बदायूं। आपका लड़का अपने दोस्तों के साथ दुष्कर्म के केस में पकड़ा गया है। अगर केस से नाम निकलवाना चाहते हैं तो 80 हजार रुपये तुरंत भेज दो। डिजिटल अरेस्ट हुए शिक्षक ने हड़बड़ी में 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसी बीच घर से बात होने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। तब शिक्षक ने साइबर थाने में तहरीर दी।
शहर के पुरानी चुंगी निवासी गजेंद्र सिंह वजीरगंज ब्लॉक के गांव धौरेरा के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात हैं। स्कूल बंद करके वह घर जा रहे थे, तभी उनके पास व्हाट्सएप पर कॉल आयी। फोन रिसीव किया तो पुलिस की वर्दी में बात करने वाला खुद को इंस्पेक्टर बताया। उन्होंने पहले शिक्षक से घर-परिवार के बारे में जानकारी ली। उसके बाद बताया कि उनका बेटा अभिषेक पटेल और तीन अन्य युवकों के साथ लड़की से दुष्कर्म करने के मामले में पकड़ा गया है। अगर इसका नाम केस से निकलवाना चाहते हैं तो तुंरत 80 हजार रुपये ट्रांसफर करें। इस पर गजेंद्र ने कहा, मेरे बेटे से बात कराओ। तब इंस्पेक्टर ने लड़के से बात कराई। वह आवाज उनके बेटे जैसे थी, वह रो रहा था। साथ ही उनके चिल्लाने की भी आवाज आ रही थी। जैसे कोई उसे मार रहा हो। यह आवाज सुनकर गजेंद्र परेशान हो गए। घबराकर गजेंद्र ने पहले 40 और फिर 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसी बीच उन्होंने अपने घर पर कॉल की तो उनके बेटे अभिषेक फोन ने रिसीव किया। इस पर वह समझ में गए कि उनके साथ साइबर ठगी हो गई। उन्होंने साइबर थाने तहरीर दी गई है।