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Budaun News: 24 दिन से पानी में घिरे 26 गांवों में मकानों की नींव कमजोर, गिरने का खतरा

Fri, 29 Aug 2025 02:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:02 AM IST
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The foundation of houses in 26 villages surrounded by water for 24 days is weak, there is a danger of collapse
उसहैत क्षेत्र में लंबे समय से पानी में ​घिरा एक गांव। संवाद
बदायूं। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद अब पिछले दो दिनों से धीरे-धीरे पानी घटने लगा है। इसके बावजूद जिले के 26 गांव अब भी 4 अगस्त से जलमग्न हैं। इन गांवों के लोगों को चिंता सता रही है कि लंबे समय तक पानी भरे रहने से उनके मकानों की नींव कमजोर हो गई है, जो कभी भी ढह सकती हैं।
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उसहैत क्षेत्र के अहमदनगर बछौरा गांव में पिछले दिनों आठ मकान गिर चुके हैं। गंगा का पानी उतरने के साथ ही कटान की रफ्तार भी तेज हो गई है। एक सप्ताह से गंगा का बहाव उतार-चढ़ाव में है, जिससे बाढ़ग्रस्त गांवों के लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
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बुधवार की तुलना में जहां गंगा का जलस्तर 4 सेंटीमीटर घटा है, वहीं रामगंगा में 130 सेंटीमीटर तक की कमी आई है। राहत की बात यह है कि नरौरा डैम से छोड़ा गया पानी भी बुधवार को 1,34,584 क्यूसेक से घटकर गुरुवार को 1,28,716 क्यूसेक रह गया। उसहैत क्षेत्र के 18 गांव अब भी गंगा के पानी से घिरे हैं। इनमें जटा, प्रेमी नगला, कमलू नगला आदि गांवों में सबसे अधिक पानी जमा है। लगभग 24 दिन बीत जाने के बाद भी पानी निकल नहीं पाया है। इसकी वजह यह है कि गंगा का स्तर कभी घटता है तो कभी बढ़ जाता है।
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ग्रामीण अपने घर छोड़कर आश्रय स्थलों पर शरण लिए हुए हैं, लेकिन उन्हें अपने मकानों की हालत को लेकर गहरी चिंता है। कटरा सआदतगंज इलाके में अब तक करीब 200 बीघा जमीन का कटान हो चुका है। गांव अहमदनगर बछौरा के लोग अपने जर्जर घरों को बार-बार देखने आते हैं।
सहसवान क्षेत्र में भी हालात गंभीर हैं। भमरौलिया, वीरसहाय नगला, खागी नगला और तोफिया नगला गांवों में लंबे समय से पानी भरा है। यहां के लोगों को डर है कि कहीं नींव कमजोर होने से उनके मकान न गिर जाएं। खेतों में कटान की वजह से किसान खौफ के साए में जी रहे हैं। तोफिया नगला में गंगा और उसकी सहायक महावा नदी लगातार कटान कर रही है। सिर्फ दो दिनों में करीब 50 बीघा खेतिहर जमीन कट चुकी है। हालांकि गुरुवार को कटान की रफ्तार कुछ धीमी रही।

आश्रय स्थलों में परेशानी
उसहैत क्षेत्र में बने आश्रय स्थलों पर रह रहे लोगों का कहना है कि वे मच्छरों और कीट-पतंगों से बेहद परेशान हैं। कटरा सआदतगंज के शिंभू नगला के आश्रय स्थल पर ग्रामीणों को दो बार राशन दिया जा चुका है। मवेशियों के लिए भूसे आदि की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई है। ग्रामीणों ने प्लास्टिक के टेंट लगाकर अस्थायी झोंपड़ियां बना ली हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग लगातार दवाएं वितरित कर रहा है।

उसहैत क्षेत्र में लंबे समय से पानी में घिरा एक गांव। संवाद

उसहैत क्षेत्र में लंबे समय से पानी में घिरा एक गांव। संवाद

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