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Budaun News: धोखाधड़ी के मामले में तिलक तिवारी पर कोर्ट के आदेश पर एक और मुकदमा

Mon, 05 Jan 2026 11:52 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 11:52 PM IST
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Tilak Tiwari faces another lawsuit in a fraud case, based on a court order.
बदायूं। न्यायालय सीजेएम के आदेश पर सिविल लाइंस पुलिस ने तिलक तिवारी समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। इससे पहले जिले के कई थानों समेत बरेली में उसके खिलाफ धोखाधड़ी करने के मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई है। वह पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा है। पिछले दिनाें सिविल लाइंस पुलिस को भी बीमारी का बहाना बनाकर थाने से ही जमानत कराके भाग गया था। अब उसकी तलाश में कई थानोंं की पुलिस है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला ईश्वरधाम कॉलोनी निवासी अजय माहेश्वरी ने बताया कि हितैषी ब्रिक इंडस्ट्री के नाम से फर्म का प्रोपराइटर है। उसको ईंटें बनाने के लिए मिट्टी की आवश्यकता होती है, जिसके लिए वह भूमि मालिकों से मिट्टी क्रय करता है। तिलक तिवारी पुत्र प्रमोद तिवारी ने उससे संपर्क किया और बताया कि वह और उसकी दादी कमला तिवारी व पत्नी मोहिनी तिवारी की भूमि गाटा संख्या 32 व 37 स्थित गांव दौरी निरोत्तमपुर में है, जो कि करीब 40 बीघा है। हम उसकी मिट्टी बेचना चाहते हैं।
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तिलक तिवारी ने एक इन्तखाव भी दिखाया, जिसमें कमला तिवारी व मोहिनी तिवारी के नाम थी। 12 नवंबर को उसने मिट्टी का सौदा किया और सात लाख रुपये बैंक खाते में दिए और पांच लाख रुपया नकद दिया।
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तय हुआ था कि वह जमीन से दो मीटर गहराई तक मिट्टी निकालेगा, उसके बाद खेत खाली करके कब्जा कमला तिवारी आदि को दे देगा। इसके लिए एक सौ रुपये के स्टांप पर पूरी शर्त लिखी गई थी। दोनों पक्षों के उस पर हस्ताक्षर भी हैं। जब तय समय पर वह मिट्टी निकालने पहुंचा तो तिलक तिवारी ने उससे कहा कि अभी इन गाटा संख्याओं को लेकर हमारे परिवार में विवाद है। कुछ दिन रुक जाओ, उसके बाद मिट्टी उठा लेना।
इसके बाद सितंबर में जब मिट्टी निकालने अपनी लेबर लेकर गया तो फिर यही आश्वासन देकर मिट्टी निकालने से रोक दिया गया। तिलक तिवारी ने कहा कि हमारा पारिवारिक विवाद अब तय ही होने वाला है। तुम मुझे पांच लाख रुपये और दे दो। चूंकि सौदा 17 लाख में तय हुआ था इस कारण विश्वास करके उसने 4.50 लाख रुपये नकद और दे दिए।

इसके बाद मिट्टी निकलवाने पहुंचा तो पता चला कि यह दोनों गाटा संख्या सेवा संस्थान के नाम दर्ज हैं। कमला तिवारी व मोहिनी तिवारी के नाम पर नहीं हैं। तहसील से कागज निकलवाए तो पता चला कि पहले जो तिलक तिवारी ने कागजात इस भूमि के दिए वे कूटरचित थे। आरोपियों ने 16 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तिलक तिवारी, मोहिनी तिवारी, कमला तिवारी व संदेश पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी की एक और रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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