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एटीएम कार्ड बदलकर निकाल लेते थे रुपये, मथुरा के दो शातिर गिरफ्तार
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बदायूं/सहसवान। सहसवान पुलिस ने मथुरा के दो ऐसे शातिर गिरफ्तार किए हैं जो केवल बदायूं ही नहीं बल्कि कई जिलों में डेबिट कार्ड बदलकर लोगों के खाते से रुपये निकाल लेते थे। उनके पास से 35 डेबिट कार्ड, 20 हजार रुपये और एक कार बरामद हुई है। दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
मंगलवार रात सहसवान में प्रमोद इंटर कॉलेज भवन में बनी पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर एक व्यक्ति रुपये निकालने पहुंचा था। जैसे ही वह एटीएम रूम में घुसा कि गेट पर खड़े दो लोग भी उसमें घुस गए। व्यक्ति के डेबिट कार्ड लगाने और पासवर्ड डालने के दौरान उनकी ताकाझांकी उसको पसंद नहीं आई। उसने रुपये तो नहीं निकाले लेकिन इसकी सूचना पुलिस को जरूर दे दी। इस पर कोतवाली इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला, दरोगा सरिता रानी ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी में उनके पास 35 डेबिट कार्ड और 20 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम मथुरा के थाना गोविंदनगर क्षेत्र के मोहल्ला किशोरी नगर बिरला मंदिर निवासी अवनीश गुप्ता पुत्र नवीन गुप्ता और सन्नी पुत्र शिवनारायन बताए।
पुलिस ने उनसे पूछा कि 35 डेबिट कार्ड कहां से आए तो वे इसका जवाब नहीं दे सके। यह भी नहीं बता पाए कि सहसवान क्यों आए थे। पुलिस ने जब सख्ती की तो उन्होंने बताया कि वह एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खाते से रुपये निकाल लेते हैं। वे मथुरा से तीन-चार दिन के लिए कार लेकर निकलते हैं। फिर बदायूं, बरेली, बुलंदशहर, एटा, कासगंज आदि जिलों में ऐसी घटनाएं करते हैं। वे बरेली से सहसवान होते हुए घर लौट रहे थे कि यहां घटना करने में पकड़े गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। बुधवार दोपहर बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उनकी कार सीज कर दी है।
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कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
- आरोपी अवनीश गुप्ता के खिलाफ बदायूं के सहसवान, कासगंज के सोरों, इटावा के सिविल लाइंस थाने में करीब छह मामले दर्ज हैं। इसके अलावा सन्नी के खिलाफ बदायूं के सहसवान कोतवाली में एक, गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने में तीन मामले दर्ज हैं।
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इस तरह कार्ड बदलकर निकालते थे रुपये
- दोनों शातिर घटना को अंजाम देने के लिए एटीएम के बाहर खड़े हो जाते थे। जैसे ही कोई वृद्ध या कम जानकारी रखने वाला व्यक्ति वहां आता था तो उसके पीछे आकर खड़े हो जाते थे और व्यक्ति का डेबिट कार्ड पासवर्ड डालते समय देख लेते थे, फिर उसे बातों में फंसाकर उसका कार्ड बदल देते थे। उसे वैसा ही कार्ड देते थे जैसा व्यक्ति के पास होता था। जब उसके रुपये नहीं निकलते थे तो वह थक हारकर चला जाता था, इसके बाद दोनों शातिर उसके डेबिट कार्ड से रुपये निकाल लेते थे।
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ऐसे रहें सावधान
- अपना डेबिट कार्ड किसी के हाथों में न दें
- अपना पासवर्ड छिपाकर टाइप करें
- एटीएम में रुपये निकालने के दौरान अकेले रहें
- मशीन में कार्ड डालते समय उसे चेक कर लें कि कहीं स्कैनर आदि तो नहीं लगा है
- सीसीटीवी कैमरे में भी पासवर्ड सार्वजनिक करने से बचें
- एटीएम से निकली पर्ची फाड़कर वहां न फेंके
- एटीएम कार्ड बदलने का अहसास होते ही तत्काल टोलफ्री नंबर से उसे बंद कराएं व पुलिस और बैंक को सूचित करें
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- साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी करते हैं। वे सामने नहीं आते लेकिन कार्ड बदलने वाले सामने आकर भी धोखाधड़ी का अहसास नहीं होने देते। यह बड़ी चालाकी से आपका कार्ड बदलकर वहां से निकल जाते हैं। फिर दूसरे एटीएम पर जाकर रुपये निकाल लेते हैं। इसलिए अच्छी तरह देख लें कि एटीएम कक्ष में रुपये निकालने के दौरान आपके नजदीक कौन खड़ा है। अपना कार्ड, अपना पासवर्ड किसी को न दें। - मनोज कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल
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मंगलवार रात सहसवान में प्रमोद इंटर कॉलेज भवन में बनी पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर एक व्यक्ति रुपये निकालने पहुंचा था। जैसे ही वह एटीएम रूम में घुसा कि गेट पर खड़े दो लोग भी उसमें घुस गए। व्यक्ति के डेबिट कार्ड लगाने और पासवर्ड डालने के दौरान उनकी ताकाझांकी उसको पसंद नहीं आई। उसने रुपये तो नहीं निकाले लेकिन इसकी सूचना पुलिस को जरूर दे दी। इस पर कोतवाली इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला, दरोगा सरिता रानी ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी में उनके पास 35 डेबिट कार्ड और 20 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम मथुरा के थाना गोविंदनगर क्षेत्र के मोहल्ला किशोरी नगर बिरला मंदिर निवासी अवनीश गुप्ता पुत्र नवीन गुप्ता और सन्नी पुत्र शिवनारायन बताए।
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पुलिस ने उनसे पूछा कि 35 डेबिट कार्ड कहां से आए तो वे इसका जवाब नहीं दे सके। यह भी नहीं बता पाए कि सहसवान क्यों आए थे। पुलिस ने जब सख्ती की तो उन्होंने बताया कि वह एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खाते से रुपये निकाल लेते हैं। वे मथुरा से तीन-चार दिन के लिए कार लेकर निकलते हैं। फिर बदायूं, बरेली, बुलंदशहर, एटा, कासगंज आदि जिलों में ऐसी घटनाएं करते हैं। वे बरेली से सहसवान होते हुए घर लौट रहे थे कि यहां घटना करने में पकड़े गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। बुधवार दोपहर बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उनकी कार सीज कर दी है।
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कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
- आरोपी अवनीश गुप्ता के खिलाफ बदायूं के सहसवान, कासगंज के सोरों, इटावा के सिविल लाइंस थाने में करीब छह मामले दर्ज हैं। इसके अलावा सन्नी के खिलाफ बदायूं के सहसवान कोतवाली में एक, गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने में तीन मामले दर्ज हैं।
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इस तरह कार्ड बदलकर निकालते थे रुपये
- दोनों शातिर घटना को अंजाम देने के लिए एटीएम के बाहर खड़े हो जाते थे। जैसे ही कोई वृद्ध या कम जानकारी रखने वाला व्यक्ति वहां आता था तो उसके पीछे आकर खड़े हो जाते थे और व्यक्ति का डेबिट कार्ड पासवर्ड डालते समय देख लेते थे, फिर उसे बातों में फंसाकर उसका कार्ड बदल देते थे। उसे वैसा ही कार्ड देते थे जैसा व्यक्ति के पास होता था। जब उसके रुपये नहीं निकलते थे तो वह थक हारकर चला जाता था, इसके बाद दोनों शातिर उसके डेबिट कार्ड से रुपये निकाल लेते थे।
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ऐसे रहें सावधान
- अपना डेबिट कार्ड किसी के हाथों में न दें
- अपना पासवर्ड छिपाकर टाइप करें
- एटीएम में रुपये निकालने के दौरान अकेले रहें
- मशीन में कार्ड डालते समय उसे चेक कर लें कि कहीं स्कैनर आदि तो नहीं लगा है
- सीसीटीवी कैमरे में भी पासवर्ड सार्वजनिक करने से बचें
- एटीएम से निकली पर्ची फाड़कर वहां न फेंके
- एटीएम कार्ड बदलने का अहसास होते ही तत्काल टोलफ्री नंबर से उसे बंद कराएं व पुलिस और बैंक को सूचित करें
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- साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी करते हैं। वे सामने नहीं आते लेकिन कार्ड बदलने वाले सामने आकर भी धोखाधड़ी का अहसास नहीं होने देते। यह बड़ी चालाकी से आपका कार्ड बदलकर वहां से निकल जाते हैं। फिर दूसरे एटीएम पर जाकर रुपये निकाल लेते हैं। इसलिए अच्छी तरह देख लें कि एटीएम कक्ष में रुपये निकालने के दौरान आपके नजदीक कौन खड़ा है। अपना कार्ड, अपना पासवर्ड किसी को न दें। - मनोज कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल