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Budaun News: नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले जर्राह को तीन साल की कैद
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बदायूं। करीब तीन साल पुराने नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले जर्राह (इलाज करने वाले अप्रशिक्षित व्यक्ति) मोहम्मद आरिफ को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है।
थाना दातागंज क्षेत्र के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 24 जुलाई 2020 को थाने पर रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसकी नाबालिग बेटी अपने छोटे भाई के साथ मां की दवा लेने जर्राह मो. आरिफ की दुकान पर गई थी।
इस दौरान जर्राह ने उसके बेटे को दवा लेने मेडिकल स्टोर पर भेज दिया, जबकि उसकी पुत्री को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाई। वादी की पुत्री ने घर आकर सारी बात अपने परिवार वालों को बताई। पुलिस ने जर्राह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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मुकदमे के दौरान वादी, उसकी पीड़ित पुत्री सहित अन्य तथ्यों के साक्षी अपने बयानों से मुकर गए। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया।
कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने जर्राह मोहम्मद आरिफ को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और 20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला।
जज ने कहा - बच्चों के प्रति शारीरिक हिंसा से संबंधित है केस
- स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने इस मामले में सभी साक्षी द्वारा घटना का समर्थन न करने के बावजूद आरोपी जर्राह को दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि जर्राह ने जो आपराधिक कृत्य किया है वह बच्चों के प्रति शारीरिक हिंसा से संबंधित है। इसमें किसी भी प्रकार का उदार दृष्टिकोण अपनाने का कोई आधार नहीं है।
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थाना दातागंज क्षेत्र के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 24 जुलाई 2020 को थाने पर रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसकी नाबालिग बेटी अपने छोटे भाई के साथ मां की दवा लेने जर्राह मो. आरिफ की दुकान पर गई थी।
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इस दौरान जर्राह ने उसके बेटे को दवा लेने मेडिकल स्टोर पर भेज दिया, जबकि उसकी पुत्री को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाई। वादी की पुत्री ने घर आकर सारी बात अपने परिवार वालों को बताई। पुलिस ने जर्राह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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मुकदमे के दौरान वादी, उसकी पीड़ित पुत्री सहित अन्य तथ्यों के साक्षी अपने बयानों से मुकर गए। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया।
कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने जर्राह मोहम्मद आरिफ को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और 20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला।
जज ने कहा - बच्चों के प्रति शारीरिक हिंसा से संबंधित है केस
- स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने इस मामले में सभी साक्षी द्वारा घटना का समर्थन न करने के बावजूद आरोपी जर्राह को दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि जर्राह ने जो आपराधिक कृत्य किया है वह बच्चों के प्रति शारीरिक हिंसा से संबंधित है। इसमें किसी भी प्रकार का उदार दृष्टिकोण अपनाने का कोई आधार नहीं है।