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Budaun News: मेला ककोड़ा के लिए दिनभर रहा डग्गामार का आवागमन
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मेला ककोड़ा ट्रैक्टर-ट्राली से जाते लोग। संवाद
बदायूं। शहर से ककोडा मेला जाने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही वाहनों के लिए भटकने को मजबूर रहे। काफी तादाद में लोग मेला जाने के लिए घर से निकले। रोडवेज बसों में जगह न मिलने पर उन्होंनं डग्गामार वाहनों व निजी बसों का सहारा लिया। दिन भर डग्गामार वाहन ककोड़ा के लिए आते-जाते रहे।
नगर व आसपास के क्षेत्र से काफी संख्या में लोग बृहस्पतिवार को ककोड़ा जाने के लिए रोडवेज स्टैंड पर पहुंच गए। लोगों की संख्या इतनी ज्यादा रही कि 50 बसें भी कम पड़ गईं। ऐसे में रोडवेज बस न मिलने पर लोगों ने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। डग्गामार वाहन चालकों ने प्रतिसवारी 50 से 60 रुपये तक वसूल किए। जबकि रोडवेज बसों में किराया 45 रुपये रहा।
ट्रैक्टर-ट्राॅली पर रोक सिर्फ कागजों में दिखी
प्रशासन ने करीब एक महीने पहले ही मेला ककोड़ा में ट्रैक्टर ट्राॅली से न जाने की अपील की थी। रोक भी लगा दी थी। इसके बाद भी सैकड़ों की तादाद में ट्रैक्टर ट्राॅली मेले से लोगों को लाती-लेजाती दिखीं। अधिकांश ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राॅली से ही मेला स्थल पर पहुंचे।
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नगर व आसपास के क्षेत्र से काफी संख्या में लोग बृहस्पतिवार को ककोड़ा जाने के लिए रोडवेज स्टैंड पर पहुंच गए। लोगों की संख्या इतनी ज्यादा रही कि 50 बसें भी कम पड़ गईं। ऐसे में रोडवेज बस न मिलने पर लोगों ने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। डग्गामार वाहन चालकों ने प्रतिसवारी 50 से 60 रुपये तक वसूल किए। जबकि रोडवेज बसों में किराया 45 रुपये रहा।
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ट्रैक्टर-ट्राॅली पर रोक सिर्फ कागजों में दिखी
प्रशासन ने करीब एक महीने पहले ही मेला ककोड़ा में ट्रैक्टर ट्राॅली से न जाने की अपील की थी। रोक भी लगा दी थी। इसके बाद भी सैकड़ों की तादाद में ट्रैक्टर ट्राॅली मेले से लोगों को लाती-लेजाती दिखीं। अधिकांश ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राॅली से ही मेला स्थल पर पहुंचे।

मेला ककोड़ा ट्रैक्टर-ट्राली से जाते लोग। संवाद
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