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दो सप्ताह में गन्ना पेराई शुरू होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Tue, 24 Nov 2015 10:57 PM IST
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चीनी मिलों को शासन ने गन्ना रकवा किया आवंटित
यदु को 9333 और सहकारी चीनी मिल को 6251 हेक्टेयर गन्ने का रकवा
बिसौली स्थित यदु चीनी मिल को 53 गन्ना क्रय केंद्र वाला 9333 हेक्टेयर गन्ना रकवा आवंटन किया गया है। जबकि शहर में स्थित सहकारी चीनी मिल को 12 क्रय केंद्र वाला 6251 हेक्टेयर गन्ना रकवा आवंटित किया गया। वहीं बरेली की फरीदपुर चीनी मिल को दो केंद्र, कासगंज की न्यूली चीनी मिल को 11, शाहबाद की करीमगंज चीनी मिल और संभल की रजपुरा चीनी मिल को 10-10 गन्ना क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। बरेली की मीरगंज चीनी मिल को जिले से कोई भी गन्ना क्रय केंद्र आवंटित नहीं किया गया है। अन्य जिलों में स्थित चार चीनी मिलों को जिले से 5149 हेक्टेयर गन्ना रकवा आवंटित किया गया है।
इससे जिले की यदु चीनी मिल में गन्ने की पेराई इस माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। वहीं सहकारी चीनी मिल में दिसंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। पेराई शुरू होते हुए किसानों को कोल्हू क्रेशर पर गन्ना बेचने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। जिला गन्ना अधिकारी, डीके सैनी का कहना है कि गन्ना रकवा का आवंटन कर हो गया है, बिसौली में स्थित यदु चीनी मिल में 30 नवंबर और सहकारी चीनी मिल में दिसंबर पहले सप्ताह में पेराई शुरू हो जाएगी। किसान अपना गन्ना कोल्हू पर बिल्कुल न बेचे। जल्द ही उनके गन्ने का शासन द्वारा निर्धारित मूल्य उन्हें मिलना शुरू हो जाएगा।
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यदु को 9333 और सहकारी चीनी मिल को 6251 हेक्टेयर गन्ने का रकवा
बिसौली स्थित यदु चीनी मिल को 53 गन्ना क्रय केंद्र वाला 9333 हेक्टेयर गन्ना रकवा आवंटन किया गया है। जबकि शहर में स्थित सहकारी चीनी मिल को 12 क्रय केंद्र वाला 6251 हेक्टेयर गन्ना रकवा आवंटित किया गया। वहीं बरेली की फरीदपुर चीनी मिल को दो केंद्र, कासगंज की न्यूली चीनी मिल को 11, शाहबाद की करीमगंज चीनी मिल और संभल की रजपुरा चीनी मिल को 10-10 गन्ना क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। बरेली की मीरगंज चीनी मिल को जिले से कोई भी गन्ना क्रय केंद्र आवंटित नहीं किया गया है। अन्य जिलों में स्थित चार चीनी मिलों को जिले से 5149 हेक्टेयर गन्ना रकवा आवंटित किया गया है।
इससे जिले की यदु चीनी मिल में गन्ने की पेराई इस माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। वहीं सहकारी चीनी मिल में दिसंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। पेराई शुरू होते हुए किसानों को कोल्हू क्रेशर पर गन्ना बेचने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। जिला गन्ना अधिकारी, डीके सैनी का कहना है कि गन्ना रकवा का आवंटन कर हो गया है, बिसौली में स्थित यदु चीनी मिल में 30 नवंबर और सहकारी चीनी मिल में दिसंबर पहले सप्ताह में पेराई शुरू हो जाएगी। किसान अपना गन्ना कोल्हू पर बिल्कुल न बेचे। जल्द ही उनके गन्ने का शासन द्वारा निर्धारित मूल्य उन्हें मिलना शुरू हो जाएगा।
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