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पशुओं के लिए भी मुसीबत बन रही बारिश, बढ़ेगा चारे का संकट

Mon, 10 Oct 2022 12:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 10 Oct 2022 12:26 AM IST
सार

लगातार बरसात से जिले में चारे का संकट बढ़ेगा।अधिकतर किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई।सिलहरी के किसान चंद्रपाल सिंह ने बताया कि बरसात से अधिकतर धान की फसलें डूब गईं हैं।

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The crisis of fodder for animals will increase due to rain

विस्तार

बदायूं। लगातार बरसात से जिले में चारे का संकट बढ़ेगा। पिछले साल पैदा हुए चारे के संकट से अभी तक किसान उबर नहीं पाए हैं। ऊपर से यह दूसरी आफत आ गई। बारिश से फसल की न सिर्फ पैदावारी घटेगी, बल्कि धान की फसल तो सड़ने के कगार पर पहुंच गई है।
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जिले के अधिकतर किसान खेतीबाड़ी करने के साथ-साथ गाय-भैंस जैसे दुधारू पशुओं को पाल रहे हैं। कुछ परिवारों के लिए दुधारू पशु ही रोजी रोटी का साधन हैं। वे इनका दूध बेचकर अपना परिवार चला रहे हैं। अहोरामई गांव के किसान प्रेमपाल के मुताबिक पशु के चारे की व्यवस्था फसल के अनुसार होती है। खेतों में गेहूं होता है, तो पशुओं को भूसा खिलाता है और धान की फसल से पुआल मिलता है। पिछले साल इन्हीं दिनों में बरसात से भारी नुकसान हुआ था। अधिकतर किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई। उससे चारे का संकट पैदा हो गया था। इससे किसानों ने गन्ना काटकर पशुओं को खिलाया। हालांकि गेहूं की फसल से कुछ राहत मिल गई थी।
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सिलहरी के किसान चंद्रपाल सिंह ने बताया कि बरसात से अधिकतर धान की फसलें डूब गईं हैं। तमाम किसानों की फसल खेतों में कटी पड़ी है। खेतों में पानी भरने से पकी पकाई फसल सड़ने के कगार पर आ गई है। इससे पैदावार पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। किसानों का अनुमान था कि इस बार धान की फसल ठीक होने से चारे का संकट खत्म हो जाएगा। ये भी सोचकर रखा था कि ज्यादा से ज्यादा पुआल खरीदकर पशुओं के भोजन की व्यवस्था कर लेंगे, लेकिन पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बरसात से पुआल खरीदना तो दूर उसे बचाना तक मुश्किल है।
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पंजाब के भूसे से चला था किसानों का काम
पिछले साल धान की फसल बर्बाद होने से अगली फसल गेहूं की थी, लेकिन उससे किसानों का काम नहीं चला था। पंजाब से सैकड़ों ट्रक भूसा मंगाकर बदायूं में खपा दिया गया। उसी भूसे से किसानों ने अपना काम चलाया। तब कहीं यह साल कट पाई। इसके अलावा भूसे में मिलावट बहुत बड़ी समस्या है। भूसे में मिट्टी मिलाकर बेची जा रही है। इसके खाने से पशु बीमार हो रहे हैं। पशुओं में तमाम बीमारियां फैल रहीं हैं।

हमारे जिले में चारे का संकट होना मुश्किल है। बरसात में जो फसल गिर गई है, उससे किसानों पर तो असर पड़ेगा, लेकिन किसानों के पास अभी भी काफी चारा है। यह हो सकता है कि यहां से चारा दूसरे जिले में नहीं जा पाएगा। -डॉ. एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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