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Budaun News: पिंडौल के ग्रामीणों ने चकबंदी के विरोध में तहसील में किया प्रदर्शन
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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव पिंडौल के ग्रामीण चकबंदी होने से नाराज हैं। वे चकबंदी कराना नहीं चाहते हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन (चढू़नी गुट) के बैनर तले एकत्रित होकर तहसील कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसडीएम रिपुदमन सिंह को एक ज्ञापन सौंप कर शीघ्र चकबंदी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि पिंडौल में वर्तमान में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। गांव में अधिकतर छोटे कृषक हैं, जो खेती-किसानी और मेहनत मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहे हैं। वे शुरू से ही चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। तब चकबंदी अधिकारी ने ये आश्वासन दिया था कि किसी भी कृषक के चक नहीं बदले जाएंगे। केवल सहमति के आधार पर किसानों के चकों की अदला-बदली की जाएगी, लेकिन चकबंदी अधिकारी अब पूरी तरह मनमानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गांव के अधिकांश किसान चकबंदी के खिलाफ हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। वह किसी भी किसान का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी। किसान यूनियन का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनकर उनको न्याय दिलाना है। इस मौके पर सुबोध तिवारी, सोवरन सिंह, नरेश चंद्र, अर्पित सक्सेना, बब्लू खां, सत्यप्रकाश कश्यप, श्रीपाल सिंह, गजेंद्र पाल, मुकेश शर्मा, ब्रजेश शर्मा, जितेंद्र तिवारी, इस्लाम खां, महेंद्र सिंह, बाबू खां, रईस अहमद आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिंडौल में वर्तमान में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। गांव में अधिकतर छोटे कृषक हैं, जो खेती-किसानी और मेहनत मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहे हैं। वे शुरू से ही चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। तब चकबंदी अधिकारी ने ये आश्वासन दिया था कि किसी भी कृषक के चक नहीं बदले जाएंगे। केवल सहमति के आधार पर किसानों के चकों की अदला-बदली की जाएगी, लेकिन चकबंदी अधिकारी अब पूरी तरह मनमानी कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि गांव के अधिकांश किसान चकबंदी के खिलाफ हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। वह किसी भी किसान का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी। किसान यूनियन का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनकर उनको न्याय दिलाना है। इस मौके पर सुबोध तिवारी, सोवरन सिंह, नरेश चंद्र, अर्पित सक्सेना, बब्लू खां, सत्यप्रकाश कश्यप, श्रीपाल सिंह, गजेंद्र पाल, मुकेश शर्मा, ब्रजेश शर्मा, जितेंद्र तिवारी, इस्लाम खां, महेंद्र सिंह, बाबू खां, रईस अहमद आदि मौजूद रहे।
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