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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   UP Board exam tomorrow, It will take three thousand teachers

यूपी बोर्ड परीक्षा कल से, लगेंगे तीन हजार शिक्षक

Tue, 16 Feb 2016 08:31 PM IST
बदायूं
बदायूं Updated Tue, 16 Feb 2016 08:31 PM IST
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 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में तीन हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगेगी। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक शामिल नहीं हैं। हालांकि डीआईओएस वीना यादव का कहना है कि बिना बेसिक शिक्षकों के नकलविहीन परीक्षाएं पूरी कराना मुश्किल होगा, लिहाजा उन्होंने बेसिक के शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाने को डीएम के यहां फाइल अनुमोदन के लिए भेजी है।
गुरुवार से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। जिले में इस साल 106 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कई केंद्र तो वर्षों से नकल को बदनाम भी रहे हैं। नकलविहीन परीक्षाएं कराने को शासन और प्रशासनिक अफसरों ने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश भी जारी किए हैं। साफ कह दिया है कि नकल करने और कराने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। पहली बार बोर्ड परीक्षा में बेसिक के शिक्षकों को ड्यूटी से दूर रखा गया है। जिले के सभी केंद्रों पर स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए तीन हजार माध्यमिक शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया गया है। डीआईओएस वीना यादव ने कहा कि बेसिक शिक्षकों के बिना नकलविहीन परीक्षाएं होना मुश्किल लग रहा है। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों पर विभाग का उतना दबाव नहीं होता है जितना स्थायी शिक्षक पर। चूंकि बेसिक के शिक्षक को पूरा वेतन मिलता है इसलिए  वे किसी भी तरह नकल कराने के प्रयासों से बचते हैं। डीआईओएस ने बताया कि बेसिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को ड्यूटी पर लगाने के लिए जिलाधिकारी के पास फाइल अनुमोदन को भेजी है।
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बोर्ड परीक्षा आते ही दर्जनों शिक्षक हो गए बीमार
बदायूं। बोर्ड परीक्षाओं की जिम्मेदारी से बचने के लिए कई केंद्र व्यवस्थापक और शिक्षकों ने नया फंडा अपनाया है। उन्होंने खुद को ड्यूटी से दूर रखने के लिए बीमारी का बहाना बनाकर जिला विद्यालय निरीक्षक को मेडिकल सर्टिफिकेट थमा दिया है। लिहाजा, परीक्षाएं शुरू होने से पहले ही विभाग के लिए यह समस्या खड़ी हो गई है।
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शासन के सख्त निर्देश हैं कि 18 फरवरी से शुरू हो रहीं हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन संपन्न कराई जाएं। जो भी नकल कराने में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही अन्य विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चूंकि बदायूं जिले में तमाम केंद्र ऐसे हैं जो हमेशा से नकल को बदनाम रहे हैं उन केंद्रों पर दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक बनाकर भेजा जाता है फिर भी नकल माफिया तरह-तरह से दबाव डालते हैं। ऐसे में जब तक परीक्षाएं चलती हैं, तब तक उन केंद्रों के व्यवस्थापकों और शिक्षकों की नींद उड़ी रहती हैं।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि दर्जनों माध्यमिक शिक्षकों ने ड्यूटी से दूर रहने के लिए डीआईओएस कार्यालय में अपनी बीमारी का मेडिकल सर्टिफिकेट लगा दिया है। ऐसे शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चूंकि इस बार बेसिक के शिक्षक भी ड्यूटी पर अभी तक नहीं लगाए जा रहे हैं ऐसे में विभागीय अफसरों के सामने परीक्षाओं को विधिवत संपंन कराना भी बड़ी चुनौती हो रही है।

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दर्जनों शिक्षकों ने अपने बीमार होना का मेडिकल सर्टिफिकेट उनके कार्यालय को दिया है। इनमें कुछ केंद्र व्यवस्थापक भी हैं। यह भी जांच का विषय हो गया है कि एक साथ इतने शिक्षक बीमार कैसे हो गए। यदि जांच में पाया गया कि उन्होंने ड्यूटी से बचने को रास्ता अपनाया है तो निश्चित तौर पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-वीना यादव, डीआईओएस
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