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महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा
ब्यूरो बदायूं।
Updated Sat, 07 May 2016 12:24 AM IST
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मौत
- फोटो : अमर उजाला
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- परिवारवालों का इलाज में लापरवाही का आरोप
- गुड्डो बेगम को बड़े ऑपरेशन से हुई थी बच्ची
जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के तीन दिन बाद प्रसूता गुड्डो बेगम की शुक्रवार को मौत हो गई। परिवारवालों का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती। वक्त रहते इलाज मिलता तो उसकी मौत न होती। मृतका के परिवार और गांव के लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। बाद में पहुंची कोतवाली पुलिस ने किसी तरह उनको शांत किया। मृतका के परिवार वालों ने शिकायत सीएमओ डॉ. सुनील कुमार से भी की है।
सिविल लाइंस थाने के गांव गुरुपुरी विनायक निवासी गुड्डू ने अपनी 25 वर्षीय पत्नी गुड्डो बेगम को दो मई को जिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। गायनी सर्जन डॉ. हाकिम सिंह ने तीन मई को बड़े ऑपरेशन से प्रसव कराया। इसके बाद उसको एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। गुरुवार रात ड्यूटी पर डॉ. शोभा अग्रवाल तैनात थीं। गुड्डू का कहना है कि गुरुवार रात गुड्डो को ब्लीडिंग शुरू हो गई।
आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. शोभा को उसने इस बारे में बताया। ब्लड की एक यूनिट का इंतजाम भी कर लिया। बार-बार कहने के बाद भी डॉक्टर ने गुड्डो का न तो इलाज शुरू किया और न ही उसे रेफर किया। शुक्रवार तड़के गुड्डो की मौत हो गई। आरोप ये भी है कि मौत के बाद डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल से चला गया। परिजनों का कहना है कि अगर वक्त पर प्रसूता को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। इलाज में लापरवाही से मौत की खबर पर परिवार और गांव के तमाम लोग भी अस्पताल पहुंच गए। इन लोगों ने दोपहर में जमकर हंगामा किया। बताया जाता है कि नवजात बच्ची स्वस्थ है।
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सीएमओ ने सीएमएस से मांगी रिपोर्ट
गुड्डो के परिवारवालों ने इलाज में लापरवाही से मौत की शिकायत सीएमओ डॉ. सुनील कुमार से की है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी से पूरे मामले में तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट में यह भी पूछा गया है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई।
मृतका के परिवारवालों ने जो आरोप लगाए हैं उनकी जांच का आदेश दिया गया है। इलाज में लापरवाही से मौत गंभीर बात है। अगर जांच में ऐसा पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले पर मैंने महिला अस्पताल की सीएमएस से बात की है।
-डॉ. सुनील कुमार, सीएमओ
गुड्डो का ऑपरेशन मैंने किया था। गुरुवार शाम को ही मेरी 24 घंटे की ड्यूटी खत्म हुई थी। ड्यूटी पर दूसरी डॉक्टर थीं। प्रसूता पूरी तरह से स्वस्थ थी। उसकी मौत कैसे हुई इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
-डॉ. हाकिम सिंह, गायनी सर्जन
- गुड्डो बेगम को बड़े ऑपरेशन से हुई थी बच्ची
जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के तीन दिन बाद प्रसूता गुड्डो बेगम की शुक्रवार को मौत हो गई। परिवारवालों का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती। वक्त रहते इलाज मिलता तो उसकी मौत न होती। मृतका के परिवार और गांव के लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। बाद में पहुंची कोतवाली पुलिस ने किसी तरह उनको शांत किया। मृतका के परिवार वालों ने शिकायत सीएमओ डॉ. सुनील कुमार से भी की है।
सिविल लाइंस थाने के गांव गुरुपुरी विनायक निवासी गुड्डू ने अपनी 25 वर्षीय पत्नी गुड्डो बेगम को दो मई को जिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। गायनी सर्जन डॉ. हाकिम सिंह ने तीन मई को बड़े ऑपरेशन से प्रसव कराया। इसके बाद उसको एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। गुरुवार रात ड्यूटी पर डॉ. शोभा अग्रवाल तैनात थीं। गुड्डू का कहना है कि गुरुवार रात गुड्डो को ब्लीडिंग शुरू हो गई।
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आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. शोभा को उसने इस बारे में बताया। ब्लड की एक यूनिट का इंतजाम भी कर लिया। बार-बार कहने के बाद भी डॉक्टर ने गुड्डो का न तो इलाज शुरू किया और न ही उसे रेफर किया। शुक्रवार तड़के गुड्डो की मौत हो गई। आरोप ये भी है कि मौत के बाद डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल से चला गया। परिजनों का कहना है कि अगर वक्त पर प्रसूता को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। इलाज में लापरवाही से मौत की खबर पर परिवार और गांव के तमाम लोग भी अस्पताल पहुंच गए। इन लोगों ने दोपहर में जमकर हंगामा किया। बताया जाता है कि नवजात बच्ची स्वस्थ है।
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सीएमओ ने सीएमएस से मांगी रिपोर्ट
गुड्डो के परिवारवालों ने इलाज में लापरवाही से मौत की शिकायत सीएमओ डॉ. सुनील कुमार से की है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी से पूरे मामले में तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट में यह भी पूछा गया है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई।
मृतका के परिवारवालों ने जो आरोप लगाए हैं उनकी जांच का आदेश दिया गया है। इलाज में लापरवाही से मौत गंभीर बात है। अगर जांच में ऐसा पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले पर मैंने महिला अस्पताल की सीएमएस से बात की है।
-डॉ. सुनील कुमार, सीएमओ
गुड्डो का ऑपरेशन मैंने किया था। गुरुवार शाम को ही मेरी 24 घंटे की ड्यूटी खत्म हुई थी। ड्यूटी पर दूसरी डॉक्टर थीं। प्रसूता पूरी तरह से स्वस्थ थी। उसकी मौत कैसे हुई इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
-डॉ. हाकिम सिंह, गायनी सर्जन