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Budaun News: स्टेडियम में 26 साल से क्रिकेट कोच नहीं
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बदायूं। बदायूं-बिजनौर हाईवे पर स्थित जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में 26 साल से क्रिकेट का कोच नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों और माननीय ने भी इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई है।
शहर से चार किलोमीटर दूर गांव लौड़ा बहेड़ी के पास कई दशक पहले स्टेडियम की स्थापना हुई थी। जिस उद्देश्य से स्टेडियम की स्थापना हुई थी। उस उद्देश्य को स्टेडियम आज तक पूरा नहीं कर पाया है। स्टेडियम में क्रिकेट कोच न होने के कारण बहुत से खिलाड़ी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
ऐसे में युवा खुद ही ग्रुप बनाकर जहां पर जगह मिल जाए, वहां पर खेलते हैं। क्योंकि स्टेडियम में कब तक कोच आएंगे। इसके बारे में अधिकारी तक अभी कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। दूसरी ओर बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन सचिव संतोष कुमार शर्मा के द्वारा युवा खिलाड़ियाें को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। वह श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज के मैदान में युवाओं का क्रिकेट को गुण सिखा रहे हैं। इनकी बदौलत जिले के युवा आगे बढ़ पा रहे हैं।
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मंच से दिए जाते हैं बड़े-बड़े भाषण
खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम में अक्सर देखा जाता है कि बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की वार्षिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। तब उनमें अतिथि के रूप में आने वाले प्रशासन अधिकारियों और माननीय द्वारा खेलों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन किसी ने भी इस बात पर गंभीरता नहीं दिखाई कि स्टेडियम में खाली चल रहे विभिन्न खेलों के कोचों की नियुक्ति के लिए सार्थक प्रयास किए जाएं। स्टेडियम में वर्ष 1998- 99 में जीएस गोयल क्रिकेट के कोच हुआ करते थे। उनके जाने के बाद से आज तक क्रिकेट के कोच की तैनाती नहीं हुई है।
स्टेडियम में कोच की स्थिति के बारे में खेल निदेशालय को जानकारी दी गई। वहां से अभी जिले को विभिन्न खेलों के चार कोच मिले हैं। उनके द्वारा अब बच्चों को प्रैक्टिस कराई जाएगी। -अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी
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शहर से चार किलोमीटर दूर गांव लौड़ा बहेड़ी के पास कई दशक पहले स्टेडियम की स्थापना हुई थी। जिस उद्देश्य से स्टेडियम की स्थापना हुई थी। उस उद्देश्य को स्टेडियम आज तक पूरा नहीं कर पाया है। स्टेडियम में क्रिकेट कोच न होने के कारण बहुत से खिलाड़ी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
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ऐसे में युवा खुद ही ग्रुप बनाकर जहां पर जगह मिल जाए, वहां पर खेलते हैं। क्योंकि स्टेडियम में कब तक कोच आएंगे। इसके बारे में अधिकारी तक अभी कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। दूसरी ओर बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन सचिव संतोष कुमार शर्मा के द्वारा युवा खिलाड़ियाें को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। वह श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज के मैदान में युवाओं का क्रिकेट को गुण सिखा रहे हैं। इनकी बदौलत जिले के युवा आगे बढ़ पा रहे हैं।
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मंच से दिए जाते हैं बड़े-बड़े भाषण
खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम में अक्सर देखा जाता है कि बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की वार्षिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। तब उनमें अतिथि के रूप में आने वाले प्रशासन अधिकारियों और माननीय द्वारा खेलों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन किसी ने भी इस बात पर गंभीरता नहीं दिखाई कि स्टेडियम में खाली चल रहे विभिन्न खेलों के कोचों की नियुक्ति के लिए सार्थक प्रयास किए जाएं। स्टेडियम में वर्ष 1998- 99 में जीएस गोयल क्रिकेट के कोच हुआ करते थे। उनके जाने के बाद से आज तक क्रिकेट के कोच की तैनाती नहीं हुई है।
स्टेडियम में कोच की स्थिति के बारे में खेल निदेशालय को जानकारी दी गई। वहां से अभी जिले को विभिन्न खेलों के चार कोच मिले हैं। उनके द्वारा अब बच्चों को प्रैक्टिस कराई जाएगी। -अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी