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Budaun News: दर्शकों को भावुक कर गया दशरथ-कैकई संवाद
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दिसौली गंज की राम लीला में उदास बैठे दशरथ को समताते वशिष्ठ मुनि। संवाद
बदायूं। बिसौली क्षेत्र की आदर्श रामलीला कमेटी दिसौलीगंज के मंच पर सोमवार की रात कैकई दशरथ संवाद एवं राम वनवास की कारुणिक लीला का हृदयस्पर्शी मंचन हुआ। महाराज दशरथ बने दीनदयाल भारती ने व्याकुल स्वर में कहा- राम के बिना अयोध्या सुनी है। हे, कैकई मुझसे ऐसा वचन मांगा... तो दर्शक भाव विह्वल हो उठे। दशरथ का दर्द हर हृदय में उतर आया।
कैकई की भूमिका निभा रहे राजू ने राजसी दृढ़ता के साथ उत्तर दिया। राजन मैंने तो केवल अपने वचनों का प्रतिफल मांगा है। आप अपनी प्रतिज्ञा निभाइए। राम बने रामानंद तिवारी ने शांत, संयमित स्वर में कहा- पिताश्री वन जाना मेरे लिए कोई दंड नहीं, यह तो आपके वचनों की रक्षा का सौभाग्य है। उनके मुखारविंद से निकले इन शब्दों ने समर्पण और आज्ञापालन की मर्यादा को मूर्त रूप दे दिया। दर्शकों की आंखें श्रद्धा और करुणा से भर उठीं। लक्ष्मण की भूमिका में अन्नू सिंह ने आवेश और वेदना से भरे स्वर में कहा कि मैं नहीं मानता यह अन्याय है। सीता का अभिनय कर रहे राजकुमार ने जब कोमल भाव से कहा जहां राम हैं, वहीं अयोध्या है। मैं भी साथ में वन चलूंगी। पूरा प्रांगण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। मंच सज्जा, संवादों की लय और कलाकारों की समर्पित प्रस्तुति ने इस लीला को अविस्मरणीय बना दिया। संवाद
राम-लक्ष्मण को लेने अयोध्या पहुंचे विश्वामित्र
बदायूं। नगर के प्राचीन रामलीला मैदान में सोमवार की रात विश्वामित्र यज्ञ रक्षा प्रसंग का मंचन किया गया। महर्षि विश्वामित्र ने राक्षसों से यज्ञ की रक्षा करने अयोध्या नरेश दशरथ से राम व लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह किया। राजा दशरथ की भूमिका में जीतेश मिश्र ने गंभीरता और भावनाओं से भरा अभिनय कर दर्शकों को भावविह्वल कर दिया।
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वशिष्ठ बने सोनू मिश्र ने नीति और धर्म के सार को अपने संवादों में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विश्वामित्र बने रविंद्र शंखधार ने अपनी दृढ़ आवाज से मंच पर भक्ति और आध्यात्म का माहौल बनाया। राम बने उपलक्ष्य मिश्र और लक्ष्मण बने प्रिंस पाराशरी ने मर्यादा, समर्पण और उत्साह का अद्भुत प्रदर्शन किया। संचालन अशोक प्रधान और राजेंद्र मिश्र ने किया। मेला प्रबंध जगतपाल मिश्र ने बताया कि प्रतिदिन नए प्रसंगों के साथ मंचन हो रहा है। इधर, रामलीला मेले में झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया जा रहा है। पूरे नगर में भक्ति और उल्लास का वातावरण है।
हवन-पूजन के साथ मुजरिया में रामलीला शुरू
मुजरिया। क्षेत्र में कृषि इंटर कॉलेज के मैदान में श्री रामलीला का शुभारंभ रामलीला कमेटी के सदस्यों ने विधिवत पूजन के साथ किया। प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने सरस्वती मांग के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और फीता काटकर किया।इस मौके पर रामलीला कमेटी की ओर से जवाहर सिंह यादव, आशीष सोलंकी, अरविंद चौहान-अलीगंज, शिव कुमार शर्मा, योगेंद्र यादव, नरेंद्र यादव, सत्यपाल सिंह सोलंकी, दीपक सोलंकी, रणजीत सिंह सोलंकी आदि मौजूद रहे। गुरुदेव शर्मा ने हवन पूजन कराया। कॉलेज के प्रधानाचार्य विजयपाल सोलंकी मेला संचालक रहेंगे। संवाद
नारद मोह लीला का हुआ मंचन
बगरैन। रामलीला मेला का शुभारंभ अध्यक्ष दुष्यंत सिंह और पंडित रामनरेश शर्मा ने फीता काटकर किया। क्षेत्र के गांव पेपल में मंगलवार रात श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। उद्घाटन के बाद नारद मोह लीला का आकर्षक मंचन किया गया। इस मौके पर राजेश शर्मा, विनीत शर्मा, मुकेश भदौरिया, योगेश सिंह, जगन्नाथ शर्मा आदि मौजूद रहे।संवाद
भगवान श्रीराम ने किया ताड़का और दैत्य सुबाहु का वध
रुदायन। नगर में सोमवार को रामलीला में महर्षि विश्वामित्र ने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से उनके पुत्र राम और लक्ष्मण को मांगने और ताड़़का वध का मंचन किया गया। महर्षि विश्वामित्र यज्ञ कर रहे है। राक्षसों ने उत्पात मचाया। विशेष रूप से ताड़का और उसके पुत्र सुबाहु जैसे दैत्य ऋषियों के तप और यज्ञ में बाधा डालते हैं। उनके अत्याचारों से संपूर्ण वन क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल व्याप्त हो जाता है। महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से मुक्ति पाने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ से उनके पुत्र राम-लक्ष्मण को लाया गया। इस अवसर पर कमेटी अध्यक्ष पद्म गुप्ता, राजू गुप्ता, राहुल कश्यप, आकाश कश्यप, रामसिंह, अखिलेश गुप्ता, संगीत कश्यप आदि लोग मौजूद रहे।
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कैकई की भूमिका निभा रहे राजू ने राजसी दृढ़ता के साथ उत्तर दिया। राजन मैंने तो केवल अपने वचनों का प्रतिफल मांगा है। आप अपनी प्रतिज्ञा निभाइए। राम बने रामानंद तिवारी ने शांत, संयमित स्वर में कहा- पिताश्री वन जाना मेरे लिए कोई दंड नहीं, यह तो आपके वचनों की रक्षा का सौभाग्य है। उनके मुखारविंद से निकले इन शब्दों ने समर्पण और आज्ञापालन की मर्यादा को मूर्त रूप दे दिया। दर्शकों की आंखें श्रद्धा और करुणा से भर उठीं। लक्ष्मण की भूमिका में अन्नू सिंह ने आवेश और वेदना से भरे स्वर में कहा कि मैं नहीं मानता यह अन्याय है। सीता का अभिनय कर रहे राजकुमार ने जब कोमल भाव से कहा जहां राम हैं, वहीं अयोध्या है। मैं भी साथ में वन चलूंगी। पूरा प्रांगण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। मंच सज्जा, संवादों की लय और कलाकारों की समर्पित प्रस्तुति ने इस लीला को अविस्मरणीय बना दिया। संवाद
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राम-लक्ष्मण को लेने अयोध्या पहुंचे विश्वामित्र
बदायूं। नगर के प्राचीन रामलीला मैदान में सोमवार की रात विश्वामित्र यज्ञ रक्षा प्रसंग का मंचन किया गया। महर्षि विश्वामित्र ने राक्षसों से यज्ञ की रक्षा करने अयोध्या नरेश दशरथ से राम व लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह किया। राजा दशरथ की भूमिका में जीतेश मिश्र ने गंभीरता और भावनाओं से भरा अभिनय कर दर्शकों को भावविह्वल कर दिया।
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वशिष्ठ बने सोनू मिश्र ने नीति और धर्म के सार को अपने संवादों में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विश्वामित्र बने रविंद्र शंखधार ने अपनी दृढ़ आवाज से मंच पर भक्ति और आध्यात्म का माहौल बनाया। राम बने उपलक्ष्य मिश्र और लक्ष्मण बने प्रिंस पाराशरी ने मर्यादा, समर्पण और उत्साह का अद्भुत प्रदर्शन किया। संचालन अशोक प्रधान और राजेंद्र मिश्र ने किया। मेला प्रबंध जगतपाल मिश्र ने बताया कि प्रतिदिन नए प्रसंगों के साथ मंचन हो रहा है। इधर, रामलीला मेले में झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया जा रहा है। पूरे नगर में भक्ति और उल्लास का वातावरण है।
हवन-पूजन के साथ मुजरिया में रामलीला शुरू
मुजरिया। क्षेत्र में कृषि इंटर कॉलेज के मैदान में श्री रामलीला का शुभारंभ रामलीला कमेटी के सदस्यों ने विधिवत पूजन के साथ किया। प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने सरस्वती मांग के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और फीता काटकर किया।इस मौके पर रामलीला कमेटी की ओर से जवाहर सिंह यादव, आशीष सोलंकी, अरविंद चौहान-अलीगंज, शिव कुमार शर्मा, योगेंद्र यादव, नरेंद्र यादव, सत्यपाल सिंह सोलंकी, दीपक सोलंकी, रणजीत सिंह सोलंकी आदि मौजूद रहे। गुरुदेव शर्मा ने हवन पूजन कराया। कॉलेज के प्रधानाचार्य विजयपाल सोलंकी मेला संचालक रहेंगे। संवाद
नारद मोह लीला का हुआ मंचन
बगरैन। रामलीला मेला का शुभारंभ अध्यक्ष दुष्यंत सिंह और पंडित रामनरेश शर्मा ने फीता काटकर किया। क्षेत्र के गांव पेपल में मंगलवार रात श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। उद्घाटन के बाद नारद मोह लीला का आकर्षक मंचन किया गया। इस मौके पर राजेश शर्मा, विनीत शर्मा, मुकेश भदौरिया, योगेश सिंह, जगन्नाथ शर्मा आदि मौजूद रहे।संवाद
भगवान श्रीराम ने किया ताड़का और दैत्य सुबाहु का वध
रुदायन। नगर में सोमवार को रामलीला में महर्षि विश्वामित्र ने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से उनके पुत्र राम और लक्ष्मण को मांगने और ताड़़का वध का मंचन किया गया। महर्षि विश्वामित्र यज्ञ कर रहे है। राक्षसों ने उत्पात मचाया। विशेष रूप से ताड़का और उसके पुत्र सुबाहु जैसे दैत्य ऋषियों के तप और यज्ञ में बाधा डालते हैं। उनके अत्याचारों से संपूर्ण वन क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल व्याप्त हो जाता है। महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से मुक्ति पाने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ से उनके पुत्र राम-लक्ष्मण को लाया गया। इस अवसर पर कमेटी अध्यक्ष पद्म गुप्ता, राजू गुप्ता, राहुल कश्यप, आकाश कश्यप, रामसिंह, अखिलेश गुप्ता, संगीत कश्यप आदि लोग मौजूद रहे।

दिसौली गंज की राम लीला में उदास बैठे दशरथ को समताते वशिष्ठ मुनि। संवाद

दिसौली गंज की राम लीला में उदास बैठे दशरथ को समताते वशिष्ठ मुनि। संवाद