{"_id":"66c276f1d066ec9d2f028c34","slug":"the-trend-of-youth-is-increasing-towards-nss-badaun-news-c-123-1-sbly1001-124328-2024-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: एनएसएस की ओर बढ़ रहा युवाओं का रुझान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: एनएसएस की ओर बढ़ रहा युवाओं का रुझान
विज्ञापन
बदायूं। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को लेकर लगातार युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। यही कारण है कि चार साल में जिले में तीन इकाई बढ़ गईं हैं। इसमें राजकीय डिग्री कॉलेज, बीआईएमटी, जेएस कॉलेज में संगठन की एक-एक इकाई बढ़ी है।
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं का एनएसएस की ओर लगातार बढ़ रहा है। पहले युवाओं को बुलाकर एनएसएस दिया जाता था। शिक्षकों के बार-बार कहने पर युवा एनएसएस लेने का तैयार होते थे। आज के दौर में युवाओं का रुझान एनएसएस की ओर स्वत: ही बढ़ रहा है।
अब युवाओं को एनएसएस में दाखिला लेने से पहले एक टेस्ट भी देना पड़ता है। नेहरु मेमोरियल शिवनारायण दास डिग्री कॉलेज के शिक्षक डॉ. सत्यम मिश्रा ने बताया कि पिछले कुछेक सालों से युवाओं का रुझान एनएसएस की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं का चयन करना मुश्किल हो रहा है। महाविद्यालय में एनएसएस चयन प्रक्रिया से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उसमें इन सभी युवाओं को बुलाया जाता है। वहां पर इनकी सहभागिता देखी जाती है। उनकी बातचीत का तरीका, रहन-सहन आदि का बारीकी से ध्यान रखा जाता है। इसी आधार पर उन्हें एनएसएस में दाखिला दिया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इसके प्रमाणपत्र से अंक भी मिलते हैं, जो किसी कक्षा में प्रवेश लेने में सहायक होते हैं।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा इकाई एपीएम डिग्री कॉलेज में
एनएसएस के नोडल अधिकारी राकेश जायसवाल ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा चार इकाई एपीएम डिग्री कॉलेज में संचालित हैं। वहीं नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज व राजकीय डिग्री कॉलेज में तीन-तीन इकाइयां संचालित हैं। इसके अलावा गिंदो देवी महिला महाविद्यालय, राजकीय महिला महाविद्यालय, जेएस डिग्री कॉलेज, दमयंती राज राजकीय डिग्री कॉलेज में दो-दो इकाई चल रहीं हैं।
क्या बोले युवा
फोटो-
एनएसएस की वजह से युवाओं में सामाजिक कार्य करने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है। बोलने की क्षमता विकसित होती है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए बेहतर साबित होती है। यहां से मिलने वाला प्रमाण पत्र नई कक्षा में दाखिले के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है। -तरित कुमार, एमए फाइनल, नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज
फोटो-
आज के दौर को देखते हुए युवाओं के लिए एनएसएस बेहद जरूरी है। एनएसएस के माध्यम से एक-दूसरे के साथ में रहने की भावना विकसित होती है। एक-दूसरे की मदद कैसे की जाए, यह सिखाया जाता है। -दानिश खान, एमए प्रथम, नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज
विज्ञापन
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं का एनएसएस की ओर लगातार बढ़ रहा है। पहले युवाओं को बुलाकर एनएसएस दिया जाता था। शिक्षकों के बार-बार कहने पर युवा एनएसएस लेने का तैयार होते थे। आज के दौर में युवाओं का रुझान एनएसएस की ओर स्वत: ही बढ़ रहा है।
विज्ञापन
अब युवाओं को एनएसएस में दाखिला लेने से पहले एक टेस्ट भी देना पड़ता है। नेहरु मेमोरियल शिवनारायण दास डिग्री कॉलेज के शिक्षक डॉ. सत्यम मिश्रा ने बताया कि पिछले कुछेक सालों से युवाओं का रुझान एनएसएस की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं का चयन करना मुश्किल हो रहा है। महाविद्यालय में एनएसएस चयन प्रक्रिया से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उसमें इन सभी युवाओं को बुलाया जाता है। वहां पर इनकी सहभागिता देखी जाती है। उनकी बातचीत का तरीका, रहन-सहन आदि का बारीकी से ध्यान रखा जाता है। इसी आधार पर उन्हें एनएसएस में दाखिला दिया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इसके प्रमाणपत्र से अंक भी मिलते हैं, जो किसी कक्षा में प्रवेश लेने में सहायक होते हैं।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा इकाई एपीएम डिग्री कॉलेज में
एनएसएस के नोडल अधिकारी राकेश जायसवाल ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा चार इकाई एपीएम डिग्री कॉलेज में संचालित हैं। वहीं नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज व राजकीय डिग्री कॉलेज में तीन-तीन इकाइयां संचालित हैं। इसके अलावा गिंदो देवी महिला महाविद्यालय, राजकीय महिला महाविद्यालय, जेएस डिग्री कॉलेज, दमयंती राज राजकीय डिग्री कॉलेज में दो-दो इकाई चल रहीं हैं।
क्या बोले युवा
फोटो-
एनएसएस की वजह से युवाओं में सामाजिक कार्य करने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है। बोलने की क्षमता विकसित होती है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए बेहतर साबित होती है। यहां से मिलने वाला प्रमाण पत्र नई कक्षा में दाखिले के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है। -तरित कुमार, एमए फाइनल, नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज
फोटो-
आज के दौर को देखते हुए युवाओं के लिए एनएसएस बेहद जरूरी है। एनएसएस के माध्यम से एक-दूसरे के साथ में रहने की भावना विकसित होती है। एक-दूसरे की मदद कैसे की जाए, यह सिखाया जाता है। -दानिश खान, एमए प्रथम, नेहरु मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज