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Budaun News: जमानत पर रिहा हुए पूर्व सपा सांसद धर्मेंद्र समेत तीन लोग
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पूर्व सांसद धर्मेन्द्र । स्रोत स्वयं
बदायूं। विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी कर्मचारियों को प्रलोभन देकर वोट खरीदने के मामले में पूर्व सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत तीन लोगों को एमपी/एमएलए कोर्ट ने 20-20 हजार की जमानत दाखिल करने पर रिहा कर दिया।
पूर्व सपा सांसद धर्मेंद्र समेत 37 लोगों के खिलाफ तीन फरवरी 2022 को सिविल लाइंस थाने में प्रलोभन देकर वोट खरीदने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सोमवार को पूर्व सांसद धर्मेंद्र, सपा नेता फखरे अहमद शोबी और विनोद राठौर ने एमपी/एमएलए कोर्ट में समर्पण किया था।
विधानसभा चुनाव-2022 में सपा ने सदर सीट से रईस अहमद को प्रत्याशी बनाया था। चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सभी नीतियां अपनाई जा रही थीं। चुनाव प्रचार के दौरान सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं, शिक्षामित्रों और आशा को एक मैरिज हॉल में इकट्ठा किया। उनको प्रलोभन देकर सपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने की अपील की जा रही थी।
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मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर सुखलाल प्रसाद वर्मा ने पुलिस बल के साथ मैरिज हॉल पर छापा मारा। वहां 37 लोग मौजूद मिले थे। सिविल लाइंस थाने में सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव समेत 29 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। आठ लोगों की नामजदगी झूठी पाई गई थी।
इस मामले में 26 लोगों ने कोर्ट में सरेंडर कर अपनी जमानत करा ली थी। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, सपा नेता फखरे अहमद शोबी और विनोद राठौर ने जमानत नहीं कराई थी। कोर्ट से समन जारी होने पर सोमवार को तीनों कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने उन्हें 20-20 हजार की जमानत दाखिल करने पर पर रिहा करने का आदेश दिया।
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पूर्व सपा सांसद धर्मेंद्र समेत 37 लोगों के खिलाफ तीन फरवरी 2022 को सिविल लाइंस थाने में प्रलोभन देकर वोट खरीदने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सोमवार को पूर्व सांसद धर्मेंद्र, सपा नेता फखरे अहमद शोबी और विनोद राठौर ने एमपी/एमएलए कोर्ट में समर्पण किया था।
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विधानसभा चुनाव-2022 में सपा ने सदर सीट से रईस अहमद को प्रत्याशी बनाया था। चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सभी नीतियां अपनाई जा रही थीं। चुनाव प्रचार के दौरान सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं, शिक्षामित्रों और आशा को एक मैरिज हॉल में इकट्ठा किया। उनको प्रलोभन देकर सपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने की अपील की जा रही थी।
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मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर सुखलाल प्रसाद वर्मा ने पुलिस बल के साथ मैरिज हॉल पर छापा मारा। वहां 37 लोग मौजूद मिले थे। सिविल लाइंस थाने में सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव समेत 29 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। आठ लोगों की नामजदगी झूठी पाई गई थी।
इस मामले में 26 लोगों ने कोर्ट में सरेंडर कर अपनी जमानत करा ली थी। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, सपा नेता फखरे अहमद शोबी और विनोद राठौर ने जमानत नहीं कराई थी। कोर्ट से समन जारी होने पर सोमवार को तीनों कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने उन्हें 20-20 हजार की जमानत दाखिल करने पर पर रिहा करने का आदेश दिया।