{"_id":"57fe7b284f1c1b3e71290314","slug":"usmani-said-about-muslim-law","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप कर रही केंद्र सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप कर रही केंद्र सरकार
ब्यूरो/बदायूं
Updated Wed, 12 Oct 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप कर रही केंद्र सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट में चल रहे तीन तलाक के मुद्दे पर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य मौलाना डॉ. यासीन अली उस्मानी ने केंद्र सरकार द्वारा हलफनामा दाखिल करने को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके केंद्र सरकार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में हस्तक्षेप कर रही है।
डॉ. उस्मानी ने कहा कि हिंदुस्तान के संविधान ने सभी को अपने धर्म के अनुसार जीवन व्यतीत करने और उसका प्रचार प्रसार करने की आजादी दी है, लेकिन तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करना संविधान के विरुद्ध है। सरकार महिलाओं को समान अधिकार दिए जाने का बहाना बनाकर मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप करने का रास्ता तलाश कर रही है। साथ ही केंद्र सरकार अपने घोषणा पत्र के अनुसार देश में कॉमन सिविल कोड थोपने की ओर अपने कदम बढ़ाना चाहती है। डॉ. उस्मानी ने कहा मुस्लिम लीडरशिप केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर नजर रखे हुए है। मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड में दखलंदाजी की गई, तो मुस्लिम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
विज्ञापन
डॉ. उस्मानी ने कहा कि हिंदुस्तान के संविधान ने सभी को अपने धर्म के अनुसार जीवन व्यतीत करने और उसका प्रचार प्रसार करने की आजादी दी है, लेकिन तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करना संविधान के विरुद्ध है। सरकार महिलाओं को समान अधिकार दिए जाने का बहाना बनाकर मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप करने का रास्ता तलाश कर रही है। साथ ही केंद्र सरकार अपने घोषणा पत्र के अनुसार देश में कॉमन सिविल कोड थोपने की ओर अपने कदम बढ़ाना चाहती है। डॉ. उस्मानी ने कहा मुस्लिम लीडरशिप केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर नजर रखे हुए है। मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड में दखलंदाजी की गई, तो मुस्लिम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
विज्ञापन