{"_id":"697917077294c2a96b0890f1","slug":"womens-organizations-protested-against-the-ugc-badaun-news-c-123-1-bdn1036-155925-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: यूजीसी के विरोध में महिला संगठनों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: यूजीसी के विरोध में महिला संगठनों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
शहर के भामाशाह चौक पर यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में प्रदर्शन करती महिलाएं। स्रोत- संगठन
बदायूं। अखिल भारतीय वैश्य महिला कुटुंब एवं अखिल भारतीय सर्व समाज महिला कुटुंब की महिलाओं ने यूजीसी कानून 2026 के विरोध में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया गया।
मंगलवार को शहर के भामाशाह चौक पर धरना शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर एक्ट संबंधी अपनी चिंताएं सार्वजनिक रूप से रखीं।
धरने को संबोधित करते हुए डॉ. प्रतिभा गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि हम सभी आज यहां किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की शिक्षा, अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों को लेकर देशभर में छात्र, शिक्षक और शिक्षा जगत से जुड़े लोग चिंतित हैं।
विज्ञापन
बोलीं, हम संवैधानिक दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से यूजीसी एक्ट 2026 का कड़ा विरोध करते रहेंगे। हमारा उद्देश्य किसी वर्ग विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था न्यायपूर्ण, संतुलित और पारदर्शी बनी रहे।
सर्व समाज महिला कुटुंब की वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष महिषा सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए जा रहे नए नियमों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है। विश्वविद्यालय ऐसे स्थान होने चाहिए जहां प्रत्येक छात्र सुरक्षित, सम्मानित और समर्थ महसूस करे, लेकिन इसके साथ ही नियम बनाते समय निष्पक्ष प्रक्रिया और सभी छात्रों के अधिकारों की समान सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
जिला उपाध्यक्ष पूनम गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का वातावरण विश्वास, स्वतंत्र संवाद और पारदर्शिता पर आधारित होना चाहिए, भय या अनिश्चितता पर नहीं। उन्होंने कहा कि हम न्याय के साथ हैं, संतुलन के साथ हैं और ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जहां हर छात्र सुरक्षित भी हो और निष्पक्ष व्यवहार भी पाए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी यूजीसी एक्ट 2026 के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए इसे छात्र हितों के प्रतिकूल बताया। धरना प्रदर्शन में महिला कुटुंब की पदाधिकारी डॉ. ममता नौगरैया, महिषा सिंह, रेखा वैश्य, इंदिरा अरोड़ा, मीना, कंचन, भावना, पूनम, निशा, चंद्रा, डॉ. मेघा अग्रवाल, कुसुम, अंजलि, सोनिया, सीमा, वर्षा सुमन, रजनी, राजकुमारी, सुनीता मिश्रा सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
मंगलवार को शहर के भामाशाह चौक पर धरना शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर एक्ट संबंधी अपनी चिंताएं सार्वजनिक रूप से रखीं।
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते हुए डॉ. प्रतिभा गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि हम सभी आज यहां किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की शिक्षा, अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों को लेकर देशभर में छात्र, शिक्षक और शिक्षा जगत से जुड़े लोग चिंतित हैं।
विज्ञापन
बोलीं, हम संवैधानिक दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से यूजीसी एक्ट 2026 का कड़ा विरोध करते रहेंगे। हमारा उद्देश्य किसी वर्ग विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था न्यायपूर्ण, संतुलित और पारदर्शी बनी रहे।
सर्व समाज महिला कुटुंब की वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष महिषा सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए जा रहे नए नियमों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है। विश्वविद्यालय ऐसे स्थान होने चाहिए जहां प्रत्येक छात्र सुरक्षित, सम्मानित और समर्थ महसूस करे, लेकिन इसके साथ ही नियम बनाते समय निष्पक्ष प्रक्रिया और सभी छात्रों के अधिकारों की समान सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
जिला उपाध्यक्ष पूनम गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का वातावरण विश्वास, स्वतंत्र संवाद और पारदर्शिता पर आधारित होना चाहिए, भय या अनिश्चितता पर नहीं। उन्होंने कहा कि हम न्याय के साथ हैं, संतुलन के साथ हैं और ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जहां हर छात्र सुरक्षित भी हो और निष्पक्ष व्यवहार भी पाए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी यूजीसी एक्ट 2026 के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए इसे छात्र हितों के प्रतिकूल बताया। धरना प्रदर्शन में महिला कुटुंब की पदाधिकारी डॉ. ममता नौगरैया, महिषा सिंह, रेखा वैश्य, इंदिरा अरोड़ा, मीना, कंचन, भावना, पूनम, निशा, चंद्रा, डॉ. मेघा अग्रवाल, कुसुम, अंजलि, सोनिया, सीमा, वर्षा सुमन, रजनी, राजकुमारी, सुनीता मिश्रा सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।