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ये रोडवेज बस स्टैंड है या कूड़ाघर
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Mon, 17 Apr 2017 11:19 PM IST
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roadways
- फोटो : amar ujala
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कूड़े के ढेरों से यात्रियों का एक पल भी रुकना मुश्किल
परिवहन निगम के बदायूं डिपो का हाल किसी डलावघर से कम नजर नहीं आता। जगह-जगह गंदगी के ढेर और उससे उठती बदबू से किसी भी भले आदमी का यहां एक पल भी रुकने को मन नहीं करता। यात्री यहां आना नहीं चाहते। हालात यह हैं कि स्टैंड की नियमित रूप से व्यवस्थित साफ-सफाई नहीं की जाती है। निगम के अफसरों को भी इसकी सुध नहीं है। यह हालात तब हैं, जब सूबे के नए मुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं लेकिन इसका असर रोडवेज बस अड्डे और इसके परिसर में बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा है। यहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जगह-जगह पान-मसाला खाकर थूका गया है। इससे यहां की दीवारें और दरवाजे पीक से रंगी हुई हैं। रोडवेज परिसर के यात्री शेड में आवारा कुत्ते सोते रहते हैं। कोई कूड़ादान न होने से यात्री केला खाकर परिसर में छिलके फेंक देते हैं।
--------------
परेशान यात्री बोले
दिल्ली जाने के लिए रोडवेज परिसर में बस के इंतजार में बैठी मीना गुप्ता का कहना है कि यहां आए हुए लगभग आधा घंटा हो चुका है लेकिन यहां गंदगी की वजह से दो मिनट नहीं बैठ पाई। बाहर धूप होने के कारण बस मिलने तक तो टाइम पास करना ही है।
यात्री गोपाल कहते है कि रोडवेज में गंदगी की वजह से बदबू आती है। इससे यहां बैठना तो दूर खड़ा होना भी मुश्किल है। लोगों ने यहां केले खाकर छिलके इधर-उधर फेंके है। इससे यहां पैर भी फिसल सकते हैं।
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बस के इंतजार में बैठे गंगपुर के भूरे का कहना था कि इतने बड़े रोडवेज स्टैंड पर न तो कूड़ादान है और न ही यहां सफाई मालूम पड़ रही है। लोग चाय के कुल्हड़ जगह-जगह पड़े दिखाई दे रहे हैं।
कुलदीप का कहना है कि रोडवेज बस स्टैंड पर कहीं भी यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं है। टिन शेड पड़ा हुआ है लेकिन उसमें गंदगी इतनी है कि यहां एक पल के लिए भी बैठ पाना मुश्किल होता है। बेंचों के नीचे आवारा कुत्ते बैठे रहते हैं।
सफाई करने के लिए दो कर्मचारी नियुक्त किए जा चुके हैं। बरेली से कूड़ेदान मंगाए हैं। उनको रखवा दिया जाएगा। परिसर ऊबड़-खाबड़ होने की वजह से कूड़ा रह जाता होगा। सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो रही हैं।
-राजेश कुमार, एआरएम
सफाई कर्मी के न आने से गांव में लगा गंदगी का ढेर
कुंवरगांव। ग्राम आजमगंज मडिया में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गांव के तालाबों में नाले का गंदा पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों में रोष है। गांव के वीरपाल ने बताया लगभग एक वर्ष से कोई भी सफाई कर्मी सफाई करने नहीं आया है। इससे उत्पन्न गंदगी से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण अशोक, नरेश, चिरौंजी, मोहनलाल, हरपाल, प्रेमपाल, मंगली आदि ने सफाई कराने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। वहीं ग्राम प्रधान शिवचरन का कहना है कि ब्लाक में कई बार शिकायत करने के बाद भी सफाई कर्मी नहीं आता है। उसकी शिकायत अब डीपीआरओ से करके कार्रवाई की मांग की जाएगी।
साप्ताहिक बाजार में गंदगी, संक्रामक रोगों का खतरा
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव सिरासौल जसा पट्टी में लगने वाली साप्ताहिक बाजार में इन दिनों सफाई कर्मियों की घोर उदासीनता के चलते कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए है। इससे उठती दुर्गंध के कारण यहां कभी भी संक्रामक रोग फैल सकते है।
गांव के हेमेंद्र कुमार सिंह, अतुल पाराशरी, अंजू, पवन कुमार, मुकेश कुमार, संजीव कुमार, राजीव कुमार आदि ने बताया कि गांव की साप्ताहिक बाजार में सफाई व्यवस्था काफी दिनों से खराब चल रही है। कोई भी सफाई कर्मी यहां नियमित सफाई नहीं करता है। इसके कारण यहां कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए है। गर्मी के साथ इनसे भीषण दुर्गंध आना शुरू हो गई है। जिसके कारण गांव के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर कई बार ब्लाक के बीडीओ से कई बार शिकायत की है। मगर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने डीएम से शीघ्र इस ओर ध्यान देने को कहा है।
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परिवहन निगम के बदायूं डिपो का हाल किसी डलावघर से कम नजर नहीं आता। जगह-जगह गंदगी के ढेर और उससे उठती बदबू से किसी भी भले आदमी का यहां एक पल भी रुकने को मन नहीं करता। यात्री यहां आना नहीं चाहते। हालात यह हैं कि स्टैंड की नियमित रूप से व्यवस्थित साफ-सफाई नहीं की जाती है। निगम के अफसरों को भी इसकी सुध नहीं है। यह हालात तब हैं, जब सूबे के नए मुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं लेकिन इसका असर रोडवेज बस अड्डे और इसके परिसर में बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा है। यहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जगह-जगह पान-मसाला खाकर थूका गया है। इससे यहां की दीवारें और दरवाजे पीक से रंगी हुई हैं। रोडवेज परिसर के यात्री शेड में आवारा कुत्ते सोते रहते हैं। कोई कूड़ादान न होने से यात्री केला खाकर परिसर में छिलके फेंक देते हैं।
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परेशान यात्री बोले
दिल्ली जाने के लिए रोडवेज परिसर में बस के इंतजार में बैठी मीना गुप्ता का कहना है कि यहां आए हुए लगभग आधा घंटा हो चुका है लेकिन यहां गंदगी की वजह से दो मिनट नहीं बैठ पाई। बाहर धूप होने के कारण बस मिलने तक तो टाइम पास करना ही है।
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यात्री गोपाल कहते है कि रोडवेज में गंदगी की वजह से बदबू आती है। इससे यहां बैठना तो दूर खड़ा होना भी मुश्किल है। लोगों ने यहां केले खाकर छिलके इधर-उधर फेंके है। इससे यहां पैर भी फिसल सकते हैं।
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बस के इंतजार में बैठे गंगपुर के भूरे का कहना था कि इतने बड़े रोडवेज स्टैंड पर न तो कूड़ादान है और न ही यहां सफाई मालूम पड़ रही है। लोग चाय के कुल्हड़ जगह-जगह पड़े दिखाई दे रहे हैं।
कुलदीप का कहना है कि रोडवेज बस स्टैंड पर कहीं भी यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं है। टिन शेड पड़ा हुआ है लेकिन उसमें गंदगी इतनी है कि यहां एक पल के लिए भी बैठ पाना मुश्किल होता है। बेंचों के नीचे आवारा कुत्ते बैठे रहते हैं।
सफाई करने के लिए दो कर्मचारी नियुक्त किए जा चुके हैं। बरेली से कूड़ेदान मंगाए हैं। उनको रखवा दिया जाएगा। परिसर ऊबड़-खाबड़ होने की वजह से कूड़ा रह जाता होगा। सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो रही हैं।
-राजेश कुमार, एआरएम
सफाई कर्मी के न आने से गांव में लगा गंदगी का ढेर
कुंवरगांव। ग्राम आजमगंज मडिया में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गांव के तालाबों में नाले का गंदा पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों में रोष है। गांव के वीरपाल ने बताया लगभग एक वर्ष से कोई भी सफाई कर्मी सफाई करने नहीं आया है। इससे उत्पन्न गंदगी से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण अशोक, नरेश, चिरौंजी, मोहनलाल, हरपाल, प्रेमपाल, मंगली आदि ने सफाई कराने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। वहीं ग्राम प्रधान शिवचरन का कहना है कि ब्लाक में कई बार शिकायत करने के बाद भी सफाई कर्मी नहीं आता है। उसकी शिकायत अब डीपीआरओ से करके कार्रवाई की मांग की जाएगी।
साप्ताहिक बाजार में गंदगी, संक्रामक रोगों का खतरा
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव सिरासौल जसा पट्टी में लगने वाली साप्ताहिक बाजार में इन दिनों सफाई कर्मियों की घोर उदासीनता के चलते कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए है। इससे उठती दुर्गंध के कारण यहां कभी भी संक्रामक रोग फैल सकते है।
गांव के हेमेंद्र कुमार सिंह, अतुल पाराशरी, अंजू, पवन कुमार, मुकेश कुमार, संजीव कुमार, राजीव कुमार आदि ने बताया कि गांव की साप्ताहिक बाजार में सफाई व्यवस्था काफी दिनों से खराब चल रही है। कोई भी सफाई कर्मी यहां नियमित सफाई नहीं करता है। इसके कारण यहां कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए है। गर्मी के साथ इनसे भीषण दुर्गंध आना शुरू हो गई है। जिसके कारण गांव के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर कई बार ब्लाक के बीडीओ से कई बार शिकायत की है। मगर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने डीएम से शीघ्र इस ओर ध्यान देने को कहा है।