फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Water woman Shipra Pathak walked from Ayodhya to Rameshwaram

Water Woman: शिप्रा पाठक ने अयोध्या से रामेश्वरम तक की पदयात्रा, कई नदियों के जल से किया जलाभिषेक

Tue, 12 Mar 2024 05:37 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 12 Mar 2024 05:37 PM IST
सार

वाटर वूमेन शिप्रा पाठक ने 3952 किमी की पदयात्रा की। रास्ते में उन्होंने सरयू, गंगा, यमुना, सरस्वती, मंदाकिनी, तुंगभद्रा, कृष्णा, गोदावरी और वैगई नदियों जल एकत्र किया। इसी जल से भगवान रामेश्वरम का जलाभिषेक किया। 

विज्ञापन
Water woman Shipra Pathak walked from Ayodhya to Rameshwaram
तमिलनाडु में पदयात्रा के दौरान शिप्रा पाठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के दातागंज की रहने वाली 27 साल की शिप्रा पाठक 27 नवंबर को अयोध्या से रामेश्वरम के लिए 3952 किलोमीटर की पैदयात्रा पर निकलीं। यात्रा को राम जानकी वनगमन यात्रा का नाम दिया। रामेश्वरम में जलाभिषेक के साथ 108 दिन बाद मंगलवार को उनकी यात्रा का समापन हुआ। वह अपने बुधवार को अपने घर दातागंज पहुंचेंगी। 

विज्ञापन


वाटर वूमेन शिप्रा पाठक 24 घंटे में 30-34 किलोमीटर चलीं। रास्ते में उन्होंने सरयू, गंगा, यमुना, सरस्वती, मंदाकिनी, तुंगभद्रा, कृष्णा, गोदावरी और वैगई नदियों जल एकत्र किया। इसी जल से भगवान रामेश्वरम का जलाभिषेक किया। 
विज्ञापन


UP: वरुण गांधी और संघमित्रा के टिकट पर संशय, दोनों सांसदों की वजह से अटका इस सीट के प्रत्याशी का एलान
विज्ञापन
विज्ञापन


शिप्रा इससे पहले जल संरक्षण की यात्रा कर चुकी हैं, तब उन्हें वाटर वूमेन कहा गया था। रामजानकी वनगमन यात्रा में वह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक होकर तमिलनाडु के रामेश्वरम तक पहुंचीं। सभी राज्यों में राम जानकी भक्तों ने भव्य स्वागत किया। तमिलनाडु में शिप्रा का आदर सत्कार किया गया।

लोगों को नदियों के प्रति किया जागरूक
शिप्रा के रामेश्वरम पहुंचने पर भाजपा के कई जिलाध्यक्ष ,राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने भागादारी की। उन्होंने राम जानकी वन गमन मार्ग पर लोगों के साथ संवाद किए। नदियों के प्रति जागरूक किया। शिप्रा ने मातृ शक्ति को भी माता जानकी के चरित्र को आत्मसात करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जानकी माता ने अयोध्या के राज पाट को छोड़कर श्री राम के साथ वन गमन कर धर्म को नया आयाम दिया।

राजनीकि परिवार से हैं शिप्रा पाठक
शिप्रा दातागंज की निवासी हैं। राजनीतिक परिवार है। पिता डॉ. शैलेश पाठक भाजपा के स्थानीय नेता हैं। दादी संतोष कुमारी पाठक कांग्रेस से विधायक रह चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed