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डेंगू से जिले में दो और लोगों की जान गई, 15 नए मरीज मिले
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बदायूं। जिले में डेंगू के नए मिलने वाले रोगियों की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन मौतों का सिलसिला जारी है। बुधवार को डेंगू के 15 नए रोगी मिले हैं। इसके साथ ही उझानी के बसोमा और बरामालदेव में डेंगू से दो लोगों की मौत हो गई। डेंगू का प्रकोप शहर में सबसे ज्यादा है। शहर समेत पांच ब्लॉक डेंगू की चपेट में हैं। नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता से लेकर एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया तक डेंगू की चपेट में आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर बुधवार को जिले में 16 स्थानों पर कैंपों का आयोजन कर बुखार पीड़ितों की जांच की गई। इस दौरान मलेरिया के सात और फैल्सीपेरम का एक रोगी मिला। 361 लोगों की एलाइजा जांच की गई। इनमें 15 लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। जिले में डेंगू के सक्रिय रोगियों की संख्या बढ़कर 223 हो गई है। गंभीर बीमार 48 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शहर में जिला अस्पताल परिसर, पुलिस लाइंस, पटेल नगर, कृष्णा नगर, जवाहरपुरी, जिला महिला अस्पताल, जिला जेल, जालंधरी सराय, लोची नगला आदि मोहल्लों में डेंगू के लगातार नए रोगी मिल रहे हैं।
इस दौरान बुखार और डेंगू से दो और लोगों की जान चली गई। उझानी ब्लॉक के बसोमा निवासी रामऔतार (55) को कई दिन से बुखार आ रहा था। उनका बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार तड़के उनकी मौत हो गई। इसके अलावा बरामालदेव निवासी लखपत (50) की दिल्ली के एक अस्पताल में मंगलवार रात मौत हो गई। बरामालदेव में काफी संख्या में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं।
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स्वस्थ होकर घर लौटे नगर विकास राज्यमंत्री
नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। हालांकि उनको डॉक्टर ने आराम करने की सलाह दी है। पिछले दिनों वह डेंगू की चपेट में आ गए थे। बरेली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कई दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद बुधवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
स्थानीय निकाय नहीं करा रहे फॉगिंग
जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि नगर पालिका और नगर पंचायतें फॉगिंग नहीं करा रहे हैं। शहर में ही डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप है। जिला अस्पताल परिसर में ही अब तक डेंगू के 10 से ज्यादा रोगी मिल चुके हैं। यहां भी फॉगिंग नहीं हो सकी है। दरअसल, फॉगिंग के लिए मलेरिया विभाग के पास बजट नहीं है। नगर पालिका और नगर पंचायतों के पास बजट और संसाधन होने के बाद भी फॉगिंग न होने से डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने भी एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया से बात कर नगर पालिका और नगर पंचायतों को फॉगिंग कराने के निर्देश देने के लिए कहा था।
डेंगू का प्रकोप धीरे-धीरे कम हो रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच कराई जा रही है। प्रभावित गांवों में कैंप लगाने के साथ एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं। बुखार या डेंगू से जिले में मौतें होने की बात गलत है।
- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग की ओर बुधवार को जिले में 16 स्थानों पर कैंपों का आयोजन कर बुखार पीड़ितों की जांच की गई। इस दौरान मलेरिया के सात और फैल्सीपेरम का एक रोगी मिला। 361 लोगों की एलाइजा जांच की गई। इनमें 15 लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। जिले में डेंगू के सक्रिय रोगियों की संख्या बढ़कर 223 हो गई है। गंभीर बीमार 48 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शहर में जिला अस्पताल परिसर, पुलिस लाइंस, पटेल नगर, कृष्णा नगर, जवाहरपुरी, जिला महिला अस्पताल, जिला जेल, जालंधरी सराय, लोची नगला आदि मोहल्लों में डेंगू के लगातार नए रोगी मिल रहे हैं।
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इस दौरान बुखार और डेंगू से दो और लोगों की जान चली गई। उझानी ब्लॉक के बसोमा निवासी रामऔतार (55) को कई दिन से बुखार आ रहा था। उनका बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार तड़के उनकी मौत हो गई। इसके अलावा बरामालदेव निवासी लखपत (50) की दिल्ली के एक अस्पताल में मंगलवार रात मौत हो गई। बरामालदेव में काफी संख्या में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं।
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स्वस्थ होकर घर लौटे नगर विकास राज्यमंत्री
नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। हालांकि उनको डॉक्टर ने आराम करने की सलाह दी है। पिछले दिनों वह डेंगू की चपेट में आ गए थे। बरेली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कई दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद बुधवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
स्थानीय निकाय नहीं करा रहे फॉगिंग
जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि नगर पालिका और नगर पंचायतें फॉगिंग नहीं करा रहे हैं। शहर में ही डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप है। जिला अस्पताल परिसर में ही अब तक डेंगू के 10 से ज्यादा रोगी मिल चुके हैं। यहां भी फॉगिंग नहीं हो सकी है। दरअसल, फॉगिंग के लिए मलेरिया विभाग के पास बजट नहीं है। नगर पालिका और नगर पंचायतों के पास बजट और संसाधन होने के बाद भी फॉगिंग न होने से डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने भी एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया से बात कर नगर पालिका और नगर पंचायतों को फॉगिंग कराने के निर्देश देने के लिए कहा था।
डेंगू का प्रकोप धीरे-धीरे कम हो रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच कराई जा रही है। प्रभावित गांवों में कैंप लगाने के साथ एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं। बुखार या डेंगू से जिले में मौतें होने की बात गलत है।
- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ