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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Vimal non-bailable warrants against former state minister in court

पूर्व राज्यमंत्री विमल के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट

Mon, 31 Aug 2015 11:36 PM IST
बदायूं
बदायूं Updated Mon, 31 Aug 2015 11:36 PM IST
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सपा शासनकाल में राज्यमंत्री रहे विमलकृष्ण अग्रवाल समेत विभिन्न दलों से बदायूं विधान सभा प्रत्याशी रहे चार लोगों के खिलाफ बदायूं सीजेएम कोर्ट में आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा चल रहा है। इसमेें सपा प्रत्याशी रहे विमलकृष्ण अग्रवाल के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। यह वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव का मामला है। प्रत्याशियों ने उस समय यात्री शेड्स पर वॉल पेटिंग और राइटिंग कराई थी। उसकी एक अधिकारी ने वीडियोग्राफी करा ली थी। इसी आधार पर उझानी कोतवाली में वर्ष 2007 में ही मुकदमा कायम हुआ था।
दौरान-ए-मुकदमा 26 मई, 2014 से प्रत्याशी विमलकृष्ण अग्रवाल कोर्ट की तारीखों पर नहीं पहुंच रहे। सीजेएम रामकिशोर की अदालत ने इनके गैर जमानती वारंट और इनके जमानतियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इससे राजनीतिक हल्के में खलबली मची हुई है।  वर्ष 2007 के विधान सभा चुनाव के दौरान सपा प्रत्याशी रहे विमलकृष्ण अग्रवाल पुत्र श्रवण कुमार अग्रवाल निवासी साहूकारा उझानी (बदायूं), बसपा प्रत्याशी रहे खालिद परवेज पुत्र आले अहमद निवासी फरशोरी टोला, बदायूं, कांग्रेस प्रत्याशी रहे फखरे अहमद शोवी पुत्र शेख सैयद अहमद नकवी निवासी मोहल्ला सोथा, बदायूं और लोजश प्रत्याशी नत्थूराम कश्यप पुत्र मुरारी लाल निवासी मोहल्ला विजय नगर, बदायूं के खिलाफ चुनाव से जुड़े तत्कालीन पुलिस अधिकारी पीके द्विवेदी ने वीडियोग्राफी समेत तमाम सबूत कोतवाली उझानी में पेश किए थे। जिसमें यात्री शेडों पर वॉल पेटिंग, राइटिंग आदि दिखाई गई थी। उझानी कोतवाली में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र तोमर ने एक अप्रैल, 2007 को एफआईआर कराई।
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इस प्रकरण में बदायूं सीजेएम के यहां मुकदमा चला। इस मामले में सीजेएम रामकिशोर ने सुनवाई करते हुए हुए पाया कि प्रत्याशी रहे विमलकृष्ण अग्रवाल 26 मई 2014 से अदालत नहीं आ रहे हैं। उन्होंने इसे संज्ञान में लेकर और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट काट दिए हैं। यही नहीं इनके गवाहों के भी वारंट हुए हैं। इस प्रकरण में कोर्ट ने अगली सुनवाई नौ सितंबर, 2015 दी है। बाकी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई जारी है।
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