{"_id":"6a11ff09f7ce6069310997f5","slug":"the-transformer-that-arrived-from-dehradun-also-failed-and-engineers-were-busy-repairing-it-badaun-news-c-123-1-sbly1035-164509-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: देहारादून से आया ट्रांसफॉर्मर भी फेल, ठीक करने में जुटे इंजीनियर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: देहारादून से आया ट्रांसफॉर्मर भी फेल, ठीक करने में जुटे इंजीनियर
Sun, 24 May 2026 12:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 24 May 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
उझानी बिजली उपकेंद्र में पहुंचे इंजीनियर। स्रोत: विभाग
उझानी। उपभोक्ताओं को देहरादून से आए ट्रांसफॉर्मर से राहत नहीं मिल पाई। कर्मचारियों ने ट्रांसफॉर्मर लगाने के बाद उसे शुक्रवार रात शुरू किया, तभी वह भी फेल हो गया।
एक महीने के दौरान पांच एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफॉर्मर फेल हो जाने के बाद बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त किए जाने को लेकर विभागीय अफसरों के हाथ- पैर भी फूल गए हैं। एसडीओ प्रशांत वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले महीने सुल्तानपुर से जो ट्रांसफॉर्मर मंगाया गया था, वह दो सप्ताह से अधिक नहीं चल पाया। इसके बाद शुक्रवार सुबह में देहरादून से पांच एमवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर आया। वह भी आपूर्ति सुचारु नहीं कर पाया। इस ट्रांसफॉर्मर से वोल्टेज वैलेंस नहीं बन पाया। इसके बाद स्थानीय अफसरों ने कंपनी के अधिकारियों से बात की तो अपराह्न चार बजे बरेली से इंजीनियरों की टीम आ गई। इंजीनियर ट्रांसफॉर्मर को ठीक करने की कोशिश में जुट गए हैं।
इसके विपरीत बिजली आपूर्ति की हकीकत पर गौर करें तो पांच दिनों के दौरान कस्बे के उपभोक्ताओं को दो घंटे भी नॉनस्टाॅप आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात में कई बार ट्रिपिंग हुई। पंजाबी कॉलोनी में 15-20 मिनट के लिए ही आपूर्ति मिल पाई।
विज्ञापन
बिजली की किल्लत की वजह से कई मोहल्लों में पेयजल संकट भी बना हुआ है। साहूकरा, बहादुरगंज, किलाखेड़ा, गौतमपुरी, अहीरटोला आदि में तो लोगों को अपने घरों से दूर जाकर पीने के पानी के लिए इंडिया मार्का हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। बता दें कि चार नलकूपों में से दो के जेनरेटर भी खराब हैं। पालिका के जलकल प्रभारी तौसीफ अहमद ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को मोहल्लों में पानी के टैंकर भेजकर व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
एक महीने के दौरान पांच एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफॉर्मर फेल हो जाने के बाद बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त किए जाने को लेकर विभागीय अफसरों के हाथ- पैर भी फूल गए हैं। एसडीओ प्रशांत वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले महीने सुल्तानपुर से जो ट्रांसफॉर्मर मंगाया गया था, वह दो सप्ताह से अधिक नहीं चल पाया। इसके बाद शुक्रवार सुबह में देहरादून से पांच एमवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर आया। वह भी आपूर्ति सुचारु नहीं कर पाया। इस ट्रांसफॉर्मर से वोल्टेज वैलेंस नहीं बन पाया। इसके बाद स्थानीय अफसरों ने कंपनी के अधिकारियों से बात की तो अपराह्न चार बजे बरेली से इंजीनियरों की टीम आ गई। इंजीनियर ट्रांसफॉर्मर को ठीक करने की कोशिश में जुट गए हैं।
विज्ञापन
इसके विपरीत बिजली आपूर्ति की हकीकत पर गौर करें तो पांच दिनों के दौरान कस्बे के उपभोक्ताओं को दो घंटे भी नॉनस्टाॅप आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात में कई बार ट्रिपिंग हुई। पंजाबी कॉलोनी में 15-20 मिनट के लिए ही आपूर्ति मिल पाई।
विज्ञापन
बिजली की किल्लत की वजह से कई मोहल्लों में पेयजल संकट भी बना हुआ है। साहूकरा, बहादुरगंज, किलाखेड़ा, गौतमपुरी, अहीरटोला आदि में तो लोगों को अपने घरों से दूर जाकर पीने के पानी के लिए इंडिया मार्का हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। बता दें कि चार नलकूपों में से दो के जेनरेटर भी खराब हैं। पालिका के जलकल प्रभारी तौसीफ अहमद ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को मोहल्लों में पानी के टैंकर भेजकर व्यवस्था की गई है।