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Budaun News: चकबंदी नहीं कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट घेरा
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बिल्सी तहसील के गांव सिरसौल के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी कर चकबंदी का काम बंद करान
बदायूं। बिल्सी तहसील के गांव सिरसौल में चल रही चकबंदी का काम बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण डीएम से मिलने पहुंचे। उन्होंने कलक्ट्रेट का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जो चकबंदी हो रही है। उसमें पक्षपात किया जा रहा है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
बिल्सी के गांव सिरसौल की महिलाएं और पुरुष हाथों में तख्ती लेकर सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट में तैनात कर्मचारियों ने डीएम मनोज कुमार के बैठक में होने की बात कही। साथ ही शिकायती पत्र को कार्यालय में देकर जाने के लिए कहा। बोले- आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन ग्रामीणों ने कर्मचारियों की एक नहीं सुनी। वह कलक्ट्रेट द्वार पर ही बैठ गए और जमकर प्रदर्शन किया। डीएम से मिलकर समस्या के निदान की मांग की।
ग्रामीण रमेश ने कहा कि चकबंदी केवल उनके लिए हो रही है, जिसकी जेब में पैसा है। क्योंकि कर्मचारी केवल उनकी मर्जी के अनुसार ही काम कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को बिल्कुल भी फायदा नहीं है। धनश्याम ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो की ओर से गांव में किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। करीब डेढ़ घंटे बाद एडीएम एफआर डॉ. वैभव शर्मा पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की बातों को सुना। कहा कि चार जून के बाद में एक बार ग्रामीणों से फिर बात करेंगे। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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बिल्सी के गांव सिरसौल की महिलाएं और पुरुष हाथों में तख्ती लेकर सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट में तैनात कर्मचारियों ने डीएम मनोज कुमार के बैठक में होने की बात कही। साथ ही शिकायती पत्र को कार्यालय में देकर जाने के लिए कहा। बोले- आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन ग्रामीणों ने कर्मचारियों की एक नहीं सुनी। वह कलक्ट्रेट द्वार पर ही बैठ गए और जमकर प्रदर्शन किया। डीएम से मिलकर समस्या के निदान की मांग की।
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ग्रामीण रमेश ने कहा कि चकबंदी केवल उनके लिए हो रही है, जिसकी जेब में पैसा है। क्योंकि कर्मचारी केवल उनकी मर्जी के अनुसार ही काम कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को बिल्कुल भी फायदा नहीं है। धनश्याम ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो की ओर से गांव में किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। करीब डेढ़ घंटे बाद एडीएम एफआर डॉ. वैभव शर्मा पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की बातों को सुना। कहा कि चार जून के बाद में एक बार ग्रामीणों से फिर बात करेंगे। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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