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Budaun News: कैथोला गांव में तेज बुखार से एक और बच्ची की मौत
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संध्या
बदायूं। जिले के कैथोला गांव में बुखार से 20 दिनों में पांच बच्चों की मौतों ने ग्रामीणों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इसमें छह वर्षीय प्रियांशी की रविवार को बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गांव में कई अन्य बच्चे भी बुखार से पीड़ित हैं। उनका उझानी, उसहैत, बदायूं और बरेली के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
कैथोला गांव में बुखार से चार बच्चों की मौत हो चुकी है। रविवार को छह वर्षीय प्रियांशी की पांचवीं मौत ने परिवारों की चिंता और बढ़ा दी। बताया गया कि बच्ची को कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था। परिजन उसे पहले बदायूं में उपचार के लिए ले गए। हालत में सुधार नहीं होने पर बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उसकी रविवार सुबह मौत हो गई।
ग्रामीण अवधेश व जुगपाल के मुताबिक, गांव में कई अन्य बच्चे भी बुखार से पीड़ित हैं। बच्चों के परिजन उनका उझानी, उसहैत, बदायूं और बरेली में इलाज कर रहे है। लगातार पांच बच्चों की मौत से ग्रामीण बीमारी के कारणों को लेकर चिंतित हैं।
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इनकी हुई मौत
जुगपाल ने बताया कि उनके बेटे अनूप (12) को 21 सितंबर को तेज बुखार आया। उसे कादरचौक में एक निजी अस्पताल में दिखाया। हालत गंभीर होने पर उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन वहां पर पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई।
अवधेश ने बताया कि उनके एक साल के बेटे अनमोल को 23 सितंबर की सुबह तेज बुखार आया। कादरचौक से उसकी दवा ली। शाम को उसकी मौत हो गई।
दोदराम ने बताया कि उनकी छह वर्षीय बेटी संध्या को दो दिन पहले तेज बुखार आया था। उसको कादरचौक से दवा दिलाई थी, लेकिन 24 सितंबर को उसकी मौत हो गई।
वहीं, बन्ने लाल की 14 वर्षीय बेटी कीर्ति की नौ अक्तूबर को बदायूं के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
11 सितंबर को छह वर्षीय प्रियांशी पुत्री अजीत की बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई।
बुखार से गांव मेें कई लोग बीमार
कैथोला गांव में मानपाल का बेटा लवली (8), हरीश चंद्र का बेटा सुभाष (14), गंगा सिंह का बेटा चंद्र शेखर (16), बेचेलाल का बेटा राहुल (17), देव सिंह (40), सुरेश (38), रामौतार (55), हंसमुखी (35), आंगनबाड़ी सहायिका रेशमवती (32) को कई दिन से बुखार आ रहा है। इन सभी का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
गांव में गंदगी, स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने का आरोप
गांव निवासी नरेश पाल बौद्ध ने बताया कि गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं। उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गांव में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। बावजूद इसके अब तक पंचायती राज विभाग की ओर से कोई टीम नहीं भेजी गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी गांव में नहीं पहुंचा है। उन्होंने गांव में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाने, बीमारों की जांच कराने की मांग की है।
कैथोला गांव में पांच बच्चों की मौत के संबंध में जानकारी मिली है। आज गांव में टीम भेजी जाएंगी। साथ ही इन बच्चों की मौत की वजह भी जानी जाएगी। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
जहां पानी जमा हो वहां डाल दें उपयोग किया हुआ मोबिल ऑयल
यह मौसम मच्छरजनित बीमारियों का है। ऐसे में बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं। साथ ही रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। घर या आसपास पानी जमा न होने दें। अगर किसी जगह पर पानी जमा है, तो वहां पर उपयोग किया हुआ मोबिल ऑयल डाल दें। -संदीप वार्ष्णेय, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला महिला अस्पताल
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कैथोला गांव में बुखार से चार बच्चों की मौत हो चुकी है। रविवार को छह वर्षीय प्रियांशी की पांचवीं मौत ने परिवारों की चिंता और बढ़ा दी। बताया गया कि बच्ची को कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था। परिजन उसे पहले बदायूं में उपचार के लिए ले गए। हालत में सुधार नहीं होने पर बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उसकी रविवार सुबह मौत हो गई।
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ग्रामीण अवधेश व जुगपाल के मुताबिक, गांव में कई अन्य बच्चे भी बुखार से पीड़ित हैं। बच्चों के परिजन उनका उझानी, उसहैत, बदायूं और बरेली में इलाज कर रहे है। लगातार पांच बच्चों की मौत से ग्रामीण बीमारी के कारणों को लेकर चिंतित हैं।
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इनकी हुई मौत
जुगपाल ने बताया कि उनके बेटे अनूप (12) को 21 सितंबर को तेज बुखार आया। उसे कादरचौक में एक निजी अस्पताल में दिखाया। हालत गंभीर होने पर उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन वहां पर पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई।
अवधेश ने बताया कि उनके एक साल के बेटे अनमोल को 23 सितंबर की सुबह तेज बुखार आया। कादरचौक से उसकी दवा ली। शाम को उसकी मौत हो गई।
दोदराम ने बताया कि उनकी छह वर्षीय बेटी संध्या को दो दिन पहले तेज बुखार आया था। उसको कादरचौक से दवा दिलाई थी, लेकिन 24 सितंबर को उसकी मौत हो गई।
वहीं, बन्ने लाल की 14 वर्षीय बेटी कीर्ति की नौ अक्तूबर को बदायूं के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
11 सितंबर को छह वर्षीय प्रियांशी पुत्री अजीत की बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई।
बुखार से गांव मेें कई लोग बीमार
कैथोला गांव में मानपाल का बेटा लवली (8), हरीश चंद्र का बेटा सुभाष (14), गंगा सिंह का बेटा चंद्र शेखर (16), बेचेलाल का बेटा राहुल (17), देव सिंह (40), सुरेश (38), रामौतार (55), हंसमुखी (35), आंगनबाड़ी सहायिका रेशमवती (32) को कई दिन से बुखार आ रहा है। इन सभी का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
गांव में गंदगी, स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने का आरोप
गांव निवासी नरेश पाल बौद्ध ने बताया कि गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं। उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गांव में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। बावजूद इसके अब तक पंचायती राज विभाग की ओर से कोई टीम नहीं भेजी गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी गांव में नहीं पहुंचा है। उन्होंने गांव में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाने, बीमारों की जांच कराने की मांग की है।
कैथोला गांव में पांच बच्चों की मौत के संबंध में जानकारी मिली है। आज गांव में टीम भेजी जाएंगी। साथ ही इन बच्चों की मौत की वजह भी जानी जाएगी। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
जहां पानी जमा हो वहां डाल दें उपयोग किया हुआ मोबिल ऑयल
यह मौसम मच्छरजनित बीमारियों का है। ऐसे में बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं। साथ ही रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। घर या आसपास पानी जमा न होने दें। अगर किसी जगह पर पानी जमा है, तो वहां पर उपयोग किया हुआ मोबिल ऑयल डाल दें। -संदीप वार्ष्णेय, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला महिला अस्पताल

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