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Budaun News: सपा-भाजपा में रही टक्कर, अनुसूचित जाति बहुल इलाकों में लड़ी बसपा
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बदायूं। सपा व भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी बदायूं लोकसभा सीट पर अबकी बार भी सपा-भाजपा में सीधी टक्कर रही। अनुसूचित जाति के बहुल बूथों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर पर सपा और भाजपा के उम्मीदवार लड़े।
मुस्लिम बहुल इलाकों में साइकिल जमकर चली। कुछ गांवों में पार्टी बंदी की सियासत में भाजपा ने बंटवारा किया है, लेकिन बसपा मुस्लिम मतों का बंटवारा ज्यादा नहीं कर सकी, जबकि बंटवारे की उम्मीद में ही बसपा ने पूर्व विधायक मुस्लिम खां को उतारा था। अनुसूचित जाति बहुल इलाकों में हाथी खूब दौड़ा। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। रुक-रुककर मतदान चलता रहा।
साल 2019 के चुनाव में सपा से यह सीट भाजपा ने छीनी थी। तब संघ मित्रा मौर्य 18454 मतों से जीत गईं थीं। तब भाजपा बिल्सी में 23440, बिसौली में 5201 और बदायूं विधानसभा क्षेत्र में 14151 मत से भाजपा ने सपा को पीछे छोड़ा था। यही लीड जीत का आधार बनी थी। सहसवान में 14780 व गुन्नौर में 9628 मतों से सपा ने लीड हासिल की थी।
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गुन्नौर व सहसवान में सपा को बढ़त बढ़ेगी क्योंकि आदित्य यादव नए हैं। उनके पिता शिवपाल यादव ने उस विरोध को खत्म किया है, जो धर्मेंद्र यादव के समर्थकों की वजह से कई गांवों में पैदा हो गया था। गुन्नौर के उधरनपुर, अजमतनगर में कुछ यादव धर्मेंद्र यादव के करीबी हो गए तो दूसरे गुट ने भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन अबकी बार ऐसा नहीं रहा। यादव मंगलवार को मतदान के दिन एकजुट नजर हैं। गैर यादव मतों का रुझान भाजपा की ओर था।
सहसवान के बागवाला गांव में 90 फीसदी मुस्लिम हैं, अधिकतर का झुकाव सपा की ओर दिखा। उस्मानपुर बूथ पर गैर यादव मतदाता भाजपा की तारीफ कर रहे थे, तो अनुसूचित जाति के मतदाता हाथी पर सवार रहे। सदर विधानसभा क्षेत्र में 40 सपा समर्थकों को शांति भंग के अंदेशे में पुलिस ने निरुद्ध किया और शिवपाल सिंह यादव को जिले के बाहर छोड़ा गया तो इसकी प्रतिक्रिया रही। सहसवान के इस्लामनगर में पूर्व विधायक हाजी बिट्टन चुनाव से पहले बसपा छोड़कर सपा में आ गए। बिल्सी और सहसवान में उनके दलबदल का असर रहा। सपा को मजबूती। वह बिल्सी से बसपा के विधायक रहे हैं।
बिसौली विधानसभा सीट पर सपा विधायक आशुतोष मौर्य की बगावत का असर सपा पर पड़ा। राज्यसभा के चुनाव में उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा का समर्थन किया था। इसके बाद अपनी पत्नी सुषमा मौर्य और बहन मधु चंद्रा को भाजपा में शामिल किया। वह खुद सपा के चुनाव प्रचार से परहेज कर गए। सपा मुखिया चुनाव के दौरान दो बार जिले में चुनावी सभा करने आए लेकिन किसी एक मंच पर भी आशुतोष मौर्या नहीं पहुंचे। उनकी बगावत से उनके करीबी मतदाता भाजपा खेमे में चले गए तो सपा विधायक के राजनीतिक विरोधियों को अपनी ओर आकर्षित किया तो तमाम लोग सपा की ओर खड़े हो गए। नफा-नुकसान को लेकर खींचतान रही। बिल्सी विधानसभा सीट में सपा और भाजपा की सीधी टक्कर रही। उझानी नगर पालिका के बूथ पर परंपरागत सवर्ण मतदाता भाजपा के पक्ष में नजर आया तो मुस्लिमों का रुझान सपा की ओर रहा।
दातागंज और शेखूपुर में भाजपा और सपा में रही सीधी लड़ाई
दातागंज। आंवला लोकसभा क्षेत्र में बदायूं जिले की दातागंज और शेखूपुर विधानसभा सीट भी शामिल हैं। मोदी-योगी का फैक्टर यहां पर दिखा। अधिकतर बूथों पर भाजपा और सपा में भिड़ंत हुई। अनुसूचित और मुस्लिम बहुल क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी ने भी टक्कर दी है। शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सपा और भाजपा में कांटे की टक्कर देखने को मिली। तमाम बूथों पर परंपरागत मतों की बदौलत बसपा आगे नजर आई। आंवला लोकसभा क्षेत्र में भाजपा से चुनाव मैदान में सांसद धर्मेंद्र कश्यप तो सपा से नीरज मौर्य हैं। बसपा से आबिद अली उम्मीदवार हैं। सभी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। संवाद
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मुस्लिम बहुल इलाकों में साइकिल जमकर चली। कुछ गांवों में पार्टी बंदी की सियासत में भाजपा ने बंटवारा किया है, लेकिन बसपा मुस्लिम मतों का बंटवारा ज्यादा नहीं कर सकी, जबकि बंटवारे की उम्मीद में ही बसपा ने पूर्व विधायक मुस्लिम खां को उतारा था। अनुसूचित जाति बहुल इलाकों में हाथी खूब दौड़ा। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। रुक-रुककर मतदान चलता रहा।
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साल 2019 के चुनाव में सपा से यह सीट भाजपा ने छीनी थी। तब संघ मित्रा मौर्य 18454 मतों से जीत गईं थीं। तब भाजपा बिल्सी में 23440, बिसौली में 5201 और बदायूं विधानसभा क्षेत्र में 14151 मत से भाजपा ने सपा को पीछे छोड़ा था। यही लीड जीत का आधार बनी थी। सहसवान में 14780 व गुन्नौर में 9628 मतों से सपा ने लीड हासिल की थी।
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गुन्नौर व सहसवान में सपा को बढ़त बढ़ेगी क्योंकि आदित्य यादव नए हैं। उनके पिता शिवपाल यादव ने उस विरोध को खत्म किया है, जो धर्मेंद्र यादव के समर्थकों की वजह से कई गांवों में पैदा हो गया था। गुन्नौर के उधरनपुर, अजमतनगर में कुछ यादव धर्मेंद्र यादव के करीबी हो गए तो दूसरे गुट ने भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन अबकी बार ऐसा नहीं रहा। यादव मंगलवार को मतदान के दिन एकजुट नजर हैं। गैर यादव मतों का रुझान भाजपा की ओर था।
सहसवान के बागवाला गांव में 90 फीसदी मुस्लिम हैं, अधिकतर का झुकाव सपा की ओर दिखा। उस्मानपुर बूथ पर गैर यादव मतदाता भाजपा की तारीफ कर रहे थे, तो अनुसूचित जाति के मतदाता हाथी पर सवार रहे। सदर विधानसभा क्षेत्र में 40 सपा समर्थकों को शांति भंग के अंदेशे में पुलिस ने निरुद्ध किया और शिवपाल सिंह यादव को जिले के बाहर छोड़ा गया तो इसकी प्रतिक्रिया रही। सहसवान के इस्लामनगर में पूर्व विधायक हाजी बिट्टन चुनाव से पहले बसपा छोड़कर सपा में आ गए। बिल्सी और सहसवान में उनके दलबदल का असर रहा। सपा को मजबूती। वह बिल्सी से बसपा के विधायक रहे हैं।
बिसौली विधानसभा सीट पर सपा विधायक आशुतोष मौर्य की बगावत का असर सपा पर पड़ा। राज्यसभा के चुनाव में उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा का समर्थन किया था। इसके बाद अपनी पत्नी सुषमा मौर्य और बहन मधु चंद्रा को भाजपा में शामिल किया। वह खुद सपा के चुनाव प्रचार से परहेज कर गए। सपा मुखिया चुनाव के दौरान दो बार जिले में चुनावी सभा करने आए लेकिन किसी एक मंच पर भी आशुतोष मौर्या नहीं पहुंचे। उनकी बगावत से उनके करीबी मतदाता भाजपा खेमे में चले गए तो सपा विधायक के राजनीतिक विरोधियों को अपनी ओर आकर्षित किया तो तमाम लोग सपा की ओर खड़े हो गए। नफा-नुकसान को लेकर खींचतान रही। बिल्सी विधानसभा सीट में सपा और भाजपा की सीधी टक्कर रही। उझानी नगर पालिका के बूथ पर परंपरागत सवर्ण मतदाता भाजपा के पक्ष में नजर आया तो मुस्लिमों का रुझान सपा की ओर रहा।
दातागंज और शेखूपुर में भाजपा और सपा में रही सीधी लड़ाई
दातागंज। आंवला लोकसभा क्षेत्र में बदायूं जिले की दातागंज और शेखूपुर विधानसभा सीट भी शामिल हैं। मोदी-योगी का फैक्टर यहां पर दिखा। अधिकतर बूथों पर भाजपा और सपा में भिड़ंत हुई। अनुसूचित और मुस्लिम बहुल क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी ने भी टक्कर दी है। शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सपा और भाजपा में कांटे की टक्कर देखने को मिली। तमाम बूथों पर परंपरागत मतों की बदौलत बसपा आगे नजर आई। आंवला लोकसभा क्षेत्र में भाजपा से चुनाव मैदान में सांसद धर्मेंद्र कश्यप तो सपा से नीरज मौर्य हैं। बसपा से आबिद अली उम्मीदवार हैं। सभी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। संवाद