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Budaun News: कर्ज चुकाने के लिए चालक ने रची थी रिफाइंड के लूट की साजिश
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पुलिस लाइन में बरामद सामान के साथ खड़े लूट की साजिश के आरोपी। स्रोत-पुलिस
बदायूं। एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने सोमवार को 23 जनवरी को रिफाइंड लदे ट्रक लूटकांड का खुलासा कर दिया। एसएसपी ने बताया चालक ने ही 20 लाख रुपये का कर्ज उतारने के लिए लखीमपुर के साथी चालक के साथ मिलकर रिफाइंड के पीपे लूटने की साजिश रची थी। दोनों ने लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ निवासी पिता-पुत्र को 12 लाख रुपये में रिफाइंड बेचा था। पुलिस ने आरोपी चालक, उसके साथी और पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नमकीन व्यापारी की तलाश में पुलिस जुटी है। पुलिस ने 14 लाख नकदी, 287 खाली व सात भरे रिफाइंड के पीपे एवं एक कार बरामद की है।
एसएसपी ने बताया कि ट्रक चालक सर्वजीत नशे का आदी है। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान भी उसे अभिरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों से नशे के लिए अफीम एवं नशीले पदार्थ की मांग की थी। तब से ही पुलिस को चालक पर शक हो गया था। लूटकांड के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें गठित थीं।
दातागंज से संभल के गुन्नौर तक करीब डेढ़ हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गईं थीं। कुछ फुटेज में अहम सुराग मिले। इसमें दातागंज इलाके में ट्रक त्रिपाल से ढका हुआ नजर आया, लेकिन उझानी इलाके के सीसीटीवी कैमरों में त्रिपाल खुला हुआ नजर आया। इसी को आधार मानते हुए जब पुलिस ने चालक से कड़ी पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने लूटकांड को खुद की रची साजिश बताया।
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उसने बताया कि उस पर करीब 20 लाख रुपये कर्ज हो चुका था, जिसे चुकाने के लिए उसने अपने साथी पलविंदर पुत्र मुख्तियार सिंह निवासी मैगलगंज जिला लखीमपुर खीरी की मदद ली। दोनों ने मिलकर लखीमपुर खीरी में मैसर्स गोविंद इंडस्ट्रीज मैन्यूफेक्चरर ऑफ माइक्रो न्यूट्रिन्स फर्टिलाइजर एंड पेस्टीसाइड फार्मूलेशन के मालिक रितिक गुप्ता और उसके बेटे मनीष गुप्ता को 12 लाख रुपये में 1500 पीपे रिफाइंड के बेच दिए थे। इसमें 10 लाख रुपये ट्रक चालक सर्वजीत ने लिए। शेष दो लाख पलविंदर ने अपने पास रख लिए।
इसके बाद व्यापारी मनीष गुप्ता व रितिक गुप्ता ने उस रिफाइंड को नमकीन व्यापारी दीपू गुप्ता एवं शिव कुमार तोलानी पुत्र चंदीराम तोलानी निवासी लखीमपुर खीरी को 15 लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस ने चालक सर्वजीत, पलविंदर, मनीष गुप्ता और रितिक गुप्ता को जेल भेज दिया है, जबकि नमकीन व्यापारियों दीपू गुप्ता एवं शिव कुमार तोलानी की तलाश की जा रही है।
जेल की मुलाकात से साजिश की बानगी
एसएसपी ने बताया कि सर्वजीत, पलविंदर और मनीष का पहले ही आपराधिक इतिहास है। सर्वजीत पहले अवैध शराब की तस्करी में जेल जा चुका है। वहीं, परविंदर भी गांजा तस्करी में जेल जा चुका है। इसके अलावा मनीष गुप्ता गैंगस्टर है। उसके खिलाफ लखीमपुर खीरी में गैंगस्टर, धोखाधड़ी, एससीएसटी एक्ट, एवं कॉपी राइट समेत दस मुकदमे दर्ज हैं। तीनों की जेल में मुलाकात हुई थी। इस वजह से तीनों ने मिलकर लूट की साजिश को अंजाम दिया।
यह हुई थी घटना
23 जनवरी की रात हरियाणा के भिवानी थाना क्षेत्र एवं मौजूदा दिल्ली के स्वरूप नगर निवासी चालक सर्वजीत सिंह सोयाबीन रिफाइंड के 1500 पीपे लदे ट्रक को लेकर दातागंज क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी बीच दातागंज के सादुल्लागंज गांव के समीप कार सवार बदमाशों ने ट्रक को लूट लिया था। बदमाशों ने चालक को कार में बंधक बना लिया था, जबकि ट्रक को एक बदमाश लेकर फरार हो गया था। 24 जनवरी की सुबह चालक बेहोशी की हालत में मुजरिया के सबदलपुर गांव के समीप सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था।
ट्रक लूटकांड का मास्टरमाइंड उसका चालक सर्वजीत ही था। उसने ही साथी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। घटना का खुलासा करते हुए चार लोगों को जेल भेजा गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।- डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
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एसएसपी ने बताया कि ट्रक चालक सर्वजीत नशे का आदी है। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान भी उसे अभिरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों से नशे के लिए अफीम एवं नशीले पदार्थ की मांग की थी। तब से ही पुलिस को चालक पर शक हो गया था। लूटकांड के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें गठित थीं।
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दातागंज से संभल के गुन्नौर तक करीब डेढ़ हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गईं थीं। कुछ फुटेज में अहम सुराग मिले। इसमें दातागंज इलाके में ट्रक त्रिपाल से ढका हुआ नजर आया, लेकिन उझानी इलाके के सीसीटीवी कैमरों में त्रिपाल खुला हुआ नजर आया। इसी को आधार मानते हुए जब पुलिस ने चालक से कड़ी पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने लूटकांड को खुद की रची साजिश बताया।
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उसने बताया कि उस पर करीब 20 लाख रुपये कर्ज हो चुका था, जिसे चुकाने के लिए उसने अपने साथी पलविंदर पुत्र मुख्तियार सिंह निवासी मैगलगंज जिला लखीमपुर खीरी की मदद ली। दोनों ने मिलकर लखीमपुर खीरी में मैसर्स गोविंद इंडस्ट्रीज मैन्यूफेक्चरर ऑफ माइक्रो न्यूट्रिन्स फर्टिलाइजर एंड पेस्टीसाइड फार्मूलेशन के मालिक रितिक गुप्ता और उसके बेटे मनीष गुप्ता को 12 लाख रुपये में 1500 पीपे रिफाइंड के बेच दिए थे। इसमें 10 लाख रुपये ट्रक चालक सर्वजीत ने लिए। शेष दो लाख पलविंदर ने अपने पास रख लिए।
इसके बाद व्यापारी मनीष गुप्ता व रितिक गुप्ता ने उस रिफाइंड को नमकीन व्यापारी दीपू गुप्ता एवं शिव कुमार तोलानी पुत्र चंदीराम तोलानी निवासी लखीमपुर खीरी को 15 लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस ने चालक सर्वजीत, पलविंदर, मनीष गुप्ता और रितिक गुप्ता को जेल भेज दिया है, जबकि नमकीन व्यापारियों दीपू गुप्ता एवं शिव कुमार तोलानी की तलाश की जा रही है।
जेल की मुलाकात से साजिश की बानगी
एसएसपी ने बताया कि सर्वजीत, पलविंदर और मनीष का पहले ही आपराधिक इतिहास है। सर्वजीत पहले अवैध शराब की तस्करी में जेल जा चुका है। वहीं, परविंदर भी गांजा तस्करी में जेल जा चुका है। इसके अलावा मनीष गुप्ता गैंगस्टर है। उसके खिलाफ लखीमपुर खीरी में गैंगस्टर, धोखाधड़ी, एससीएसटी एक्ट, एवं कॉपी राइट समेत दस मुकदमे दर्ज हैं। तीनों की जेल में मुलाकात हुई थी। इस वजह से तीनों ने मिलकर लूट की साजिश को अंजाम दिया।
यह हुई थी घटना
23 जनवरी की रात हरियाणा के भिवानी थाना क्षेत्र एवं मौजूदा दिल्ली के स्वरूप नगर निवासी चालक सर्वजीत सिंह सोयाबीन रिफाइंड के 1500 पीपे लदे ट्रक को लेकर दातागंज क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी बीच दातागंज के सादुल्लागंज गांव के समीप कार सवार बदमाशों ने ट्रक को लूट लिया था। बदमाशों ने चालक को कार में बंधक बना लिया था, जबकि ट्रक को एक बदमाश लेकर फरार हो गया था। 24 जनवरी की सुबह चालक बेहोशी की हालत में मुजरिया के सबदलपुर गांव के समीप सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था।
ट्रक लूटकांड का मास्टरमाइंड उसका चालक सर्वजीत ही था। उसने ही साथी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। घटना का खुलासा करते हुए चार लोगों को जेल भेजा गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।- डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी