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प्रदेश नेतृत्व से आहत दिखीं सांसद पर मोदी पर भरोसा
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संघमित्रा मौर्य, सांसद। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी बदायूं सांसद डॉ. संघमित्रा मंगलवार को बदायूं कलक्ट्रेट परिसर पहुंचीं और शहर व बिल्सी के भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन में शामिल हुईं। लंबे समय बाद वह यहां मीडिया से मुखातिब हुईं और भाजपा से अपने जुड़ाव को सार्वजनिक किया। कहा कि सभी छह प्रत्याशी चुनाव जीतेंगे। स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में जाने से चुनाव में फर्क के सवाल को वह टाल गईं। प्रदेश नेतृत्व को लेकर उनकी टीस भी बातों में झलकी।
सांसद ने कहा कि शहर प्रत्याशी महेश चंद्र गुप्ता व बिल्सी प्रत्याशी हरीश शाक्य के नामांकन में शामिल हुई हैं। यह नामांकन ही नहीं, दस मार्च को दोनों का विधायक बनना तय है। भाजपा जिले की सभी छह सीटें जीतेगी। पिता के सपा में जाने पर सवाल हुआ तो कहा कि वह (संघमित्रा) भाजपा सांसद हैं और निश्चित तौर पर भाजपा प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाएंगी। पिछड़ा और अति पिछड़ा के भाजपा में सम्मान पर सांसद का कहना था कि देश और प्रदेश की राजनीति में काफी अंतर होता है।
मैं प्रधानमंत्री व शीर्ष नेतृत्व के निर्देशन में कार्य कर रहीं हूं। ये आवाज उठी है जो प्रधानमंत्री मोदी के संज्ञान में पहुंची है और उनकी जानकारी में जो बात पहुंचती है उसका सकारात्मक परिणाम निकलता है। आने वाले समय में इसका भी जरूर समाधान निकलेगा। सांसद से जब पूछा गया कि उन्होंने अपर्णा यादव के भाजपा में आने पर अगड़ा व पिछड़ा वर्ग के बहाने फेसबुक पर आपत्ति जताई थी तो उन्होंने जवाब दिया कि अपर्णा यादव के बारे में आपत्ति नहीं की थी, उनकी पोस्ट को गौर से नहीं पढ़ा गया। उसमें सवाल था कि क्या बहन और बेटी की भी जाति और धर्म होता है? यह सवाल उन लोगों से था जो घर पर बैठकर कभी भी किसी पर टीका टिप्पणी कर देते हैं या बिन मांगे सलाह दे देते हैं। ऐसे सलाहकारों व फेसबुकियों से उनका सवाल था कि बहन बेटियों की जाति धर्म कब से होने लगा जो एक पर टिप्पणी करते हैं और दूसरों पर मौन रहते हैं। सांसद ने जिले में स्वामी प्रसाद मौर्य व भाजपा के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर हो रही छींटाकशी के सवाल पर कहा कि बदायूं में सभी हमारे समर्थक हैं। चूंकि हम बदायूं से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं इसलिए पूरा क्षेत्र ही हमारा परिवार है। हम उनके परिवार की बहन व बेटी हैं।
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जब उनसे पूछा गया कि पिता के सपा में जाने पर कोई फर्क पड़ेगा तो वह उसे टालकर आगे बढ़ गईं। संवाद
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सांसद ने कहा कि शहर प्रत्याशी महेश चंद्र गुप्ता व बिल्सी प्रत्याशी हरीश शाक्य के नामांकन में शामिल हुई हैं। यह नामांकन ही नहीं, दस मार्च को दोनों का विधायक बनना तय है। भाजपा जिले की सभी छह सीटें जीतेगी। पिता के सपा में जाने पर सवाल हुआ तो कहा कि वह (संघमित्रा) भाजपा सांसद हैं और निश्चित तौर पर भाजपा प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाएंगी। पिछड़ा और अति पिछड़ा के भाजपा में सम्मान पर सांसद का कहना था कि देश और प्रदेश की राजनीति में काफी अंतर होता है।
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मैं प्रधानमंत्री व शीर्ष नेतृत्व के निर्देशन में कार्य कर रहीं हूं। ये आवाज उठी है जो प्रधानमंत्री मोदी के संज्ञान में पहुंची है और उनकी जानकारी में जो बात पहुंचती है उसका सकारात्मक परिणाम निकलता है। आने वाले समय में इसका भी जरूर समाधान निकलेगा। सांसद से जब पूछा गया कि उन्होंने अपर्णा यादव के भाजपा में आने पर अगड़ा व पिछड़ा वर्ग के बहाने फेसबुक पर आपत्ति जताई थी तो उन्होंने जवाब दिया कि अपर्णा यादव के बारे में आपत्ति नहीं की थी, उनकी पोस्ट को गौर से नहीं पढ़ा गया। उसमें सवाल था कि क्या बहन और बेटी की भी जाति और धर्म होता है? यह सवाल उन लोगों से था जो घर पर बैठकर कभी भी किसी पर टीका टिप्पणी कर देते हैं या बिन मांगे सलाह दे देते हैं। ऐसे सलाहकारों व फेसबुकियों से उनका सवाल था कि बहन बेटियों की जाति धर्म कब से होने लगा जो एक पर टिप्पणी करते हैं और दूसरों पर मौन रहते हैं। सांसद ने जिले में स्वामी प्रसाद मौर्य व भाजपा के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर हो रही छींटाकशी के सवाल पर कहा कि बदायूं में सभी हमारे समर्थक हैं। चूंकि हम बदायूं से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं इसलिए पूरा क्षेत्र ही हमारा परिवार है। हम उनके परिवार की बहन व बेटी हैं।
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जब उनसे पूछा गया कि पिता के सपा में जाने पर कोई फर्क पड़ेगा तो वह उसे टालकर आगे बढ़ गईं। संवाद