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...जिसे लेकर मची हाय-तौबा उसका नाम ही गायब!
दातागंज/बदायूं।
Updated Sat, 10 Oct 2015 12:04 AM IST
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क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के जिस प्रत्याशी को लेकर हाय-तौबा मची, उसका तो मतदाता सूची से भी नाम गायब है। वास्तविक मतदाता होने के बाद सूची से उसका नाम कैसे गायब हो गया? इसका जवाब कोई अधिकारी भी नहीं दे रहा है।
बता दें कि क्षेत्र पंचायत समरेर कार्यालय पर रुदेली-भुड़ेली ग्राम पंचायत के बुधपाल ने आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक के पुत्र ने उसका आवेदन पत्र छीनकर भगा दिया। आवेदन के लिए उसने शुल्क देकर बाकायदा रसीद कटवाई थी। स्थानीय स्तर पर कार्यवाई न होने पर उसने डीएम से शिकायत की थी।
हालांकि दूसरे दिन ही उसने आरोप वापस ले लिया। शपथ पत्र में उसने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। अब जब मतदाता सूची देखी गई, तो उसमें बुधपाल का नाम ही नहीं है। गौर करने वाली बात है कि जब कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ने का मन बनाता है, तो सबसे पहले मतदाता सूची का अवलोकन करता है। जब मतदाता सूची में नाम ही नहीं है, तो बुधपाल का आवेदन स्वत: ही खारिज हो जाता। फिर उसका आवेदन पत्र छीनने की क्या जरूरत थी? जाहिर सी बात है कि मतदाता सूची का अवलोकन किसी पक्ष ने नहीं किया। इसके लिए दो दिन से हाय तौबा मची हुई थी। इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी से बात की गई तो वह चुप्पी साध गए।
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इंसेट-
डीएम से शिकायत पर जुड़ा था इनका नाम
दातागंज। क्षेत्र पंचायत समरेर में ही खुकड़ी क्षेत्र से जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित अगरवीर गूर्जर का भी अंतिम मतदाता सूची से नाम गायब था, जबकि अनंतिम सूची में नाम मौजूद था। डीएम से शिकायत करने पर इनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया।
वर्जन
ये गलती या तो बीएलओ से हुई है या बदायूं में फीड़िंग करते वक्त नाम छूट गया है। जांच कराकर चूक का पता लगाया जाएगा, गलती करने वाले को दंड मिलेगा। -ओपी तिवारी, एसडीएम
कई आवेदन हुए निरस्त
दातागंज। क्षेत्र पंचायत दातागंज में सैंजनी द्वितीय सीट संख्या 55 पिछड़ा वर्ग की महिला को आरक्षित है। यहां से अमरपाल ने नामांकन करा दिया। जो रद्द कर दिया गया। इसी तरह क्षेत्र पंचायत समरेर में लहडौरा क्षेत्र पंचायत सीट से जिस लड़की ने नामांकन कराया इसकी आयु 20 वर्ष निकली, जबकि चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है। इसलिए इनका भी आवेदन निरस्त हो गया। 14 पड़ेली-बझेला सीट से प्रत्याशी का प्रस्तावक दूसरे वार्ड का निकला इसलिए यह आवेदन भी निरस्त हो गया।
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बता दें कि क्षेत्र पंचायत समरेर कार्यालय पर रुदेली-भुड़ेली ग्राम पंचायत के बुधपाल ने आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक के पुत्र ने उसका आवेदन पत्र छीनकर भगा दिया। आवेदन के लिए उसने शुल्क देकर बाकायदा रसीद कटवाई थी। स्थानीय स्तर पर कार्यवाई न होने पर उसने डीएम से शिकायत की थी।
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हालांकि दूसरे दिन ही उसने आरोप वापस ले लिया। शपथ पत्र में उसने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। अब जब मतदाता सूची देखी गई, तो उसमें बुधपाल का नाम ही नहीं है। गौर करने वाली बात है कि जब कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ने का मन बनाता है, तो सबसे पहले मतदाता सूची का अवलोकन करता है। जब मतदाता सूची में नाम ही नहीं है, तो बुधपाल का आवेदन स्वत: ही खारिज हो जाता। फिर उसका आवेदन पत्र छीनने की क्या जरूरत थी? जाहिर सी बात है कि मतदाता सूची का अवलोकन किसी पक्ष ने नहीं किया। इसके लिए दो दिन से हाय तौबा मची हुई थी। इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी से बात की गई तो वह चुप्पी साध गए।
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डीएम से शिकायत पर जुड़ा था इनका नाम
दातागंज। क्षेत्र पंचायत समरेर में ही खुकड़ी क्षेत्र से जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित अगरवीर गूर्जर का भी अंतिम मतदाता सूची से नाम गायब था, जबकि अनंतिम सूची में नाम मौजूद था। डीएम से शिकायत करने पर इनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया।
वर्जन
ये गलती या तो बीएलओ से हुई है या बदायूं में फीड़िंग करते वक्त नाम छूट गया है। जांच कराकर चूक का पता लगाया जाएगा, गलती करने वाले को दंड मिलेगा। -ओपी तिवारी, एसडीएम
कई आवेदन हुए निरस्त
दातागंज। क्षेत्र पंचायत दातागंज में सैंजनी द्वितीय सीट संख्या 55 पिछड़ा वर्ग की महिला को आरक्षित है। यहां से अमरपाल ने नामांकन करा दिया। जो रद्द कर दिया गया। इसी तरह क्षेत्र पंचायत समरेर में लहडौरा क्षेत्र पंचायत सीट से जिस लड़की ने नामांकन कराया इसकी आयु 20 वर्ष निकली, जबकि चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है। इसलिए इनका भी आवेदन निरस्त हो गया। 14 पड़ेली-बझेला सीट से प्रत्याशी का प्रस्तावक दूसरे वार्ड का निकला इसलिए यह आवेदन भी निरस्त हो गया।