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Budaun News: अदालत ने छेड़छाड़ के मामले में पीड़िता के मुकरने पर कहा, क्षतिपूर्ति पाने का हक नहीं
Sun, 11 Oct 2026 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:09 AM IST
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बदायूं। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नीरज कुमार गर्ग की कोर्ट ने पीड़िता के गवाही से मुकरने की वजह से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी अंशुमन मिश्रा उर्फ तोषी को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने पीड़िता के मुकरने के मामले में सख्त टिप्पणी की है।
कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि पीड़िता ने अपने बयान को पूर्णता नकार दिया। ऐसे में वह सरकार की ओर से दिए जाने वाले किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति पाने की अधिकारिणी नहीं है, जो देश के करदाताओं के धन से दी जाती है। आदेश में लिखा है कि इस निर्णय की एक प्रति डीएम को भेजी जाए, ताकि यदि पीड़िता ने क्षतिपूर्ति की धनराशि सरकारी कोष से प्राप्त की है तो उसकी वसूली कर सरकारी कोष में जमा करें।
शहर की कोतवाली में एक महिला ने तहरीर देते हुए कहा था कि उसकी नाबालिग पुत्री इंटर की छात्रा थी। वह चार नवंबर वर्ष 2019 को कोचिंग पढ़कर घर वापस आ रही थी। इस दौरान अंशुमन मिश्रा उर्फ तोषी के कहने पर उसका छोटा भाई अपने मोबाइल से उसकी पुत्री का फोटो खींचने लगा। आरोप था कि तोषी आए दिन उसकी पुत्री का पीछा करता था।
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कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी अंशुमन और उसके भाई आयुष के विरुद्ध केस दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना करते हुए गवाहों के बयान दर्ज किए, जिसमें आयुष की नामजदगी झूठी पाई गई। पुलिस ने विवेचना के दौरान अंशुमन मिश्रा के विरुद्ध छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट में आरोपी ने आरोपों से इन्कार करते हुए परीक्षण की मांग की।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता और उसकी मां की गवाही कराई। इस प्रकरण में कोर्ट ने कहा कि अभियोजन तोषी पर लगाए गए आरोपों को साबित करने में पूर्णत: विफल रहा। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। संवाद
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कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि पीड़िता ने अपने बयान को पूर्णता नकार दिया। ऐसे में वह सरकार की ओर से दिए जाने वाले किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति पाने की अधिकारिणी नहीं है, जो देश के करदाताओं के धन से दी जाती है। आदेश में लिखा है कि इस निर्णय की एक प्रति डीएम को भेजी जाए, ताकि यदि पीड़िता ने क्षतिपूर्ति की धनराशि सरकारी कोष से प्राप्त की है तो उसकी वसूली कर सरकारी कोष में जमा करें।
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शहर की कोतवाली में एक महिला ने तहरीर देते हुए कहा था कि उसकी नाबालिग पुत्री इंटर की छात्रा थी। वह चार नवंबर वर्ष 2019 को कोचिंग पढ़कर घर वापस आ रही थी। इस दौरान अंशुमन मिश्रा उर्फ तोषी के कहने पर उसका छोटा भाई अपने मोबाइल से उसकी पुत्री का फोटो खींचने लगा। आरोप था कि तोषी आए दिन उसकी पुत्री का पीछा करता था।
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कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी अंशुमन और उसके भाई आयुष के विरुद्ध केस दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना करते हुए गवाहों के बयान दर्ज किए, जिसमें आयुष की नामजदगी झूठी पाई गई। पुलिस ने विवेचना के दौरान अंशुमन मिश्रा के विरुद्ध छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट में आरोपी ने आरोपों से इन्कार करते हुए परीक्षण की मांग की।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता और उसकी मां की गवाही कराई। इस प्रकरण में कोर्ट ने कहा कि अभियोजन तोषी पर लगाए गए आरोपों को साबित करने में पूर्णत: विफल रहा। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। संवाद