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Budaun News: जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के नाम पर चल रहा वसूली का खेल

Mon, 24 Feb 2025 11:28 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2025 11:28 PM IST
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The game of extortion is going on in the name of cataract operation in the district hospital
जिला अस्पताल का नेत्र रोग विभाग। स्रोत-स्वयं - फोटो : मृतक आकाश
बदायूं। जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार का बढ़ा मामला सामने आया है। मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने जिला अस्पताल आने वाले मरीजों से वसूली की जा रही है। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन मुफ्त में होगा, लेकिन लैंस की कीमत देनी होगी। एक हजार से पांच हजार रुपये तक मरीजों से लिए जा रहे हैं।
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सरकार की तरफ से जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन मुफ्त में किए जाते हैं। इसके लिए दवा व लैंस आदि की खरीद सरकार द्वारा की जाती है। ऑपरेशन कराने वाले को कोई फीस नहीं देनी होती, लेकिन जिला अस्पताल के नेत्र विभाग ने इस सरकारी योजना को भी उगाही का जरिया बना डाला।
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मरीजों को बताया जाता है कि ऑपरेशन मुफ्त में हो रहे हैं। केवल लैंस खरीद कर लगवाने होंगे। ऑपरेशन कक्ष में जाने के बाद मरीज से पूछा जाता है कि कौन सा लैंस लगवाना है। साधारण या अच्छा। उसी हिसाब से मरीज को रुपये बता दिए जाते हैं। लैंस के नाम पर एक-डेढ़ हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक मरीजों से वसूल किए जा रहे हैं। इस बारे में स्टाफ व डॉक्टर से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ऑपरेशन बिल्कुल निशुल्क किए जा रहे हैं।
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चार डॉक्टर कर रहे हैं ऑपरेशन
जिला अस्पताल में चार डॉक्टर मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर रहे हैं। इसमें डॉ. पीयूष मोहन अग्रवाल व डॉ. केपी सिंह जिला अस्पताल के डॉक्टर हैं, जबकि मोहम्मद वसीम सीएमओ के अधीन हैं। वहीं डॉ. उत्पल रस्तोगी भी सीएमओ के अधीन हैं। उन्हें संविदा पर रखा गया है। चारों डॉक्टरों का रोस्टर बना हुआ है। उसी के हिसाब से ये ऑपरेशन कर रहे हैं।


अब तक हो चुके करीब 2200 ऑपरेशन
जिला अस्पताल में अब तक करीब 2200 ऑपरेशन हो चुके हैं। नवंबर से ऑपरेशन होना शुरू हो गए थे। प्रतिदिन 25 से 30 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हाल यह है कि शाम के पांच बजे तक ऑपरेशन किए जाते हैं। ऑपरेशन कराकर बाहर निकले मरीजों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने लैंस के नाम पर रुपये लेने की बात कबूल की।



जांच हो तो खुलेगा भ्रष्टाचार का खेल
जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के नाम पर वसूली के खेल का पर्दाफाश तभी हो सकता है जब शासन या प्रशासन स्तर पर जांच की जाए। मरीज खुलकर बता रहे हैं कि उनसे लैंस के नाम पर रुपये लिए गए हैं। बढ़ी संख्या में करीब दो हजार ऑपरेशन किए गए हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीजों से किस कदर वसूली की गई होगी।


केस वन

सहसवान के अमनपुर गांव निवासी यार मोहम्मद शनिवार को जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने आए थे। यहां उन्हें बताया गया कि ऑपरेशन मुफ्त में हो रहा है, लैंस खरीदने पड़े रहे हैं। रिश्तेदार ने डेढ़ हजार रुपये दिए। इसके बाद लैंस लगाया गया।


केस दो-
सहसवान के ही आमीन ने बीते शुक्रवार को जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। अंदर ऑपरेशन कक्ष में बताया कि ऑपरेशन मुफ्त है, लैंस के रुपये जाएंगे। उन्हें कई लैंस दिखाए गए। इसके बाद अच्छा वाला लैंस लगाने के नाम पर दो हजार रुपये लिए गए।



सरकार की तरफ से मोतियाबिंद का ऑपरेशन बिल्कुल मुफ्त किया जा रहा है। लैंस भी सरकार की तरफ से ही मुफ्त दिए जा रहे हैं। अगर इसके बदले में रुपये लिए जा रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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