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Budaun News: अपने ऑनलाइन बिजनेस से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
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विदुषी वार्ष्णेय
बदायूं। बदलते दौर में शहर की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली गृहणियां अब डिजिटल दुनिया के जरिये कारोबार संभालकर परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने उनके लिए रोजगार के नए दरवाजे खोल दिए हैं।
शहर की कई महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी, गिफ्ट आइटम, रेडीमेड गारमेंट्स, डेकोरेटिव सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री कर रही हैं। वहीं कुछ महिलाएं वृंदावन और जयपुर की तर्ज पर भगवान के वस्त्र, शृंगार सामग्री, मार्बल, तांबा, पीतल और मिट्टी की मूर्तियों की ऑनलाइन ट्रेडिंग कर रही हैं। इन उत्पादों की मांग न केवल शहर में बल्कि आसपास के जिलों से भी लगातार बढ़ रही है।
महिलाएं बोलीं- सपना देखा था, जो अब पूरा हो रहा है
मैंने 11 साल पहले सपना देखा था कि मुझे फूड इंडस्ट्री में कुछ काम करना है। दो साल पहले मेरा क्लाउड किचिन शुरू करने का सपना पूरा हुआ। दो साल से वही स्वाद मिलने के कारण ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं। - विदुषी वार्ष्णेय
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शहर में मेरी ओवरब्रिज के नीचे बुटीक एवं सिलाई की दुकान है, यहां पर महिलाओं की पसंद की डिजाइनों के कपड़े तैयार करती हूं। इसके साथ ही कुछ महिलाओं को सिलाई भी सिखा रही हूं। ऑनलाइन भी सिले कपड़े बेचती हूं। -अलका सिंह
मैं 25 वर्षों से बीज की दुकान चला रही हूं। ऑनलाइन व्यापार भी बहुत अच्छा चल रहा है। इसके साथ ही कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी हुईं हूं। कुछ लोगों की मदद भी कर रही हूं। - अंजली अग्रवाल
मेरी कॉस्मेटिक एवंं गिफ्ट सेंटर की दुकान है, जिसे मैं खुद रही चला रही हूं। बाजारों में लोगों की पसंद को देखते हुए नई-नई डिजाइनों की ज्वैलरी और गिफ्ट रखती हूूं, जिससे ग्राहक दुकान से वापस न जाए। कभी-कभार ऑनलाइन भी ऑर्डर मिल जाते हैं। - मनीषा शर्मा
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शहर की कई महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी, गिफ्ट आइटम, रेडीमेड गारमेंट्स, डेकोरेटिव सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री कर रही हैं। वहीं कुछ महिलाएं वृंदावन और जयपुर की तर्ज पर भगवान के वस्त्र, शृंगार सामग्री, मार्बल, तांबा, पीतल और मिट्टी की मूर्तियों की ऑनलाइन ट्रेडिंग कर रही हैं। इन उत्पादों की मांग न केवल शहर में बल्कि आसपास के जिलों से भी लगातार बढ़ रही है।
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महिलाएं बोलीं- सपना देखा था, जो अब पूरा हो रहा है
मैंने 11 साल पहले सपना देखा था कि मुझे फूड इंडस्ट्री में कुछ काम करना है। दो साल पहले मेरा क्लाउड किचिन शुरू करने का सपना पूरा हुआ। दो साल से वही स्वाद मिलने के कारण ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं। - विदुषी वार्ष्णेय
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शहर में मेरी ओवरब्रिज के नीचे बुटीक एवं सिलाई की दुकान है, यहां पर महिलाओं की पसंद की डिजाइनों के कपड़े तैयार करती हूं। इसके साथ ही कुछ महिलाओं को सिलाई भी सिखा रही हूं। ऑनलाइन भी सिले कपड़े बेचती हूं। -अलका सिंह
मैं 25 वर्षों से बीज की दुकान चला रही हूं। ऑनलाइन व्यापार भी बहुत अच्छा चल रहा है। इसके साथ ही कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी हुईं हूं। कुछ लोगों की मदद भी कर रही हूं। - अंजली अग्रवाल
मेरी कॉस्मेटिक एवंं गिफ्ट सेंटर की दुकान है, जिसे मैं खुद रही चला रही हूं। बाजारों में लोगों की पसंद को देखते हुए नई-नई डिजाइनों की ज्वैलरी और गिफ्ट रखती हूूं, जिससे ग्राहक दुकान से वापस न जाए। कभी-कभार ऑनलाइन भी ऑर्डर मिल जाते हैं। - मनीषा शर्मा

विदुषी वार्ष्णेय

विदुषी वार्ष्णेय

विदुषी वार्ष्णेय