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Budaun News: सकतपुर गांव के कई घरों में भरा पानी, चारपाई और तख्तों पर रखा सामान
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दातागंज क्षेत्र गांव करन सिंह ने अपने गिरे मकान के पास खड़े हुए। संवाद
दातागंज। रामगंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सकतपुर गांव के कई घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों ने अपने घरों का सामान चारपाई और तख्तों पर रख लिया है। वहीं, सिमरिया, कटकौरा सहित कई गांवों के किनारों पर पानी दस्तक दे रहा है। नाव तीन-चार किलोमीटर का रास्ता तय कर लोगों काे गंतव्य पहुंचा रही है।
सकतपुर गांव के चरण सिंह ने बताया कि गांव के बाहरी हिस्से के दो क्षेत्रों में गलियों और घरों में पानी घुस गया है। घरेलू सामान चारपाई और लकड़ी के तख्त पर रखा गया है। शेरपुर गांव के वीरपाल सिंह ने बताया कि हजरतपुर की दूरी मात्र 4 किलोमीटर है। पक्की सड़क है, लेकिन यहां आने-जाने में पूरा दिन लग जाता है।
बताया कि पहले हमारे गांव के पास नाव पर बैठकर एक किलोमीटर जाना पड़ता है, इसके बाद मौजमपुर से दूसरी नाव पकड़नी पड़ती है। लगभग दो किलोमीटर तक नाव से सफर करना पड़ रहा है। यह नाव हजरतपुर पुल के पास उतार देती है। इसके बाद एक किलोमीटर पैदल चलने पर हजरतपुर बाजार पहुंचते हैं। वापसी में भी यही प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। इस तरह चार किलोमीटर की दूरी आने-जाने में ही पूरा दिन व्यतीत हो जा रहा है।
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कटकोरा गांव के भूरेलाल कश्यप ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव से कुछ कदमों की दूरी तक आ गया है। यह गांव चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है। प्रशासन ने एक नाव यहां लगा रखी है, जिससे नगरियाखनू पुल तक पहुंच जाते हैं। नाव होने के बाद भी दो किलोमीटर पानी में चलना पड़ता है। यही हाल सिमरिया गांव का है।
यहां के वेदपाल कश्यप ने बताया कि नदी का पानी सड़क के ऊपर आ गया है। गांव और पानी की दूरी दो मीटर से भी कम रह गई है। यहां खेतों में पुनः कटान शुरू हो गया है। नवादा, बदन, मौजमपुर, गढ़िया, पैगंबरपुर, लालपुर, पूरण, भेणा, कुंडरा मजरा, जलेबी नगला, नगला देवेंद्र सिंह, नगला नाथू सिंह आदि दो दर्जन गांव पानी से घिरे हुए हैं।
नगरियाखनू और हजरतपुर से गढ़िया रंगीन जाने वाले दोनों मार्गों पर नावों और मोटरबोट के सहारे आवागमन चल रहा है। हरेनगला से गढ़िया शाहपुर का रास्ता बंद है। यहां रपटा पुल पर पांच फुट से अधिक पानी बह रहा है। यही हाल वक्सेना गांव के रपटा पुल का है। ग्राम पंचायत बेला डाड़ी का मजरा देवरनिया का संपर्क भी अन्य स्थानों से कटा हुआ है। आवागमन के साधन न होने से कटरी क्षेत्र के गांवों के स्कूल भी बंद चल रहे हैं।
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रामगंगा में बढ़ते जलस्तर पर गांवों में निगरानी कराई जा रही है। कई मोटरबोट व नाव सक्रिय हैं। सकतपुर में विशेष नजर रखी जा रही है। - विनोद कुमार, एसडीएम
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डबरी का पानी फैलने से देवचरी का रास्ता भी बंद
दातागंज। ग्राम पंचायत कलाकंद के मजरा भेड़ा में जलभराव से देवेंद्र, राकेश और जोगिंदर के मकान गिर गए हैं। इसी ग्राम पंचायत में पुलिया टूटी होने और नजदीक बह रही छोटी नदी (डबरी) का पानी फैलने से देवचरी गांव का रास्ता भी बंद हो गया है। संवाद
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परिवार के निकलते ही गिर गया पीएम आवास
दातागंज। जाको राखे साइयां मार सके न कोई, यह कहावत करनपुर गांव के हरी पर सटीक बैठती है। ग्राम प्रधान विजयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में हरी के परिवार को पीएम आवास मिला था। दो दिन पहले आवास के पास की जमीन धंसती हुई देखकर मोहल्ले वालों ने हरी के परिवार वालों से मकान खाली करा दिया। हरी के परिजनों के निकलते ही मकान गिर गया। संवाद
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सकतपुर गांव के चरण सिंह ने बताया कि गांव के बाहरी हिस्से के दो क्षेत्रों में गलियों और घरों में पानी घुस गया है। घरेलू सामान चारपाई और लकड़ी के तख्त पर रखा गया है। शेरपुर गांव के वीरपाल सिंह ने बताया कि हजरतपुर की दूरी मात्र 4 किलोमीटर है। पक्की सड़क है, लेकिन यहां आने-जाने में पूरा दिन लग जाता है।
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बताया कि पहले हमारे गांव के पास नाव पर बैठकर एक किलोमीटर जाना पड़ता है, इसके बाद मौजमपुर से दूसरी नाव पकड़नी पड़ती है। लगभग दो किलोमीटर तक नाव से सफर करना पड़ रहा है। यह नाव हजरतपुर पुल के पास उतार देती है। इसके बाद एक किलोमीटर पैदल चलने पर हजरतपुर बाजार पहुंचते हैं। वापसी में भी यही प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। इस तरह चार किलोमीटर की दूरी आने-जाने में ही पूरा दिन व्यतीत हो जा रहा है।
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कटकोरा गांव के भूरेलाल कश्यप ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव से कुछ कदमों की दूरी तक आ गया है। यह गांव चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है। प्रशासन ने एक नाव यहां लगा रखी है, जिससे नगरियाखनू पुल तक पहुंच जाते हैं। नाव होने के बाद भी दो किलोमीटर पानी में चलना पड़ता है। यही हाल सिमरिया गांव का है।
यहां के वेदपाल कश्यप ने बताया कि नदी का पानी सड़क के ऊपर आ गया है। गांव और पानी की दूरी दो मीटर से भी कम रह गई है। यहां खेतों में पुनः कटान शुरू हो गया है। नवादा, बदन, मौजमपुर, गढ़िया, पैगंबरपुर, लालपुर, पूरण, भेणा, कुंडरा मजरा, जलेबी नगला, नगला देवेंद्र सिंह, नगला नाथू सिंह आदि दो दर्जन गांव पानी से घिरे हुए हैं।
नगरियाखनू और हजरतपुर से गढ़िया रंगीन जाने वाले दोनों मार्गों पर नावों और मोटरबोट के सहारे आवागमन चल रहा है। हरेनगला से गढ़िया शाहपुर का रास्ता बंद है। यहां रपटा पुल पर पांच फुट से अधिक पानी बह रहा है। यही हाल वक्सेना गांव के रपटा पुल का है। ग्राम पंचायत बेला डाड़ी का मजरा देवरनिया का संपर्क भी अन्य स्थानों से कटा हुआ है। आवागमन के साधन न होने से कटरी क्षेत्र के गांवों के स्कूल भी बंद चल रहे हैं।
रामगंगा में बढ़ते जलस्तर पर गांवों में निगरानी कराई जा रही है। कई मोटरबोट व नाव सक्रिय हैं। सकतपुर में विशेष नजर रखी जा रही है। - विनोद कुमार, एसडीएम
डबरी का पानी फैलने से देवचरी का रास्ता भी बंद
दातागंज। ग्राम पंचायत कलाकंद के मजरा भेड़ा में जलभराव से देवेंद्र, राकेश और जोगिंदर के मकान गिर गए हैं। इसी ग्राम पंचायत में पुलिया टूटी होने और नजदीक बह रही छोटी नदी (डबरी) का पानी फैलने से देवचरी गांव का रास्ता भी बंद हो गया है। संवाद
परिवार के निकलते ही गिर गया पीएम आवास
दातागंज। जाको राखे साइयां मार सके न कोई, यह कहावत करनपुर गांव के हरी पर सटीक बैठती है। ग्राम प्रधान विजयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में हरी के परिवार को पीएम आवास मिला था। दो दिन पहले आवास के पास की जमीन धंसती हुई देखकर मोहल्ले वालों ने हरी के परिवार वालों से मकान खाली करा दिया। हरी के परिजनों के निकलते ही मकान गिर गया। संवाद

दातागंज क्षेत्र गांव करन सिंह ने अपने गिरे मकान के पास खड़े हुए। संवाद