{"_id":"69d9525c8ccc76a8a30c0738","slug":"the-police-demonstrated-their-capability-to-handle-emergency-situations-badaun-news-c-123-1-bdn1036-161282-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: पुलिस ने आपात हालात से निपटने का किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: पुलिस ने आपात हालात से निपटने का किया प्रदर्शन
विज्ञापन
दंगा नियंत्रण ड्रिल में शामिल पुलिस कर्मी। स्रोत- पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में दंगा नियंत्रण (बलवा) ड्रिल हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में पुलिस बल की तत्परता, रणनीतिक कौशल और आपसी समन्वय का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों ने दंगारोधी उपकरणों के साथ मॉक अभ्यास करते हुए यह प्रदर्शित किया कि उग्र भीड़ को किस प्रकार नियंत्रित कर शांति व्यवस्था कैसे बहाल की जाती है। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दंगाइयों और पुलिस दोनों की भूमिका निभाते हुए वास्तविक परिस्थितियों का जीवंत दृश्य प्रस्तुत किया, जिससे अभ्यास और अधिक प्रभावी बन गया।
अभ्यास के प्रथम चरण में लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने चरणबद्ध कार्रवाई करते हुए चेतावनी जारी की। इसके बाद अश्रु गैस के गोले, रबर बुलेट, हैंड ग्रेनेड और वाटर कैनन का प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने की रणनीति का प्रदर्शन किया गया।
विज्ञापन
इस अभ्यास में अभिसूचना इकाई, सिविल पुलिस, घुड़सवार पुलिस, अग्निशमन दल, लाठी पार्टी, फायरिंग पार्टी, अश्रु गैस पार्टी एवं रिजर्व पुलिस बल को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे सामूहिक कार्यप्रणाली और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
एसएसपी ने ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करते हैं। ऐसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर परिणाम देने में सहायक सिद्ध होते हैं। ड्रिल के दौरान जिले के सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों ने दंगारोधी उपकरणों के साथ मॉक अभ्यास करते हुए यह प्रदर्शित किया कि उग्र भीड़ को किस प्रकार नियंत्रित कर शांति व्यवस्था कैसे बहाल की जाती है। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दंगाइयों और पुलिस दोनों की भूमिका निभाते हुए वास्तविक परिस्थितियों का जीवंत दृश्य प्रस्तुत किया, जिससे अभ्यास और अधिक प्रभावी बन गया।
विज्ञापन
अभ्यास के प्रथम चरण में लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने चरणबद्ध कार्रवाई करते हुए चेतावनी जारी की। इसके बाद अश्रु गैस के गोले, रबर बुलेट, हैंड ग्रेनेड और वाटर कैनन का प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने की रणनीति का प्रदर्शन किया गया।
विज्ञापन
इस अभ्यास में अभिसूचना इकाई, सिविल पुलिस, घुड़सवार पुलिस, अग्निशमन दल, लाठी पार्टी, फायरिंग पार्टी, अश्रु गैस पार्टी एवं रिजर्व पुलिस बल को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे सामूहिक कार्यप्रणाली और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
एसएसपी ने ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करते हैं। ऐसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर परिणाम देने में सहायक सिद्ध होते हैं। ड्रिल के दौरान जिले के सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

दंगा नियंत्रण ड्रिल में शामिल पुलिस कर्मी। स्रोत- पुलिस