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Budaun News: प्लाज्मा, प्लेटलेट्स के लिए नहीं लगानी होगी दूसरे जिले की दौड़

Fri, 29 Nov 2024 11:34 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 11:34 PM IST
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You will not have to run to another district for plasma and platelets
जिला अस्पताल में तैयार किया जा रहा कंपोनेट एरिया, लगाई जा रहीं मशीनें। संवाद
बदायूं। आखिरकार दो साल बाद जिला अस्पताल के ब्लड बैंक को ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लाइसेंस मिल ही गया। अब मरीजों को आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स के लिए दूसरे जनपदों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। लाइसेंस मिलने के साथ ही मशीनों को लगाने का काम शुरू हो गया है। करीब 15 दिन बाद यहां लोगों को कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सुविधा मिलने लगेगी।
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जिला अस्पताल में 2021 में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (बीसीएसयू) बनाने का काम शुरू हुआ था। इसके लिए 50 लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया गया, साथ ही मशीनें मंगवाई गईं। स्टाफ को भी प्रशिक्षित कर तैयार कर दिया गया। इसके बाद लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया। कुछ समय तक तो फाइल बदायूं में ही पड़ी रही। इसके बाद दो साल तक फाइल लखनऊ में पड़ी रही। पैरवी न होने के चलते लखनऊ में भी फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। अब सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने पैरवी की, इसके बाद सुनवाई हो सकी।
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औषधि निरीक्षक लवकुश कुमार ने बताया कि सितंबर में गाजियाबाद की टीम ने जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक का निरीक्षण किया था। यहां सारी व्यवस्थाएं ठीक मिलीं थीं। इसी के चलते अब लाइसेंस जारी कर दिया गया है।
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यहां बता दें कि जिला अस्पताल में डेंगू, मलेरिया, आग से जलने, घायल आदि के मरीज बड़ी संख्या में आते हैं। इन पीड़ितों को रक्त की जरूरत पड़ती है, लेकिन उनको यहां सुविधा नहीं मिल पाती। यूनिट संचालित होने के बाद मरीजों को बरेली और दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

एक यूनिट रक्त तीन से चार लोगों जरूरत हो सकेगी पूरी
ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड की परत दर परत को अलग किया जाता है। इसके बाद आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी कर सकती है।

रोजाना होती है 10 यूनिट ब्लड की खपत
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 450 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 10 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। अब तक यहां ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट न होने के कारण एक यूनिट ब्लड एक मरीज के ही काम आता है। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में ब्लड की एक यूनिट को चार अलग-अलग पार्ट में बांटा जा सकेगा।




ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (बीसीएसयू) का लाइसेंस मिल गया है। मशीनों को लगाकर संचालित करने में कुछ समय लग रहा है। जल्द ही जिला अस्पताल में सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। -डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में तैयार किया जा रहा कंपोनेट एरिया, लगाई जा रहीं मशीनें। संवाद

जिला अस्पताल में तैयार किया जा रहा कंपोनेट एरिया, लगाई जा रहीं मशीनें। संवाद

जिला अस्पताल में तैयार किया जा रहा कंपोनेट एरिया, लगाई जा रहीं मशीनें। संवाद

जिला अस्पताल में तैयार किया जा रहा कंपोनेट एरिया, लगाई जा रहीं मशीनें। संवाद

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