होना है।
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महाराजपुर में शुरू हुआ टंकी का ट्रायल
लखावठी ब्लॉक के गांव महाराजपुर में ग्रामीण पेयजल योजना से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित पानी की टंकी बनकर तैयार हो गई है। इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है। ट्रायल सफल होने से अफसर गदगद हैं और जल्द ही टंकी को गांव के सुपुर्द करने का दावा कर रहे हैं।
रुपये के अभाव में ग्रामीण पेयजल योजना का काम अधर में लटक गया है। शेष राशि की मांग की जा रही है। जैसे ही राशि प्राप्त होगी तो काम पूरा कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की सप्लाई शुरू करवा दी जाएगी। - एके सिंघल, अधिशासी अभियंता, जल निगम