{"_id":"59b290ae4f1c1be67f8b5149","slug":"vikas-bhawan-officials-not-listening-instructions-of-cdo","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने ही मुखिया की बात नही मानते विकास विभाग के अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपने ही मुखिया की बात नही मानते विकास विभाग के अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
Updated Fri, 08 Sep 2017 06:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अफसरों के यहां सेवा देने वाले सफाई कर्मचारियों की अमर उजाला में खबर छपने के बाद विकास विभाग में खलबली मची हुई हैं। हालांकि इसका संज्ञान लेते हुए दो दिन पहले मुख्य विकास अधिकारी ने सभी सफाई कर्मियों को गांव में जाने और सफाई करने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बाद भी जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से इनको नहीं भेजा गया। डीपीआरओ कार्यालय में अभी करीब पांच-छह कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।
दो सितंबर को अमर उजाला में ‘अफसरों की चाकरी से गांवों में सफाई अभियान का बेड़ा गर्क’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसे मुख्य विकास अधिकारी शेषमणि पांडेय ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए बुधवार को डीपीआरओ को नोटिस जारी किया था कि वह सभी सफाई कर्मचारियों को गांव में भेजें और सफाई कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन गांवों में सफाई या जलभराव, कीचड़ जैसी समस्याएं मिलीं तो कड़ी कारवाई की जाएगी। इसके बाद भी इस बात का असर पंचायत राज विभाग पर बिल्कुल नही हुआ है। वहां सेवा दे रहे दो सफाई कर्मियों ने बताया कि साहब ने रोका है, खुद नही रुके हैं। इन सफाई कर्मियों की ओर से कहे गए वाकयों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंचायत राज विभाग स्वच्छता को लेकर कितना गंभीर हैं। इससे साफ स्पष्ट होता है कि विकास विभाग के अधिकारी अपने ही मुखिया की बात मानने को तैयार नही हैं।
विज्ञापन
दो सितंबर को अमर उजाला में ‘अफसरों की चाकरी से गांवों में सफाई अभियान का बेड़ा गर्क’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसे मुख्य विकास अधिकारी शेषमणि पांडेय ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए बुधवार को डीपीआरओ को नोटिस जारी किया था कि वह सभी सफाई कर्मचारियों को गांव में भेजें और सफाई कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन गांवों में सफाई या जलभराव, कीचड़ जैसी समस्याएं मिलीं तो कड़ी कारवाई की जाएगी। इसके बाद भी इस बात का असर पंचायत राज विभाग पर बिल्कुल नही हुआ है। वहां सेवा दे रहे दो सफाई कर्मियों ने बताया कि साहब ने रोका है, खुद नही रुके हैं। इन सफाई कर्मियों की ओर से कहे गए वाकयों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंचायत राज विभाग स्वच्छता को लेकर कितना गंभीर हैं। इससे साफ स्पष्ट होता है कि विकास विभाग के अधिकारी अपने ही मुखिया की बात मानने को तैयार नही हैं।
विज्ञापन