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साप्ताहिक बंदी के दिन फिर खोला गया बाजार
उझानी (बदायूं)।
Updated Wed, 17 Feb 2016 07:02 PM IST
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साप्ताहिक बंदी को दरकिनार कर अधिकतर दुकानदारों ने बुधवार को फिर कारोबार जारी रखा। हालांकि लेवर इंस्पेक्टर के पहुंचने की अफवाह रही लेकिन कुछेक दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों के बाहर बिक्री करते नजर आए। अफवाह की वजह से घंटाघर चौराहे केे आसपास के प्रतिष्ठान बंद रहे।
बाजार में पूर्वाह्न तक रोज की तरह रौनक दिखी। दोपहर में लेबर इंसपेटर की दस्तक की अफवाह फैली तो बाजार में दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर पड़े। घंटाघर चौराहे के आसपास के प्रतिष्ठान तो बंद रहे लेकिन कछला रोड, बिल्सी रोड और स्टेशन रोड बाजार में साप्ताहिक बंदी का असर नहीं दिखा। स्टेशन रोड पर अधिकतर दुकानें खुलीं लेकिन जो प्रतिष्ठान बंद थे उनके स्वामी दुकानों के बाहर सामान की बिक्री करते नजर आए।
बता दें कि 15 दिन पहले श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरपी सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों ने साप्ताहिक बंदी के दिन दस्तक देकर दुकानदारों को सकते में डाल दिया था। उन्होंने एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठान स्वामियों के खिलाफ श्रम कानून के उल्लंघन की कार्रवाई भी की थी। इधर, साप्ताहिक कंदी को प्रभावी ढंग से लागू कराने में नाकाम श्रम अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। दुकानों पर काम करने वाले लोगों में राजपाल और दुर्वेश ने बताया कि सप्ताह में दिन तो छुट्टी का मिलना चाहिए।
बाजार में पूर्वाह्न तक रोज की तरह रौनक दिखी। दोपहर में लेबर इंसपेटर की दस्तक की अफवाह फैली तो बाजार में दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर पड़े। घंटाघर चौराहे के आसपास के प्रतिष्ठान तो बंद रहे लेकिन कछला रोड, बिल्सी रोड और स्टेशन रोड बाजार में साप्ताहिक बंदी का असर नहीं दिखा। स्टेशन रोड पर अधिकतर दुकानें खुलीं लेकिन जो प्रतिष्ठान बंद थे उनके स्वामी दुकानों के बाहर सामान की बिक्री करते नजर आए।
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बता दें कि 15 दिन पहले श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरपी सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों ने साप्ताहिक बंदी के दिन दस्तक देकर दुकानदारों को सकते में डाल दिया था। उन्होंने एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठान स्वामियों के खिलाफ श्रम कानून के उल्लंघन की कार्रवाई भी की थी। इधर, साप्ताहिक कंदी को प्रभावी ढंग से लागू कराने में नाकाम श्रम अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। दुकानों पर काम करने वाले लोगों में राजपाल और दुर्वेश ने बताया कि सप्ताह में दिन तो छुट्टी का मिलना चाहिए।
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