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यूक्रेन पर रूसी हमले से बाजार में उतार-चढ़ाव... व्यापारी सशंकित
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सराफा की दुकान पर खरीदारी करते लोग। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। यूक्रेन पर रूसी हमले का असर बाजार पर दिखने लगा है। सराफा से लेकर शेयर और मेंथा बाजार भी प्रभावित हैं। अगर युद्ध लंबा खिंचता है और यूक्रेन की ओर से नाटो देश भी जंग में उतरते हैं तो इसके दुष्परिणाम भारत में भी देखने को मिलेंगे। बदायूं जिला मेंथा की बड़ी मंडी है। सोने का आयात रूस और यूरोपियन देशों से होता है। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के साथ सोने के भावों में भी उछाल आया है। शेयर बाजार भी प्रभावित हुआ है। युद्ध की उथल-पुथल का यहां भी असर दिखने लगा है।
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बदायूं बढ़ी मंडी, मेंथा करोबार पर होगा असर
बदायूं मेंथा की बड़ी मंडी है। किसानों से छोटे व्यापारी और उनसे बड़े व्यापारी मेंथा आयल की खरीद करते हैं। जिले में कुल उत्पादन का करीब 75 फीसदी विदेशों को निर्यात होता है। यहां से मेंथा ऑयल की सप्लाई विश्व के 70 से ज्यादा देशों में होती है। हमले का असर मेंथा व्यापारियों पर भी होगा। दरअसल, विदेशों के लिए सप्लाई समुद्र मार्ग से होती है। मेंथा कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि हिंद महासागर, प्रशांत या अरब महासागर के तटों पर बसे किसी भी देश में युद्ध के हालात बनने पर शिपिंग लाइन प्रभावित होती है। इसका सीधा असर पूरी सप्लाई चेन पर पड़ता है। विदेशों में निर्यात रुकने पर मेंथा के दाम गिरेंगे। इससे न सिर्फ व्यापारी बल्कि किसानों को भी नुकसान होगा।
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एक सप्ताह से मेंथा बाजार आशंकित था। शुक्रवार को रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद साफ है कि इसका सीधा असर भारत के मेंथा कारोबार पर होगा। बदायूं बड़ी मंडी है। ऐसे में बदायूं भी इससे अछूता नहीं रहेगा। कीमतें गिरेंगी।
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-प्रतीश गुप्ता, मेंथा कारोबारी
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भारत से मेंथा ऑयल का निर्यात यूरोपियन देशों के साथ चीन को भी होता है। जंग में अगर अमेरिका समेत अन्य मित्र देश रूस के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं तो मेंथा कारोबार पर असर होगा। यूक्रेन और रूस के मुकाबले अमेरिका के लिए ज्यादा मेंथा ऑयल जाता है।
-हरप्रसाद सिंह पटेल, मेंथा कारोबारी
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कारोबारी बोले-युद्ध लंबा चला को आसमान छुएंगे सोने के भाव
यूक्रेन पर रूस के हमले की खबरों के बीच तीन दिन पहले ही सोने की कीमतों में इजाफा शुरू हो गया था। शुक्रवार को सोने की कीमतें बढ़कर 53320 तक पहुंच गईं। तीन दिन में 22 कैरेट सोने की कीमतों में प्रति तोला ढाई हजार रुपये तक का उछाल आया है। सहालग के सीजन में सोने की कीमतों में उछाल का असर व्यापार पर भी होगा। सराफा करोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक अभी से घटने लगे हैं। अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो सोने की कीमतें आसमान पर होंगी।
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युद्ध का असर सोने-चांदी की कीमतों पर दिखने लगा है। दो दिन पहले युद्ध के संकेत के बाद से ही कीमतें बढ़नी शुरू हो गईं थी। दाम और बढ़ सकते हैं। रूस से सोना और चांदी का आयात होता है। अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो सोने के भाव और बढे़ंगे।
-अमित वर्मा, सराफा व्यापारी
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ज्यादातर सोना विदेशों से आयात होता है। यहां से बने हुए जेवरों का विश्व के कई देशों में निर्यात भी होता है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आयात और निर्यात पर असर होना लाजिमी है। युद्ध की आशंका के बीच ही सोने और चांदी की कीमतों में उछाल शुरू हो गया था। अब युद्ध शुरू हो चुका है। अगर जंग ज्यादा लंबी खिंचती है और नाटो देश भी इसमें हिस्सा लेते हैं तो असर पूरे विश्व के सराफा कारोबार पर पड़ेगा।
-प्रमुख वैश्य, सराफा व्यापारी
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हमले के बाद सराफा बाजार असमंजस में है। बृहस्पतिवार को सोने पर करीब दो हजार रुपया प्रति 10 ग्राम की तेजी आई लेकिन शुक्रवार को करीब एक हजार रुपये की गिरावट भी हुई। जंग के बीच सोने के दामों में इजाफा होने की आशंका बनी हुई है। जंग अगर लंबी खिंचती है तो सोने के साथ पेट्रो पदार्थों के रेट में इजाफा भी होगा।
- संजय कुमार मित्तल, अध्यक्ष सराफा कमेटी, उझानी
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शेयर बाजार में उथल-पुथल से निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें
हमले का असर वैश्विक रूप से सबसे पहले शेयर बाजार पर दिखा है। बृहस्पतिवार को सेसेंक्स गिरा, लेकिन शुक्रवार को कुछ बढ़त देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार पर इस युद्ध का दीर्घकालिक असर नहीं होगा, लेकिन जितने दिन असर रहेगा उसमें निवेशकों के करोड़ों डूब भी सकते हैं। शेयर बाजार आशा और निराशा पर चलता है। युद्ध से अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा अभी से होने लगा है। इसके असर से भी शेयर बाजार अछूता नहीं है।
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जब कभी दो देशों के बीच युद्ध होता है तो इसका सबसे पहला असर शेयर बाजार पर होता है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करता है। बृहस्पतिवार को सेंसेक्स गिरने के कारण निवेशकों का करोड़ों रुपया डूब गया था। भारत की जीडीपी में कृषि का विशेष योगदान है। इस कारण भारत में इसका दीर्घकालिक असर नहीं होगा।
-उपेंद्र गुप्ता, सीए
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युद्ध के दुष्परिणाम सबसे ज्यादा अर्थ व्यवस्था पर होते हैं। महंगाई के रूप में इसके प्रभाव देखने को मिलते हैं। आयात और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और आयात-निर्यात प्रभावित होने का सबसे पहले असर शेयर बाजार पर होता है। अब अर्थ व्यवस्था वैश्विक है। शेयर बाजार संभावनाओं पर चलता है। यह बात सही है कि रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध का ज्यादा दिनों तक शेयर बाजार पर असर नहीं रहेगा। बृहस्पतिवार को सेसेंक्स और निफ्टी गिरा था लेकिन शुक्रवार को उम्मीदों के साथ बाजार संभला है।
-अश्वनी गोयल, सीए
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बदायूं प्रशासन अलर्ट : यूक्रेन में फंसे लोगों के परिवार को जारी किए नंबर
बदायूं। रूस और यूक्रेन की तनातनी के बीच बदायूं जिले के उन लोगों की चिंता भी बढ़ गई है जिनके बच्चे व परिवार के लोग उन देशों में हैं। जिले के कई युवा यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही कुछ लोग वहां पर व्यापार भी कर रहे हैं। इन लोगों को सुरक्षित लाने के लिए सरकार की पहल के साथ ही जिला स्तर पर भी गतिविधियां शुरू हुई हैं। प्रदेश अलग-अलग जिलों के लोगों से संपर्क कराने के लिए नोडल अफसर नियुक्त करने के साथ ही हेल्पलाइन नंबर व ईमेल जारी किए गए हैं। इस पर संपर्क कर लोग यूक्रेन में फंसे अपने परिवार के लोगों के बारे में जानकारी का लेनदेन कर सकते हैं। प्रभारी डीएम ऋषिराज ने बताया कि यूक्रेन में फंसे लोगों के लिए परिजन उनके मोबाइल नंबर 9454415849 व कंट्रोल रूम के नंबर 7505389289 पर जानकारी दे सकते हैं। संवाद
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बदायूं बढ़ी मंडी, मेंथा करोबार पर होगा असर
बदायूं मेंथा की बड़ी मंडी है। किसानों से छोटे व्यापारी और उनसे बड़े व्यापारी मेंथा आयल की खरीद करते हैं। जिले में कुल उत्पादन का करीब 75 फीसदी विदेशों को निर्यात होता है। यहां से मेंथा ऑयल की सप्लाई विश्व के 70 से ज्यादा देशों में होती है। हमले का असर मेंथा व्यापारियों पर भी होगा। दरअसल, विदेशों के लिए सप्लाई समुद्र मार्ग से होती है। मेंथा कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि हिंद महासागर, प्रशांत या अरब महासागर के तटों पर बसे किसी भी देश में युद्ध के हालात बनने पर शिपिंग लाइन प्रभावित होती है। इसका सीधा असर पूरी सप्लाई चेन पर पड़ता है। विदेशों में निर्यात रुकने पर मेंथा के दाम गिरेंगे। इससे न सिर्फ व्यापारी बल्कि किसानों को भी नुकसान होगा।
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एक सप्ताह से मेंथा बाजार आशंकित था। शुक्रवार को रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद साफ है कि इसका सीधा असर भारत के मेंथा कारोबार पर होगा। बदायूं बड़ी मंडी है। ऐसे में बदायूं भी इससे अछूता नहीं रहेगा। कीमतें गिरेंगी।
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-प्रतीश गुप्ता, मेंथा कारोबारी
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भारत से मेंथा ऑयल का निर्यात यूरोपियन देशों के साथ चीन को भी होता है। जंग में अगर अमेरिका समेत अन्य मित्र देश रूस के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं तो मेंथा कारोबार पर असर होगा। यूक्रेन और रूस के मुकाबले अमेरिका के लिए ज्यादा मेंथा ऑयल जाता है।
-हरप्रसाद सिंह पटेल, मेंथा कारोबारी
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कारोबारी बोले-युद्ध लंबा चला को आसमान छुएंगे सोने के भाव
यूक्रेन पर रूस के हमले की खबरों के बीच तीन दिन पहले ही सोने की कीमतों में इजाफा शुरू हो गया था। शुक्रवार को सोने की कीमतें बढ़कर 53320 तक पहुंच गईं। तीन दिन में 22 कैरेट सोने की कीमतों में प्रति तोला ढाई हजार रुपये तक का उछाल आया है। सहालग के सीजन में सोने की कीमतों में उछाल का असर व्यापार पर भी होगा। सराफा करोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक अभी से घटने लगे हैं। अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो सोने की कीमतें आसमान पर होंगी।
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युद्ध का असर सोने-चांदी की कीमतों पर दिखने लगा है। दो दिन पहले युद्ध के संकेत के बाद से ही कीमतें बढ़नी शुरू हो गईं थी। दाम और बढ़ सकते हैं। रूस से सोना और चांदी का आयात होता है। अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो सोने के भाव और बढे़ंगे।
-अमित वर्मा, सराफा व्यापारी
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ज्यादातर सोना विदेशों से आयात होता है। यहां से बने हुए जेवरों का विश्व के कई देशों में निर्यात भी होता है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आयात और निर्यात पर असर होना लाजिमी है। युद्ध की आशंका के बीच ही सोने और चांदी की कीमतों में उछाल शुरू हो गया था। अब युद्ध शुरू हो चुका है। अगर जंग ज्यादा लंबी खिंचती है और नाटो देश भी इसमें हिस्सा लेते हैं तो असर पूरे विश्व के सराफा कारोबार पर पड़ेगा।
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हमले के बाद सराफा बाजार असमंजस में है। बृहस्पतिवार को सोने पर करीब दो हजार रुपया प्रति 10 ग्राम की तेजी आई लेकिन शुक्रवार को करीब एक हजार रुपये की गिरावट भी हुई। जंग के बीच सोने के दामों में इजाफा होने की आशंका बनी हुई है। जंग अगर लंबी खिंचती है तो सोने के साथ पेट्रो पदार्थों के रेट में इजाफा भी होगा।
- संजय कुमार मित्तल, अध्यक्ष सराफा कमेटी, उझानी
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शेयर बाजार में उथल-पुथल से निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें
हमले का असर वैश्विक रूप से सबसे पहले शेयर बाजार पर दिखा है। बृहस्पतिवार को सेसेंक्स गिरा, लेकिन शुक्रवार को कुछ बढ़त देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार पर इस युद्ध का दीर्घकालिक असर नहीं होगा, लेकिन जितने दिन असर रहेगा उसमें निवेशकों के करोड़ों डूब भी सकते हैं। शेयर बाजार आशा और निराशा पर चलता है। युद्ध से अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा अभी से होने लगा है। इसके असर से भी शेयर बाजार अछूता नहीं है।
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जब कभी दो देशों के बीच युद्ध होता है तो इसका सबसे पहला असर शेयर बाजार पर होता है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करता है। बृहस्पतिवार को सेंसेक्स गिरने के कारण निवेशकों का करोड़ों रुपया डूब गया था। भारत की जीडीपी में कृषि का विशेष योगदान है। इस कारण भारत में इसका दीर्घकालिक असर नहीं होगा।
-उपेंद्र गुप्ता, सीए
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युद्ध के दुष्परिणाम सबसे ज्यादा अर्थ व्यवस्था पर होते हैं। महंगाई के रूप में इसके प्रभाव देखने को मिलते हैं। आयात और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और आयात-निर्यात प्रभावित होने का सबसे पहले असर शेयर बाजार पर होता है। अब अर्थ व्यवस्था वैश्विक है। शेयर बाजार संभावनाओं पर चलता है। यह बात सही है कि रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध का ज्यादा दिनों तक शेयर बाजार पर असर नहीं रहेगा। बृहस्पतिवार को सेसेंक्स और निफ्टी गिरा था लेकिन शुक्रवार को उम्मीदों के साथ बाजार संभला है।
-अश्वनी गोयल, सीए
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बदायूं प्रशासन अलर्ट : यूक्रेन में फंसे लोगों के परिवार को जारी किए नंबर
बदायूं। रूस और यूक्रेन की तनातनी के बीच बदायूं जिले के उन लोगों की चिंता भी बढ़ गई है जिनके बच्चे व परिवार के लोग उन देशों में हैं। जिले के कई युवा यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही कुछ लोग वहां पर व्यापार भी कर रहे हैं। इन लोगों को सुरक्षित लाने के लिए सरकार की पहल के साथ ही जिला स्तर पर भी गतिविधियां शुरू हुई हैं। प्रदेश अलग-अलग जिलों के लोगों से संपर्क कराने के लिए नोडल अफसर नियुक्त करने के साथ ही हेल्पलाइन नंबर व ईमेल जारी किए गए हैं। इस पर संपर्क कर लोग यूक्रेन में फंसे अपने परिवार के लोगों के बारे में जानकारी का लेनदेन कर सकते हैं। प्रभारी डीएम ऋषिराज ने बताया कि यूक्रेन में फंसे लोगों के लिए परिजन उनके मोबाइल नंबर 9454415849 व कंट्रोल रूम के नंबर 7505389289 पर जानकारी दे सकते हैं। संवाद