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Budaun News: सरकारी डिग्री कॉलेज में हर सीट पर रहेगी मारामारी
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बदायूं। जिले में इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा में यूपी बोर्ड के 27 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। इसकी तुलना में जिले के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक की सीटों की संख्या बेहद कम है। जिले के शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में लगभग तीन हजार सीट ही हैं। अगर अनुदानित डिग्री कॉलेजों की सीटों को जोड़ दें तो कुल संख्या साढे़ पांच हजार हो जाएगी। अगर निजी प्रबंधन वालों को छोड़ दिया जाए तो शासकीय और अनुदानित कॉलेजों में दाखिले के लिए प्रत्येक सीट के लिए मारामारी तय है। ऐसे में उनको दूसरे शहरों में प्रवेश के लिए जाना होगा।
जिले में 42 डिग्री कॉलेज हैं। इनमें बीए, एमए, बीएससी, बीकॉम की पढ़ाई होती है। अकेले यूपी बोर्ड की 12 वीं की परीक्षा में इस साल 27,000 परीक्षार्थी ने परीक्षा दी है। इसके अलावा सीबीएसई और आईसीएसई को मिलाकर लगभग 30,000 हजार छात्र-छात्राएं इस साल जिले में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है। जिले में पांच राजकीय( शासकीय) डिग्री कॉलेज, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, बिल्सी में महाराणा प्रताप राजकीय डिग्री कॉलेज, बिसौली का दमयंती राज राजकीय डिग्री कॉलेज, सहसवान के नाधाभूड में राजकीय डिग्री कॉलेज में कुल तीन हजार स्नातक में सीट है। अनुदानित डिग्री कॉलेज में नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज, गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज और कछला का गोविंद पंत डिग्री कॉलेज में करीब ढाई हजार सीट है। यहां पर फीस कम होने और पढ़ाई बेहतर होने की वजह से एडमिशन को लेकर मारामारी होती है।
निजी डिग्री कॉलेजों की फीस काफी ज्यादा
जिले में 33 निजी डिग्री कॉलेज है। यहां पर कहने तो अच्छी खासी योग्यता वाले शिक्षक रखे जाते हैं लेकिन कई डिग्री कालेजों में कम योग्यता वाले शिक्षक पढ़ते हैं। साथ ही फीस भी मनमानी है। ऐसे में छात्र-छात्राएं निजी कॉलेजों में जाने से परहेज करते हैं।
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राजकीय डिग्री कॉलेज में तीन गुने आए थे फार्म
आवास विकास में स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में पिछले साल सीट की अपेक्षा तीन गुने फार्म आए थे। जिसकी वजह से काफी छात्र-छात्राओं को एडमिशन नहीं मिल पाया था।
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जिले में 42 डिग्री कॉलेज हैं। इनमें बीए, एमए, बीएससी, बीकॉम की पढ़ाई होती है। अकेले यूपी बोर्ड की 12 वीं की परीक्षा में इस साल 27,000 परीक्षार्थी ने परीक्षा दी है। इसके अलावा सीबीएसई और आईसीएसई को मिलाकर लगभग 30,000 हजार छात्र-छात्राएं इस साल जिले में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है। जिले में पांच राजकीय( शासकीय) डिग्री कॉलेज, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, बिल्सी में महाराणा प्रताप राजकीय डिग्री कॉलेज, बिसौली का दमयंती राज राजकीय डिग्री कॉलेज, सहसवान के नाधाभूड में राजकीय डिग्री कॉलेज में कुल तीन हजार स्नातक में सीट है। अनुदानित डिग्री कॉलेज में नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज, गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज और कछला का गोविंद पंत डिग्री कॉलेज में करीब ढाई हजार सीट है। यहां पर फीस कम होने और पढ़ाई बेहतर होने की वजह से एडमिशन को लेकर मारामारी होती है।
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निजी डिग्री कॉलेजों की फीस काफी ज्यादा
जिले में 33 निजी डिग्री कॉलेज है। यहां पर कहने तो अच्छी खासी योग्यता वाले शिक्षक रखे जाते हैं लेकिन कई डिग्री कालेजों में कम योग्यता वाले शिक्षक पढ़ते हैं। साथ ही फीस भी मनमानी है। ऐसे में छात्र-छात्राएं निजी कॉलेजों में जाने से परहेज करते हैं।
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राजकीय डिग्री कॉलेज में तीन गुने आए थे फार्म
आवास विकास में स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में पिछले साल सीट की अपेक्षा तीन गुने फार्म आए थे। जिसकी वजह से काफी छात्र-छात्राओं को एडमिशन नहीं मिल पाया था।