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Budaun News: छात्राओं ने जाना महिला थाने का कामकाज
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महिला थाना पहुंचकर छात्राओं ने वहां की कार्य प्रणाली के बारे में जाना। संवाद
बदायूं। अमर उजाला फाउंडेशन के ‘दोस्त पुलिस’ कार्यक्रम के तहत श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्राओं ने महिला थाने का भ्रमण किया। छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली, महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों, साइबर अपराधों से बचाव के बारे में जानकारी दी।
महिला थाने में पहुंचीं छात्राओं ने थाने के विभिन्न विभागों के बारे में जाना। यह भी जाना कि किस प्रकार की शिकायतें दर्ज की जाती हैं। छात्राओं को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। यह भी समझाया गया कि किसी भी अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देना क्यों जरूरी है।
साथ ही महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क के कार्यों की जानकारी दी गई, जहां पीड़ितों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाता है।
महिला थानाध्यक्ष प्रियंका सिंह ने बताया कि पुलिस महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है। सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों को अनदेखा न करें। जरूरत पड़ने पर निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करें।
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थानाध्यक्ष ने साइबर अपराधों पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। युवाओं को नौकरी, लॉटरी या कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देकर ठगा जा रहा है। ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। तुरंत उसे अनदेखा करें।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की जानकारी मिलने पर समय रहते शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को आपातकालीन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग की जानकारी दी गई। छात्राओं ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
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महिला थाने में पहुंचीं छात्राओं ने थाने के विभिन्न विभागों के बारे में जाना। यह भी जाना कि किस प्रकार की शिकायतें दर्ज की जाती हैं। छात्राओं को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। यह भी समझाया गया कि किसी भी अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देना क्यों जरूरी है।
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साथ ही महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क के कार्यों की जानकारी दी गई, जहां पीड़ितों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाता है।
महिला थानाध्यक्ष प्रियंका सिंह ने बताया कि पुलिस महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है। सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों को अनदेखा न करें। जरूरत पड़ने पर निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करें।
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थानाध्यक्ष ने साइबर अपराधों पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। युवाओं को नौकरी, लॉटरी या कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देकर ठगा जा रहा है। ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। तुरंत उसे अनदेखा करें।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की जानकारी मिलने पर समय रहते शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को आपातकालीन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग की जानकारी दी गई। छात्राओं ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।