फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Wheat procurement: 136 centers, not a single grain was bought at 70

Budaun News: गेहूं खरीदः 136 केंद्र, 70 पर एक दाना नहीं खरीदा गया

Fri, 21 Apr 2023 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 21 Apr 2023 01:12 AM IST
विज्ञापन
Wheat procurement: 136 centers, not a single grain was bought at 70
आढ़तियों से सांठगांठ, किसानों को उलझा रहे केंद्र प्रभारी
विज्ञापन

खूबियों की जगह कमियों बताकर कर रहे गुमराह
नियमों से फंसने से बचने को आढ़तियों की तरफ रुख कर रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। गेहूं की खरीद शुरू हुए 20 दिन बीत चुके हैं। जिले में 136 क्रय केंद्रों में से करीब 70 क्रय केंद्रों पर आज तक गेहूं का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। इनमें ज्यादा संख्या पीसीएफ के सेंटरों की है। यहां तक कि शहर की मंडी समिति में बने केंद्र पर भी एक दाने तक की खरीद नहीं हो सकी है।
गेहूं का सरकारी रेट 2150 रुपये प्रति क्विंटल है, जो बाजार के भाव से ज्यादा है, लेकिन आढ़तियों की सांठगांठ की वजह से केंद्र प्रभारी किसानों को तमाम सरकारी नियमों का खेल बताकर उलझा दे रहे हैं। इससे किसान को केंद्रों की बजाय आढ़तियों को अपना गेहूं बेचने में ज्यादा फायदा नजर आ रहा है।
विज्ञापन

हालत ये है कि पहले तो किसान केंद्रों पर जाना ही पसंद नहीं कर रहे हैं। अगर जाते भी हैं तो केंद्र पर उन्हें गेहूं खरीद के नियम इस तरह बताए जा रहे है कि वह चाहकर भी गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। यही वजह है कि जिले में अभी तक सरकारी क्रय केंद्रों पर महज 2153 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि जब शासन से गेहूं खरीद को लेकर अधिकारियों पर दबाव पड़ेगा, तब केंद्रों पर आढ़तियों का गेहूं किसानों की आईडी से डलवाकर भरपाई कर दी जाएगी। चूंकि तब खरीद का दबाव होगा, ऐसे में तब कोई नहीं पूछेगा कि अचानक से इतना गेहूं कहां से आया। उस समय केवल लक्ष्य पूरा करने की कार्रवाई अधिकारियों स्तर से की जाएगी।

------
ये हैं गेहूं खरीद के नियम
- किसान को सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए सबसे पहले विभाग की बेवसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस दौरान जमीन के कागज, आधार कार्ड, बैंक आईडी अपलोड करनी होगी। अगर किसान का गेहूं 100 क्विंटल से कम है तो वह सीधे सेंटर जा सकता है। अगर 100 क्विंटल से ज्यादा गेहूं है तो उसके लिए एसडीएम के यहां चक्कर लगाने होंगे। एसडीएम द्वारा संबंधित खेत की जांच करने के बाद में अगर हां में उत्तर मिलता है तो गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर बेच सकते हैं। उसके बाद में क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा गेहूं खरीद पूरी किए जाने के बाद में धनराशि संबंधित किसान के खाते में भेजी जाएगी। यह धनराशि भी कब किसानों के खातों में पहुंचेगी, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में तमाम किसान भी नियमों के फेर में नहीं पड़ना चाहते।
---------
बोले किसान
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद नाम के लिए ही की जा रही है। जब किसान गेहूं बेचने के संबंध में थोड़ा गेहूं नमूने बतौर लेकर पहुंच रहा है तो वे पूरा गेहूं लाने की बात कहते हैं। उसमें भी तमाम नियम कानून बता देते हैं।
-जयवीर शाक्य, दलेलनगर
-----------
क्रय केंद्रों पर तैनात कर्मचारी सीधा-सीधा जवाब नहीं देते हैं। जब पूछते हैं कि गेहूं बेचने के बाद में धनराशि खाते में कब आ जाएंगी, तो कहते हैं, यहां से भेज दिया जाएगा। कब खातों में पहुंचेंगी वो हमको नहीं पता।

-रामवरन श्रीवास्तव, सौंधामई
-----------
क्या बोले अधिकारी
सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि लगातार किसानों से बात करें, उन्हें सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करें, जिससे सभी केंद्रों पर गेहूं खरीद ज्यादा से ज्यादा हो सके।
-अतुल वशिष्ठ, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed