{"_id":"f1b6297d9fcbab982faf79a7be5ccc4e","slug":"the-serpent-god-worshiped-on-panchami-in-sawan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन में पंचमी पर पूजे गए नाग देवता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन में पंचमी पर पूजे गए नाग देवता
बदायूं
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सावन के प्रमुख पंचमी पर्व पर नागों की पूजा की गई। शिवालयों में नाग प्रतिमाओं पर दूध चढ़ाकर नागों की पूजा का सिलसिला पूरे दिन चला।
बिरुआबाड़ी मंदिर के पास सपेरे सांप लेकर बैठ गए। जिन्हें श्रद्धालुओं ने दूध पिलाया और सपेरों को दक्षिणा दी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जंगलों में सांप की बांबियों में पेड़ों की खोखड़ों में दूध चढ़ाकर नाग देव को मनाते देखे गए।
सावन माह के इस विशेष पंचमी पर्व पर आटे के नाग बनाकर शिव प्रतिमाओं पर चढ़ाए गए। शिवालयों में दूध चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई।
शिवालयों में तांबे के बने नाग और अन्य नाग प्रतिमाओं पर दूध पिलाकर श्रद्धालुओं ने नागों की कृपा और दया का वर मांगा। पूजा का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। भगवान शिव के आभूषणों में गिने जाने वाले नागों की पूजा श्रावण मास की नाग पंचमी को देहात और शहरी क्षेत्रों में पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई जाती रही है। इस अवसर पर कांवड़ियों द्वारा भी नाग पूजा की जाती है। कांवड़ियों ने भी शिवालयों में पूजा की। नाग पंचमी पर इस बार शिवालयों में सुबह से शाम तक पूजा पाठ चला और धार्मिक कार्यक्रम हुए।
शिव भक्त मंडली द्वारा अध्यक्ष अमन मयंक शर्मा के साथ श्रद्धालुओं ने नगला मंदिर के प्राचीन शिव मंदिर सुबह छह से सात बजे तक नागदेव की पूजा अर्चना की। शेष नाग के संबंध में जानकारी दी गई। प्रसाद वितरण किया गया।
बिरुआबाड़ी मंदिर के पास सपेरे सांप लेकर बैठ गए। जिन्हें श्रद्धालुओं ने दूध पिलाया और सपेरों को दक्षिणा दी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जंगलों में सांप की बांबियों में पेड़ों की खोखड़ों में दूध चढ़ाकर नाग देव को मनाते देखे गए।
सावन माह के इस विशेष पंचमी पर्व पर आटे के नाग बनाकर शिव प्रतिमाओं पर चढ़ाए गए। शिवालयों में दूध चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई।
शिवालयों में तांबे के बने नाग और अन्य नाग प्रतिमाओं पर दूध पिलाकर श्रद्धालुओं ने नागों की कृपा और दया का वर मांगा। पूजा का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। भगवान शिव के आभूषणों में गिने जाने वाले नागों की पूजा श्रावण मास की नाग पंचमी को देहात और शहरी क्षेत्रों में पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई जाती रही है। इस अवसर पर कांवड़ियों द्वारा भी नाग पूजा की जाती है। कांवड़ियों ने भी शिवालयों में पूजा की। नाग पंचमी पर इस बार शिवालयों में सुबह से शाम तक पूजा पाठ चला और धार्मिक कार्यक्रम हुए।
विज्ञापन
शिव भक्त मंडली द्वारा अध्यक्ष अमन मयंक शर्मा के साथ श्रद्धालुओं ने नगला मंदिर के प्राचीन शिव मंदिर सुबह छह से सात बजे तक नागदेव की पूजा अर्चना की। शेष नाग के संबंध में जानकारी दी गई। प्रसाद वितरण किया गया।
विज्ञापन